@mK2yKgwbGz2R2Aq रुक जा, रुक जा ओ जानेवाली रुक जा
मैं तो राही तेरी मंज़िल का
नज़रों में तेरी मैं बुरा सही
आदमी बुरा नहीं मैं दिल का
#मुद्दत से मेरे दिल के सपनों की तू रानी है
अब तक ना मिले लेकिन पहचान पुरानी है
Kanhaiya (1959)
#मुकेश#शैलेन्द्र#शंकर_जयकिशन#गीतमाला
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@mK2yKgwbGz2R2Aq प्यार है इक निशान कदमो का
जो मुसाफ़िर के बा��� रहता है
भूल जाते है लोग सब लेकिन
कुछ न कुछ फिर भी याद रहता है
रोक लेती है राह में यादे
जब भी राहो से हम गुजरते है
खो गए कहकहों में जो उनको
आसुओ में #तलाश करते है
Mukti (1977)
#रफी
#आनंद_बक्षी
#RD_बर्मन
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