#AshramDarpan
Ashram Activities
Sant Shri Asharamji Ashram द्वारा प्राकृतिक आपदाओं के वक्त पीड़ितों तक हर जरूरी मदद पहुंचाई जाती है उन तक कपड़े, फल, औषधि, भोजन पहुंचाया जाता है।
ऐसी नि:स्वार्थ सेवाएं पिछले 55+ वर्षो से अविरत शुरू है।
Serving Mankind 🙏😊👌
मंदिर में प्रवेश करने से पहले जूते-चप्पल उतारना एक परंपरा मानी जाती है। कई लोग इसे आदर, विनम्रता और स्वच्छता से जोड़ते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके पीछे एक गहरा वैज्ञानिक और आध्यात्मिक कारण भी छिपा हुआ है?
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सिंध की संत परंपरा में स्वामी लीलाशाहजी महाराज का नाम अत्यंत श्रद्धा से लिया जाता है।
वे केवल एक संत नहीं, बल्कि ज्ञान, सेवा, करुणा और वैराग्य की जीवंत मिसाल थे।
दुःख हरने वाली वाणी, आत्मबल जगाने वाला सान्निध्य और लोककल्याण के लिए समर्पित जीवन—यही तो संतों की पहचान है।
आओ श्रोता तुम्हें सुनाऊं, महिमा लीलाशाह की।
सिंध देश के संत शिरोमणि, बाबा बेपरवाह की।
जय जय लीलाशाह
दुःख को हरते,सुख को भरते,करते ज्ञान की बात जी।
जग की सेवा लाला नारायण, करते दिन-रात जी।
जीवनमुक्त विचरते हैं ये, दिल है शंहांशाह की।
आओ श्रोता तुम्हें सुनाऊं..
#AsharamjiBapuQuotes
@Asharamjibapu__ सिंध की पावन धरती के संत शिरोमणि स्वामी लीलाशाहजी महाराज की महिमा सचमुच अद्भुत है।
जिनकी वाणी में ज्ञान, हृदय में करुणा और जीवन में लोकमंगल बसता हो, ऐसे संत युगों तक प्रेरणा देते हैं। 🙏✨
#AsharamjiBapuQuotes
मनुष्य के संकल्प में अद्भुत शक्ति छिपी होती है, क्योंकि वही उसके विचारों, प्रयासों और जीवन की दिशा तय करता है। लेकिन केवल संकल्प कर लेना पर्याप्त नहीं—उसकी सफलता दृढ़ता, निरंतरता और विश्वास पर निर्भर करती है।
@Asharamjibapu__ मनुष्य का संकल्प केवल एक विचार नहीं, बल्कि भीतर छिपी शक्ति को दिशा देने वाला सूत्र है।
जब संकल्प दृढ़ता, धैर्य और निरंतर प्रयास से जुड़ जाता है, तब असंभव लगने वाले कार्य भी संभव होने लगते हैं। 🙏✨
#AsharamjiBapuQuotes
सुख कोई ऐसी वस्तु नहीं जिसे केवल अपने लिए समेट लिया जाए; उसका असली सौंदर्य दूसरों तक बाँटने में है। इसी तरह मान-सम्मान को पकड़कर बैठना मन को धीरे-धीरे अहंकार और अपेक्षाओं का गुलाम बना देता है।
सुख लेने की चीज नहीं है। सुख देने की चीज है। मान लेने की चीज नहीं है। आप मान लेंगे न , तो आप अहंकारी बन जाएंगे। मान के गुलाम हो जाएंगे। मान की इच्छा ना करो। आप घाटे में मत पड़ो। मान लेने की चीज नहीं है।
#AsharamjiBapu
@Asharamjibapu__ सच्चा सुख पाने में नहीं, बाँटने में है; और सच्ची महानता मान लेने में नहीं, विनम्र रहने में है।
जो मान की चाह छोड़ देता है, वह अहंकार और अपेक्षाओं की गुलामी से बचकर अधिक शांत और स्वतंत्र जीवन जीता है। 🙏✨
#AsharamjiBapuQuotes
चीना भारत में उगाई जाने वाली एक महत्वपूर्ण लघु अनाज फसल है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह बहुत जल्दी पक जाती है और इसे उगाने के लिए बहुत कम पानी की आवश्यकता होती है। इस कारण यह सूखा प्रभावित क्षेत्रों में भी अच्छी तरह उगती है।
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Instilling moral values in children is the greatest contribution to a nation.
To advance this, Sant Shri Asharamji Bapu #Ashram in #Bengaluru conducted #Balsanskar classes for Brilliant English High School students in HSR Layout, Bangalore, on 13.06.26.
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#shorts
जितना आप अंतर्यात्रा करते हैं उतना दृढ़वृता होते हैं।जितना बाहर के जगत से सुख लेने की बेवकूफी बढ़ती है,उतना आदमी चंचल हो जाता है।
खैर,जो बीत गया उसको याद करके अपने को कमजोर मत बनाओ।
अब दृढ़ संकल्प करो कि इतना जप करूंगा। हिम्मत देने वाले शास्त्रों को पढूंगा।
#AsharamjiBapu
धन, पद और सुविधाएँ जीवन को आराम दे सकती हैं, लेकिन आत्मशांति और वास्तविक समृद्धि सत्संग से मिलती है। सत्संग मनुष्य को अपने भीतर के धन—श्रद्धा, विवेक, संतोष और आत्मसुख—से जोड़ता है।
सत्संग और भगवान में श्रद्धा होनी चाहिए। दुनिया का धन-संपदा मिल जाए, लेकिन जिस आदमी को सत्संग नहीं है वो अभागा जरूर है। बड़े में बड़ा दुर्भाग्य है जन्म - मरण, बड़े में बड़ा दुर्भाग्य है आत्मसुख से वंचित रहना, बड़े में बड़ा दुर्भाग्य है अंतरात्मा की ख़बर नहीं। अगर सत्संग है तो शबरी भीलन की तरह रहता है, फिर भी धनभागी है और राजा जनक की तरह रहता है फिर भी धनभागी है। गरीब होकर रहता हो या धनवान होकर रहता हो अगर सत्संग है तो वो सचमुच में आत्म धन से धनवान है।
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