हिन्दू ह्रदय सम्राट व मराठा गौरव की उपाधि से अंलकृत पश्चिम में भारतीय गणराज्य के महानायक छत्रपति शिवाजी का जन्म 19 फरवरी ,1630 को पुणे के जुनार स्थित शिवनेरी दुर्ग में शाहजी भोंसले और माता जीजाबाई के घर हुआ|
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श्री महावीर का जन्म करीब ढाई हजार साल पहले (ईसा से 599 वर्ष पूर्व), वैशाली के गणतंत्र राज्य क्षत्रिय कुण्डलपुर में हुआ था। #MahavirJayanti#महावीर_जयंती#vskmalwa
महावीर जयंती के पावन अवसर पर मैं सभी देशवासियों, विशेषकर जैन समुदाय के सभी लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं। भगवान महावीर ने अहिंसा, सत्य और आत्मसंयम की शिक्षा दी तथा लोगों को करुणामय जीवन जीने की प्रेरणा दी। आइए, भगवान महावीर के उपदेशों से प्रेरणा लेकर हम एक अधिक संवेदनशील, शांतिपूर्ण और समावेशी समाज के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास करें।
श्री महावीर अहिंसा और अपरिग्रह की साक्षात मूर्ति थे। वे सभी के साथ समान भाव रखते थे और किसी को कोई भी दुःख देना नहीं चाहते थे।#MahavirJayanti#महावीर_जयंती#vskmalwa
जनमानस को ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जानी वाली दिव्य विभूति ने आत्मकल्याण तथा समाज कल्याण में अपना जीवन समर्पित कर मानवता पर परम उपकार किया। मानवता के कल्याण को दृष्टिगत रखते हुए उन्होंने सत्य, अहिंसा, अस्तेय, अपरिग्रह और ब्रह्मचर्य के रूप में पाँच सूत्र दिए थे, जिनकी सार्वकालिक प्रासंगिकता है।
भगवान महावीर ने नारीशक्ति को सम्मानजनक स्थान प्रदान करते हुए उन्हें खोया हुआ गौरव लौटा कर समाज में लैंगिक भेदभाव मिटाने का युगांतरकारी कार्य किया।
हमारी वर्तमान जीवन शैली से पर्यावरण को हो रही हानि से उसे बचाने में अपरिग्रह का सूत्र बहुत महत्वपूर्ण है। अहिंसा, सह-अस्तित्व और प्राणिमात्र में समान आत्मतत्व के दर्शन करने की उनकी शिक्षा का अनुपालन विश्व के अस्तित्व के लिए परम आवश्यक है।
Shri Mahavir Jayanti
श्री महावीर ने अहिंसा को ममता की आधार-शिला पर कुछ इस प्रकार प्रतिस्थापित किया कि उस युग की चिंतन धारा ही बदल गयी । उनका अहिंसा का सिद्धांत श्रमण तथा वैदिक दोनों ने ही स्वीकार किया । #MahavirJayanti#महावीर_जयंती#vskmalwa tr26