🚨 Breakiing News
मुंबई में साहिल वकोडे के माता-पिता को हिरासत में ले लिया गया है |
बहुत बढ़िया हुआ। दोनों प्रोफेसर सूर्यनारायण डुला पर झूठे आरोप लगाकर बदनाम करने पर तुले थे।
SC/ST को गाली दो तो गाली, ब्राह्मण को गाली दो तो पुरस्कार….:- बाबा रामदेव
बाबा रामदेव जी का जन्म यादव समाज में हुआ, आज ये संत हैं, संत की जाति नहीं बल्कि उससे ज्ञान पूछा जाता है।
संत का काम है समाज का मार्गदर्शन। ये कड़वी सच्चाई, संत ही बोल सकते हैं, राजनेता नहीं।
🚨 IIT बॉम्बे विवाद में बड़ा मोड़: 2 और IITs के फैकल्टी फोरम ने प्रो. डूल्ला का समर्थन किया 🔥
IIT कानपुर और IIT इंदौर के फैकल्टी फोरम अब उनके साथ खड़े हो गए हैं।
IIT कानपुर फैकल्टी फोरम का कहना है — प्रोफेसरों को “व्यक्तिगत बदनामी” के बिना काम करने का अधिकार होना चाहिए।🎯
मोदीजी ने 11 IIT बनाई हे इसमें से 7 दलितों को देकर चंद्रशेखर रावण को DIN बना दो चिराग पासवान जिम्मेदारी देना सब भर्तियों की
4 IIT में सवर्ण लोग पढ़ाई करेंगे कोई दिक्कत नहीं
आरक्षण वालों का विक्टिम कार्ड खेलना बंद होगा
दादाजी ने गजब दिल जीतने वाली बात बोली
सौरव दास आज फिर नोएडा के एक सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने पहुँचे, लेकिन इस बार स्थानीय लोगों ने ही जमकर विरोध कर दिया। 😭
लोगों ने साफ कह दिया—यहाँ आकर बच्चों को परेशान करना बंद करो।
मामला गरमाया तो सौरव दास खुद पीछे हट गए और अपने लोगों को आगे कर दिया…
ओडिशा तट पर मिला गैस का कुआं।
ओएनजीसी (ONGC) ने ओडिशा तट के पास महानदी ऑफशोर बेसिन में एक गहरे पानी वाले कुएं में गैस की खोज की है।
ओएनजीसी (ONGC) ने 'समुद्र मंथन' पहल के तहत यह कुआं खोजा है।
MN-DW18-1-H-D कुएं में 1,441–1,452 मीटर की गहराई पर गैस मिली है।
इस कुएं को 1,623 मीटर की तय गहराई तक खोदा गया था।
आरक्षण आपको एक जगह पर पहुँचा सकता है। आरक्षण आपको सर्जरी के classroom में बिठा सकता है, लेकिन वो आपको एक अच्छा surgeon नहीं बना सकता।
Reservation can give you a seat. It can never give you the knowledge required to do justice to that seat.
I stand with Professor Doolla.
An allegation cannot become a verdict.
Caste angle can’t be injected to cover up for cheating
Villainising a teacher before the facts are established can permanently damage his reputation even if he is later cleared.
Sahil’s family deserves answers but the professor deserves a fair hearing. Let evidence decide but don’t presume guilt until proven innocent. #IITBombay
नोएडा में इंस्पेक्शन करने गए कॉकरोच की बेइज्जती
जनता द्वारा फिर पेले गए और भी पेले जाएंगे
सौरभ दास का तो गाली देकर स्वागत किया
कुछ भी हो इनकी कुटाई नहीं रुकनी चाहिए
ये दुःखद है कि
हमारा एक साथी इस दुनिया से चला गया...
लेकिन जो प्रोफेसर के खिलाफ हो रहा वो गलत..
आप चीटिंग करोगे तो पकड़े ही जाओगे ✍️
स्टूडेंट - IIT बॉम्बे
आँखे खोलो सरकार... कबतक इन हरे आम जादों की ब्लैकमैलिंग में निर्दोष फँसते रहेंगे 🖐️
"हम जेल में थे, हमारे माँ बाप खत्म हो गए, दो भाई खत्म हो गए, उनके दाहसंस्कार के लिए भी नहीं निकलने दिया! जेल में हमको मारते पीटते थे! आज भी हम ठीक से चल नहीं पाते!"
-विष्णु तिवारी
बता दें कि विष्णु तिवारी को 20 साल तक जेल में फ़र्ज़ी SC/ST एक्ट लगाकर रखा गया!
और इनको 20 साल बाद, बाइज़्ज़त बरी होने के बाद भी आजतक कोई मुआवजा नहीं मिला!
किसी इंसान की जिंदगी खत्म हो गयी, लेकिन सरकार ने एक पैसा नहीं दिया! जबकि करोड़ों rupye SC/ST एक्ट में दिये जाते हैं औऱ फ़र्ज़ी केस साबित होने के बाद भी वसूले नहीं जाते!
धन्यवाद इस मीडिया को विष्णु तिवारी की आवाज़ जनता तक पहुंचाने के लिए!
पत्रकार:- SC/ST एक्ट के दुरुपयोग पर चर्चा चल रही है
जस्टिस गवई (पूर्व CJI):- इस एक्ट में संसद में कुछ संशोधन लाने चाहिए जिससे इसका मिस यूज रुके
पत्रकार:- लेकिन वो तो हो नहीं रहा है, संसद में इसमें सुनवाई नहीं कर रही है
जस्टिस गवई:- समाज को प्रेशर बनाना चाहिए, जैसे अभी CJP का आंदोलन था, जिससे सरकार सुने
दलित समाज से आने वाले जस्टिस गवई भी अब खुलकर SC/ST एक्ट के दुरुपयोग पर चर्चा कर रहे हैं।
IITs का concept जब रखा गया था तो विदेश में पढ़ रहे हमारे individuals को call भेजा गया कि आप लोग आइए, यहाँ IIT setup कीजिए। जैसे Anand Ranganathan जी के पिता S. Ranganathan जी विदेश से लौटकर 1966 में IIT Kanpur से जुड़े। उनकी माताजी D. Ranganathan ने भी विदेश से लौटकर IIT Kanpur में research की।
IIT Bombay कोई हल्का-फुल्का institute नहीं है। वहाँ एक well-respected Professor कितनी पीड़ा के साथ कह रहा है, “छोड़ो यार, sign करो, कटाओ।”
आप उनकी मनःस्थिति सोचिए।
ये IIT बॉम्बे का CCTV फुटेज है जिसमें साहिल एग्जाम देता दिख रहा है। बाद में प्रोफेसर दुल्ला उसके पास जाते दिखते हैं और फिर कुछ बात होने के बाद वो उन्हें अपने पैरों के बीच रखा मोबाइल फ़ोन सौंपता दिखता है।
फिर वो बाहर भेज दिया जाता है।