Noida के कितने गोदी मीडिया पत्रकार विशेषकर महिला एंकरों का कल से लेकर आज तक खून खौला?
देश की राजधानी दिल्ली में 2 महिला पत्रकारों को पुलिस थाने के अंदर ले जाकर पीटा गया, लेकिन चारों तरफ सन्नाटा है।
क्या वजह रही होगी?
Noida के कितने गोदी मीडिया पत्रकार विशेषकर महिला एंकरों का कल से लेकर आज तक खून खौला?
देश की राजधानी दिल्ली में 2 महिला पत्रकारों को पुलिस थाने के अंदर ले जाकर पीटा गया, लेकिन चारों तरफ सन्नाटा है।
क्या वजह रही होगी?
ऐसे ही नेताओं से रिश्तों के दम पर ये शख़्स हिंसक बयान देता है . मुस्लिमों को मारने की धमकी देता है . दलितों पर हमले करता है और इसका कुछ नहीं बिगड़ता है .
स्वतंत्र भारद्वाज जैसे नफरती गुंडों की जगह जेल है .
हमें बड़ी तकलीफ हुई थी जब भाजपा ने आपको दौड़ा दौड़ा कर गन्ना दिया था
जब भाजपा सरकार ने आपको गन्ना दिया था तब हमने भी आपको गन्ना पड़ने से बचाया था, मदद की थी, आवाज उठाई थी
2022 में हमीं थे, जिन्होंने आपको गन्ना लायक बनाया था, आपने तो पूरी कौम के साथ धोखा कर दिया
जिस भाजपा ने स्वाभिमानी जाट बिरादरी, समाज के ऊपर किसान आंदोलन में, जंतर मंतर पर अत्याचार किया था, उस जाट समाज को आपने भाजपा के हाथों बेच दिया? शर्म नहीं आई?
आज आप गन्ना गन्ना चिल्ला रहे हैं? आईने में देखिएगा तो पता चलेगा कि गन्ना कहां पड़ा है?
"sustained a head injury by Kada worn by one of the alleged during a scuffle" @DCPNewDelhi
Ofcourse he used his Kada as a weapon to attack the elderly Dalit Man.
Swatantra Bhardwaj का साथ दे रही है दिल्ली पुलिस? एक दलित का सिर फोड़ने के बाद भी ये खुलेआम धमकी दे रहा है और दावा कर रहा है कि दिल्ली पुलिस और बीजेपी के बड़े नेता उसके साथ हैं...
@vinay_sultan
अमित शाह की दिल्ली पुलिस एक तरफ़ छात्रों के साथ अमानवीय बर्बरता करती है। दूसरी तरफ़ एक दलित लड़की के पिता का सिर फोड़ने वाला अपराधी खुलेआम घूम रहा है।
@narendramodi जी, @AmitShah जी - ऐसे अपराधी को आपका और आपकी पार्टी के लोगों का संरक्षण क्यों है? यही दिमाग़ी नक्सल है क्या।
निशु, घबराने की ज़रूरत नहीं है। मैं तुम्हारे साथ हूँ।
साफ है कि तुम्हें इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि तुम अपने समुदाय और छात्रों के हक़ की आवाज़ उठाती हो।
अमित शाह की दिल्ली पुलिस एक तरफ़ छात्रों के साथ अमानवीय बर्बरता करती है। दूसरी तरफ़ एक दलित लड़की के पिता का सिर फोड़ने वाला अपराधी खुलेआम घूम रहा है।
@narendramodi जी, @AmitShah जी - ऐसे अपराधी को आपका और आपकी पार्टी के लोगों का संरक्षण क्यों है? अब भी कार्रवाई होगी या किसी को बचाते रहेंगे?
निशु, तुम्हारी लड़ाई अकेली नहीं है। हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक न्याय नहीं मिल जाता।
जय भीम। जय संविधान।
DCP Sachin Sharma gave a free pass to the goons at Jantar Mantar, refusing to take action or arrest any of them.
When our representatives went to speak to him, he threatened them, saying, “Ek baar tum aur Dipke haath lago, will beat you black and blue.”
He is also the same officer who allowed a truck loaded with stones to be parked at Jantar Mantar before the march.
He is the blue eyed boy of the regime.
स्वतंत्र भारत में * स्वतंत्र भारद्वाज * भी रहते हैं!
बेखौफ… बेलगाम… बेपरवाह…. बदनाम….
#दिल्लीपुलिस ( @DelhiPolice ) आपका ध्यान गया ना?? इस बार आप कुछ करेंगे ना??
नोट- जानकर वीडियो पोस्ट नहीं कर रहा हूं!
बहुत ही वीभत्स, गैरकानूनी और वाहियत इरादों को समाज में फैलाना नहीं है!
💔 60 टांके लगे मौत के मुंह से लौटे एक पिता।
और उनका हमलावर भाजपा के साए में बेख़ौफ़ घूमता रहा?
आरोप है कि स्टूडेंट प्रोटेस्ट के दौरान उन पर हमला किया गया। मामला गंभीर था, लेकिन आरोपी के बेख़ौफ़ घूमने और राजनीतिक संरक्षण ने कई सवाल खड़े कर दिए।
भाजपा राज में आम आदमी के लिए कानून अलग है क्या?
यह स्वतंत्र भारद्वाज है
शान से बता रहा है कि स्टूडेंट प्रोटेस्ट में प्रदर्शनकारी के पिता पर हमला किया - उन्हें 60 टांके लगे और वह मौत के कगार पर थे
307 के अंतर्गत हाफ मर्डर का मामला बनता था. लेकिन वह जेल नहीं गया - रात भर बेख़ौफ़ घूमता रहा
कपिल मिश्रा के एक फोन के बाद उसे राहत मिल गई
आगे बताता है कि कपिल मिश्रा, चिराग पासवान ही नहीं मोदी जी भी उसके “बड़े भाई” हैं, सबका समर्थन प्राप्त है
This guy is openly admitting that he attacked people at Jantar Mantar and that BJP leaders provided him immunity from police action afterwards.
How much more openly does someone have to admit it before @DelhiPolice takes action?
मेरी दिल्ली के कानून मंत्री @KapilMishra_IND कपिल मिश्रा को सलाह है कि उन्हें दो मे से एक काम तुरंत प्रभाव से जरूर करना चाहिए,
पहला, सबके सामने आकर स्वतंत्र भारद्वाज के बयान का खंडन करते हुए उस पर उन्हें बदनाम करने, झूठी अफवाह फैलाने और एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला करने के आरोप मे मुकदमा लिखवा कर गिरफ्तार करवाए
दूसरा, एक ट्वीट करके घोषणा कर दे कि वो स्वतंत्र भारद्वाज को छोटा भाई मानते है और उसके बयान का समर्थन करते है और दिल्ली पुलिस को आर्डर देते है कि छोटे भाई पर हाथ ना डाले
अब चुप रहने से काम नहीं चलेगा, बोलना तो पड़ेगा, अन्यथा इसे उनकी मौन स्वीकृति समझा जाएगा