जमुई कांड में आरोपी नंदन कुमार यादव का हाफ एनकाउंटर हुआ।
प्रशंसनीय।
फुल एनकाउंटर क्यों नहीं?
भरत तिवारी का फुल एनकाउंटर होगा लेकिन एक नाबालिक के साथ गलत करने वाले मानसिक अपराधी का हाफ एनकाउंटर क्यों ?
कौन सा कानून इसको बचा रहा है ?
दूसरी बात:-
आरोपी पूरे 06-07 हैं तो जाति केवल नंदन कुमार यादव का ही क्यों बाहर लाया गया ? बाकी की जातीय पहचान क्यों छुपाई जा रही है ?
जब अपराध सबका बराबर है तो फिर सिर्फ एक का एनकाउंटर क्यों बाकी 5-6 का एनकाउंटर क्यों नहीं ?
अपराधियों को क्यों बचाया जा रहा है ?
भरत तिवारी को तो बीच सड़क पर गोली मारी गई थी इन 06 को कब गोली मारी जाएगी या कानूनी खेल में ये सब बचा लिए जायेंगे?
मुख्यमंत्री जी खुलकर बिहार की जनता को कहा है कि हरा गमछा वाले अपराधी हैं उनका एनकाउंटर होता रहेगा।
फिर भगवा गमछा वालों का बचाव क्यों ?
सभी 6 का फुल एनकाउंटर कब ?
बाकी सभी 05 का जातीय पहचान क्यों छुपाई गई है?
मुख्यमंत्री जी जवाब दें।
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@RailMinIndia mera pnr no. 6407217922 hai main gaya jo. Se train pakarna hai,or main 53403 se gaya aa rahi hu please help me ,humlog हरिद्वार ja rhe h बाबा ka darsan karne
इथेनॉल बहस में कार कंपनियों की कोई आवाज़ नहीं है। उन्हें सामने आकर अपना पक्ष रखना चाहिए। उनके सर्विस स्टेशन में कारें आती होंगी। बाइक आती होगी। कुछ तो फीडबैक होगा। उन्हें पता होगा कि मंत्री सही बोल रहे हैं या नहीं। क्या उन्हें भी डर लग रहा है? इतनी बड़ी बड़ी कार कंपनियाँ हैं और चूँ तक नहीं ? डर इस देश का बुनियादी चरित्र हो गया है।
गरीबी की परिभाषा भी अजब है।
₹8 लाख कमाने वाला OBC में "क्रीमी लेयर" हो जाता है, लेकिन वही ₹8 लाख EWS में "आर्थिक रूप से कमजोर" कहलाता है।
सवाल किसी उम्मीदवार की योग्यता पर नहीं है। सवाल यह है कि अगर IIT, MNC और महंगी कोचिंग तक पहुँच रखने वाले भी EWS हैं, तो फिर असली गरीब कहाँ है?
कहीं ऐसा तो नहीं कि हमने गरीबी की परिभाषा इतनी फैला दी कि गरीब ही उसमें गुम हो गया?
#EWS #UPSC #SocialJustice
@JaikyYadav16 Tum जैसे 2 kauri ke troller, tumara tweet वैभव dekhe इतने v बुरे दिन नहीं आए हैं उसका, sab jadav पीछे पर गया था,troll करने ke लिए ,Anil jadav ko गाली para wo sant बैठ गया
यह ख़बर कब आएगी कि NEET पेपर लीक की तरह प्रधानमंत्री राम मंदिर के चढ़ावे में डकैती के मामले को भी मॉनिटर कर रहे हैं। अभी तक FIR भी नहीं हुई। मीडिया की बेईमानी देखिए कि डकैती को चोरी लिख रहा है। इस देश में दो करोड़ तीन करोड़ अब ग़बन या डकैती नहीं है, चोरी है। ख़बर बड़ी न लगे क्या इसलिए गोदी मीडिया मौत की ख़बर को घायल लिखने लग जाएगा।