समाज से सहयोग की अपील, एक साल का सफर… आपका साथ और हमारा संकल्प।
आज ही के दिन हमने जयचंद मीडिया की शुरुआत की थी। देखते ही देखते आज हमारी इस यात्रा को एक वर्ष पूरा हो गया। इस पूरे सफर में आपने जिस तरह अपना स्नेह, विश्वास और समर्थन दिया, उसके लिए हम हृदय से आप सभी के आभारी हैं।
आज जयचंद मीडिया केवल एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म नहीं रहा, बल्कि हमारा परिवार लगातार कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से बढ़ रहा है। हमने अपनी सीमित क्षमता और उपलब्ध संसाधनों के बावजूद पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपना दायित्व निभाने का प्रयास किया है।
इस यात्रा में चुनौतियाँ कम नहीं थीं। लेकिन आज हमारे सामने एक ऐसी चुनौती है, जिसका समाधान केवल हमारी व्यक्तिगत क्षमता से संभव नहीं है, संसाधनों की कमी।
2019 से ठाकुर फोर्स के माध्यम से और अब जयचंद मीडिया के माध्यम से हम लगातार अपने स्तर पर कार्य करते आए हैं। आज तक हमने कभी अपने निजी खर्चों के लिए समाज से सहयोग नहीं माँगा। लेकिन आज हम जो सहयोग माँग रहे हैं, वह किसी व्यक्तिगत आवश्यकता के लिए नहीं, बल्कि इस कार्य को और मजबूत करने के लिए है।
हम जयचंद मीडिया को केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रखना चाहते। हमारा प्रयास है कि इसे ग्राउंड पर भी पूरी निष्ठा और मजबूती के साथ उतारा जाए, ताकि समाज से जुड़ी आवाज़ों को बेहतर तरीके से सामने लाया जा सके। इसके लिए कैमरा, माइक्रोफोन, यात्रा और अन्य आवश्यक संसाधनों की आवश्यकता है।
और इसीलिए आज पहली बार हम आपसे सहयोग की अपेक्षा कर रहे हैं।
सच कहें तो यह अपील लिखते हुए हमारा जमीर भी हमें यही कहता है कि यदि हम समाज के लिए काम करने का दावा करते हैं, तो आवश्यकता के समय समाज के सामने अपनी जरूरत रखने में भी संकोच नहीं होना चाहिए।
आपका एक-एक सहयोग हमारे लिए केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि हमारे संकल्प पर आपका विश्वास होगा।
हम पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य करेंगे। जिस भी खाते का विवरण साझा किया जाएगा, उसमें प्राप्त सहयोग राशि और उस राशि का कहाँ और किस कार्य में उपयोग किया गया, इसका पूरा विवरण आप सभी के सामने रखा जाएगा।
क्योंकि जयचंद मीडिया हमारा अकेले का नहीं, आपका भी है।
और सच तो यह है, आपसे ही हम हैं।
आज इस एक वर्ष की यात्रा पर हम आपको धन्यवाद भी कहना चाहते हैं और आगे की यात्रा के लिए आपका हाथ भी माँगना चाहते हैं।
आइए, साथ मिलकर जयचंद मीडिया को सोशल मीडिया से ग्राउंड तक ले जाएँ।
आपका साथ रहेगा, तो हमारा संकल्प और मजबूत होगा।
जयचंद मीडिया परिवार
पूर्वाग्रह से परे
कुछ दिनों पूर्व सोशल मीडिया पर कुछ गैर-क्षत्रिय संगठनों एवं व्यक्तियों द्वारा यह प्रश्न उठाया जा रहा था कि क्षत्रियों का भगवान गौतम बुद्ध से क्या संबंध है और क्षत्रिय परिषद द्वारा किस आधार पर Logo में गौतम बुद्ध भगवान की तस्वीर इस्तेमाल की जा रही है। यह देखकर आश्चर्य हुआ कि इतिहास के इतने महत्वपूर्ण तथ्यों से आज भी अनेक लोग अनभिज्ञ हैं।
वास्तविकता यह है कि भगवान गौतम बुद्ध का जन्म गौतम/शाक्य क्षत्रिय कुल में हुआ था और भारतीय इतिहास इस बात का साक्षी है कि बौद्ध धर्म के संरक्षण, प्रचार-प्रसार और विस्तार में अनेक क्षत्रिय राजाओं एवं वंशों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। यह एक स्थापित ऐतिहासिक तथ्य है।
आज के समय में इतिहास से अधिक दृश्य प्रभाव का दौर है, "जो दिखता है, वही बिकता है।" इसलिए आवश्यकता है कि हम अपने इतिहास और विरासत को सकारात्मक एवं तथ्यात्मक रूप से समाज के सामने रखें।
इसी उद्देश्य से लेफ्टिनेंट जनरल हनुत सिंह राठौड़, PVSM, MVC की जयंती के अवसर पर हम सभी क्षत्रिय बंधुओं से एक विशेष अभियान में सहभागी बनने का आग्रह करते हैं। लेफ्टिनेंट जनरल हनुत सिंह राठौड़ 1971 के भारत-पाक युद्ध के महानायक होने के साथ-साथ भगवान बुद्ध के प्रति गहरी श्रद्धा रखने वाले व्यक्तित्व भी थे। उनका जीवन यह दर्शाता है कि वीरता, अध्यात्म और करुणा, ये तीनों एक साथ चल सकते हैं।
आइए, आज उनकी जयंती पर हम सभी मिलकर यह संदेश दें कि क्षत्रिय समाज भगवान बुद्ध के प्रति सम्मान और श्रद्धा रखता है।
#KshatriyaLovesBuddha
इस अभियान में अधिक से अधिक सहभागी बनें।
* #KshatriyaLovesBuddha हैशटैग का प्रयोग करें।
* अपने ट्वीट/पोस्ट में लिखें कि आप किस क्षेत्र के निवासी हैं और किस क्षत्रिय वंश से संबंध रखते हैं।
* यदि आपके घर या परिवार में भगवान बुद्ध की प्रतिमा या चित्र स्थापित है, तो उसकी तस्वीर भी साझा करें।
आइए, इतिहास, आस्था और सामाजिक समरसता का यह संदेश पूरे देश तक पहुंचाएं
अगर आपकी नजरमें भी कोई क्षत्रिय युवक अपनी विधानसभा से आगामी 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए तैयारी कर रहा है, तो कृपया उसका नाम कमेंट में जरूर बताएं हमने सिलसिले तौर पर अपनी तरफ से एक सूची तैयार की है, इसमें हमने प्राथमिकता दी है वैसे लोगों को जो पहली बार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं या पहले भी आजमाया है तो जीते नहीं है।
2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रथम बार भविष्य आज़मा रहे क्षत्रिय उम्मीदवारों की सूची
| क्र.सं. | नाम | विधानसभा / जिला |
| ------: | -------------------------- | ----------------------------- |
| 1 | सिद्धार्थ सिंह | वाराणसी |
| 2 | आकाश सिंह 'सनी' | वाराणसी / मिर्जापुर |
| 3 | विपुलेंद्र प्रताप सिंह | मऊ |
| 4 | शक्ति सिंह | मऊ |
| 5 | राहुल राठौर | मैनपुरी |
| 6 | शशांक शेखर सिंह | लखनऊ |
| 7 | शिवम चौहान | मैनपुरी |
| 8 | शालिनी सिंह | नोएडा |
| 9 | सुमित प्रताप सिंह | मैनपुरी |
| 10 | अंतरंजय सिंह 'गोल्डी राजा' | उन्नाव |
| 11 | रितेश सिंह | गाजीपुर |
| 12 | कृष्ण मोहन शाही | हाटा विधानसभा, कुशीनगर |
| 13 | बड़े राजा | प्रतापगढ़ |
| 14 | छोटे राजा | प्रतापगढ़ |
| 15 | रुद्रदमन सिंह (बबलू सिंह) | लखनऊ |
| 16 | अजय सिंह | बरौली विधानसभा, अलीगढ़ |
| 17 | राहुल सिंह | छर्रा विधानसभा, अलीगढ़ |
| 18 | सुमंत किशोर सिंह | सिकंदराबाद विधानसभा, बुलंदशहर |
| 19 | सूर्यप्रताप सिंह | सिकंदराबाद विधानसभा, बुलंदशहर |
| 20 | सुग्रीव चौहान | — |
| 21 | शेर सिंह राणा | बीकेटी (बख्शी का तालाब), लखनऊ |
| 22 | पवन सिंह | लखनऊ |
| 23 | नीरज प्रताप सिंह | जलालपुर विधानसभा, अंबेडकरनगर |
| 24 | अभिषेक सिंह 'सोनू' | जफराबाद विधानसभा, जौनपुर |
| 25 | नीरज पुंडीर | बुढ़ाना विधानसभा, मुजफ्फरनगर |
| 26 | अंकित राणा | बुढ़ाना विधानसभा, मुजफ्फरनगर |
| 27 | रविंद्र पुंडीर | चरथावल विधानसभा, मुजफ्फरनगर |
| 28 | ठाकुर यशपाल सिंह | चरथावल विधानसभा, मुजफ्फरनगर |
| 29 | ठाकुर रामपाल सिंह | खतौली विधानसभा, मुजफ्फरनगर |
| 30 | अभिषेक पुंडीर | खतौली विधानसभा, मुजफ्फरनगर |
| 31 | अतुल पुंडीर | मीरापुर विधानसभा, मुजफ्फरनगर |
| 32 | मुकेश सिंह चौहान | लखनऊ पूर्व विधानसभा |
| 33 | अमित सिंह 'प्रिंस' | भदोही |
एटा का गौरव: ताईक्वांडो ग्रैंड मास्टर मा. श्री अभय सिंह राठौर
ताईक्वांडो की अद्भुत कला में निपुण, ग्रैंड मास्टर मा. श्री अभय सिंह राठौर ने एटा जनपद का नाम न सिर्फ भारत में बल्कि विश्व पटल पर भी गौरवान्वित किया है। उनका जीवन अनुशासन, मेहनत और समर्पण की मिसाल है।
उत्तर प्रदेश के एटा जनपद के अलीगंज तहसील क्षेत्र के बढ़ापुर गाँव के मूल निवासी हैं। यह हम सबके लिए गर्व की बात है कि हमारे क्षेत्र की मिट्टी से निकला एक प्रतिभाशाली सपूत आज अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भारत का परचम लहरा रहा है।
8वीं डैन ब्लैक बेल्ट, कुक्कीवोन (दक्षिण कोरिया 🇰🇷) से प्रमाणित
सह-संस्थापक: ब्लैक बेल्ट वर्ल्ड (अंतर्राष्ट्रीय ताईक्वांडो संगठन)
सह-संस्थापक: ग्लोबल ट्रेडिशनल ताईक्वांडो फेडरेशन (GTTF)
राज्य प्रतिनिधि (उत्तर प्रदेश): योंगमुडो फेडरेशन ऑफ इंडिया 30 वर्षों से अधिक समय से उन्होंने अमेरिका, दक्षिण कोरिया, कनाडा, कोस्टा रिका और भारत में ताईक्वांडो संस्थान चलाकर हजारों युवाओं को इस प्राचीन मार्शल आर्ट की शिक्षा दी है।
अब उन्होंने अपने पैतृक गाँव और आसपास के क्षेत्रों में ताईक्वांडो अकादमियाँ खोलकर ग्रामीण युवाओं को आत्मरक्षा, अनुशासन और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग का अवसर प्रदान किया है। एटा में खोले गए उनके स्कूल में विश्व के कई देशों के प्रसिद्ध ग्रैंड मास्टर और चैंपियन अपना अनुभव और प्रशिक्षण साझा कर रहे हैं जो न केवल खेल जगत के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक नई प्रेरणा है।
अभय सिंह राठौर जी का समर्पण, मेहनत और राष्ट्रभक्ति आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका प्रयास ताईक्वांडो को एक खेल से आगे बढ़ाकर एक जीवनशैली बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।
प्रतिहार राजवंश की
पहली राजधानी #मंडोर
मे प्रतिहार राजपूत मिलते हैं गुज्जर नहीं
दूसरी राजधानी #भीनमाल मे प्रतिहार राजपूत मिलते हैं गुज्जर नही
तीसरी राजधानी #कन्नौज मे प्रतिहार राजपूत मिलते हैं गुज्जर नही
#RAJPUTSAMRATMIHIRBHOJPARIHAR
भारतवर्ष को नृशंस अरब हमलावरों के आक्रमण से भयमुक्त करने वाले "भगवान श्रीराम के भ्राता सौमित्र(लक्ष्मण)के वंशज, उत्तर भारत के एकछत्र सम्राट रहे मिहिरभोज प्रतिहार (परिहार)" की जयंती पर उनको शत शत नमन 🙏
#RAJPUTSAMRATMIHIRBHOJPARIHAR
अरब आक्रमणकारियों के प्रतिरोध में अद्वितीय पराक्रम दिखाने वाले,
भारत की सीमाओं की रक्षा करने वाले,
लक्ष्मणवंशी क्षत्रिय योद्धा सम्राट मिहिरभोज प्रतिहार जी को
उनकी जयंती पर शत्-शत् नमन 🙏
#RAJPUTSAMRATMIHIRBHOJPARIHAR
सम्राट मिहिरभोज जी की जयंती के पावन अवसर पर आगामी 18 अक्टूबर को, उनका स्मरण करते हुए सभी साथी एक ट्वीट अवश्य करें। क्षत्रिय सम्राट मिहिरभोज प्रतिहार/परिहार की जय 🚩
#RAJPUTSAMRATMIHIRBHOJPARIHAR
सूर्यवंश के देदीप्यमान नक्षत्र, इक्ष्वाकु, रघु, दिलीप की परंपरा के संवाहक, मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के अनुज महाराज लक्ष्मण जी के विशुद्ध वंशज, राजपूत सम्राट मिहिरभोज प्रतिहार(परिहार) जी की जयंती पर शत शत नमन 🙏
#RAJPUTSAMRATMIHIRBHOJPARIHAR
𝗨𝗻𝘀𝘂𝗻𝗴 𝗛𝗲𝗿𝗼𝗲𝘀 𝗼𝗳 𝗢𝘂𝗿 𝗖𝗼𝗺𝗺𝘂𝗻𝗶𝘁𝘆
(समाज के गुमनाम नायक)
Episode 22
आज हम बात करने जा रहे हैं ऐसे व्यक्तित्व की जिनका 22 नरेश की उपमा से सुसज्जित किया गया और 22 वा एपिसोड उन्हें पर लिखा जाए उससे बढ़िया क्या हो सकता है, आज हम बात करने जा रहे हैं @leo_ajay_singh अजय सिंह बैस जी की जो मूल रूप से बैसवाड़े से संबंध रखते हैं।
इस व्यक्ति के बारे में जितना अपशब्द कहा जाए उतना कम है, नायक से बड़े यह खलनायक हैं, ऐसा कोई ट्विटर पर प्रचलित बड़ा क्षत्रिय हैंडल नहीं होगा(अन्य जाति से तो कोई हिसाब ही नहीं), जिससे यह बहस मनमुटाव नहीं किए होंगे, हर आदमी इनको disown करना चाहता है, और उनसे दूरी बनाना चाहता है, पहले जब तक स्पेस में इनको सुना नहीं था। तो इनको देखकर इतनी घृणा होती थी कि लगता था कि एक बार बस मिल जाए उनको बताऊंगा जैसे-जैसे अगले की बात सुनना शुरू किया तो कुछ प्रतिशत भाव बदला मगर आंकड़ा केवल इकाई में ही था।
बाद में एक पैटर्न समझ में आया कि व्यक्ति की खूबी है कि इनको कुछ भी भला बुरा कह दीजिए इन्हें कोई असर नहीं पड़ता है, मगर आप इनकी बातों का बुरा मान रहे हैं तो, यह आपक ट्रिगर करने में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं, यह चाहते हैं कि लोगों को trigger करें एवं यह जानकर अगले के प्रति फालतू बातें लिखकर उत्तेजित करते हैं, मगर जैसा कहते हैं कि बंद घड़ी भी एक दिन में दो बार सही समय दिखा देती है उसी प्रकार समाज इस व्यक्ति की कुछ खासियत भी है उनमें से ही एक है मॉडर्न क्षत्रिय वेबसाइट की शुरुआत करना जिसमें 30,000 के लगभग खुद की पूंजी लगाकर अगले ने शुरुआत की थी, वेबसाइट डेवलपमेंट का काम इन्होंने स्वयं किया था क्योंकि आईटी बैकग्राउंड की अच्छी खासी समझ होने के कारण यह करना इनके लिए कोई बड़ी बात नहीं थी मगर वेबसाइट की शुरूआत इन्होंने की और उस पर 200 से ऊपर लेख भी स्वयं लिखें, वेबसाइट को लगभग 2 साल तक चलाया अभी मगर एक वक्त के बाद ज्यादा व्यस्तता के कारण को सुचारू रूप से नहीं चल पाए और घटती लोकप्रियता भी एक कारण बनी। वेबसाइट के माध्यम से समाज में क्रांति जागने का कार्य हुआ, यही नहीं समाज का कोई भी मददगार व्यक्ति को धनराशि की जरूरत हो उसमें संबंधित ट्वीट किया जाए तो पहले पंक्ति में दानदाताओं की सूची में अजय सिंह बैस जी का नाम रहता है इसके अलावा किसी भी प्रकार का सलाह लेना हो चाहे वह करियर से जुड़ी हो या रोजगार से जुड़ी हो सटीक एवं बिन मलाईदार लाव लपेट के सच बात रखना इनकी खूबी में से है, मगर जब आप में बुराइयां ज्यादा हो और अच्छाइयां काम हो तो अच्छाइयां किसी को दिखती नहीं, वही हाल इनका भी समाज में जो बात चल रही होगी उसके धारा प्रवाह के उलट इनकी बात चलती है, मगर इन सब बातों के बीच में भी आज जो समाज दलित समाज के प्रति सॉफ्ट कॉर्नर रखने लगा है उसमें बहुत बड़ा देन इन्हीं का है शुरुआती सोशल मीडिया पर अगर सर्वप्रथम दलित एवं क्षत्रिय एकता की बात कोई पुरजोर तरीके से लिखना था, तो वह यही थे। उसके बाद उन्होंने इसी फेहरिस्त में आगे बढ़ते हुए मुस्लिम एवं क्षत्रिय समाज की एकता पर भी जोरों शोरों से लिखना शुरू किया और इन्हीं की दी हुई टर्म है "डीएमके" जो आज एक समीकरण के रूप में स्थापित होती दिख रही है, जो अधिकांश लोग प्रयोग भी करते हैं, बाकी अगले के बारे में और लिखना समय और मेहनत की बर्बादी होगी बस इतना लिख दिया वह ही काफी है।
बाकी आप लोग भी इनसे जुड़े क़िस्से कमेंट में साझा करें