विगत दिनों भारतीय जनता पार्टी केंद्रीय कार्यालय, नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त राष्ट्रीय मंत्री एवं सदैव प्रोत्साहित करने वाले अग्रज आदरणीय @swadesh171 जी से आत्मीय भेंट कर उन्हें नवदायित्व के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित की।
आदरणीय स्वदेश जी की यह यात्रा मैंने व्यक्तिगत रूप से बहुत करीब से देखी है इसलिए यह भाव व्यक्त कर रहा हूं।
एक सामान्य परिवार से आने वाले एक साधारण कार्यकर्ता से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण दायित्वों तक की उनकी इस यात्रा का मैं साक्षी रहा हूँ।
उनकी यह यात्रा केवल एक व्यक्ति की उपलब्धियों की कहानी नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी के उस संगठनात्मक संस्कार और विश्वास का प्रमाण है, जहाँ एक सामान्य परिवार से आने वाले कार्यकर्ता के समर्पण, परिश्रम, प्रतिभा और निष्ठा का भी राष्ट्रीय नेतृत्व मूल्यांकन करता है और उसे दायित्व देकर सम्मानित करता है।
भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यालय प्रभारी से लेकर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तक, दिल्ली विश्वविद्यालय के प्राध्यापक के रूप में अकादमिक जगत में योगदान से लेकर #Academics4Nation,
#Academics4NaMo ,
जैसे महत्वपूर्ण अभियानों के माध्यम से देश के कॉलेज परिसरों, अकादमिक एवं बौद्धिक वर्ग के बीच राष्ट्रवादी विचारधारा और आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत के संकल्प को पहुँचाने तक—स्वदेश जी ने हर भूमिका को पूरी निष्ठा, समर्पण और तपस्या के साथ निभाया है।
G20 के अंतर्गत C20 के Sous-Sherpa के रूप में देशभर में कार्यरत स्वयंसेवी संगठनों को अंतरराष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराने, उनके सेवा कार्यों और जनसरोकारों को वैश्विक विमर्श तक पहुँचाने का उनका प्रयास भी अत्यंत उल्लेखनीय रहा है।
देशभर के ऐसे अनेक Young Thinkers, जिनकी कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं थी, उन्हें Mentor के रूप में मार्गदर्शन देकर राष्ट्र निर्माण की विचारधारा से जोड़ने का कार्य भी स्वदेश जी के व्यक्तित्व की विशेषता रही है। शायद यही कारण है कि वे युवा मन को इतनी सहजता से समझते हैं, क्योंकि वे स्वयं उसी परिवेश से निकलकर इस यात्रा को तय कर यहाँ तक पहुँचे हैं।
उन्होंने जिस भी भूमिका का निर्वहन किया, उसे केवल दायित्व के रूप में नहीं, बल्कि एक बड़े उद्देश्य के प्रति अपनी जिम्मेदारी मानकर पूरी निष्ठा और तन्मयता से निभाया।
आज आदरणीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नबीन जी द्वारा उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सम्मिलित किया जाना निश्चित रूप से देशभर के प्रत्येक समर्पित कार्यकर्ता के मन में एक नया विश्वास और सपना जगाता है
भाजपा में कार्यकर्ता का परिश्रम कभी अनदेखा नहीं जाता।
एक साधारण कार्यकर्ता भी अपनी मेहनत और समर्पण के बल पर राष्ट्रीय दायित्व तक पहुँच सकता है।
स्वदेश जी की यह उपलब्धि मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से भी अत्यंत आनंद और गर्व का विषय है। उनकी यात्रा हम जैसे असंख्य कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा है कि विचार के प्रति निष्ठा, संगठन के प्रति समर्पण और निरंतर परिश्रम के साथ आगे बढ़ते रहें।
हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएँ, आदरणीय स्वदेश भैया।
श्री जामसांवली हनुमानजी से कामना है कि आपका यह नया दायित्व राष्ट्रसेवा की आपकी यात्रा को नई ऊँचाइयों तक ले जाए और आपके अनुभव, ऊर्जा एवं विचारों का लाभ संगठन और राष्ट्र को निरंतर मिलता रहे। 🙏🏻🇮🇳
General Category in India:
Pay taxes.
Lose seats.
Get no political support.
And shut up.
Your vote doesn’t matter.
Your taxes do.
Democracy, with terms & conditions.
#UGC_काला_कानून_वापस_लो
JNU has taught me a great deal, both inside and outside the classroom. It strengthened my conviction in nationalism and made my resolve to work towards the pursuit of the Indian civilisational ethos even stronger.
Thank you, AAJ, for remembering me and for your warm wishes. I remain deeply grateful for the values, friendships and experiences that JNU has given me.
@JNU_official_50
When NDTV India was launched last time, you copied an advertisement from a Korean campaign and presented it as your own, while also copying shows from other channels. This time, let’s see whose work you copy and repackage as something new for the audience. Can’t you come up with anything original, Rahul Kanwal ?
@rahulkanwal@ndtvindia@ndtv@republic@aajtak@ZeeNews
ये पुरूषोत्तम हैं। जन सुराज पार्टी के कार्यकर्ता थे। लेकिन आज प्रशांत किशोर के कट्टर विरोधी हैं।
इनके साथ धोखा हुआ और आज ये बांकीपुर में प्रशांत किशोर के ख़िलाफ़ वन मैन आर्मी बनकर प्रचार में उतर गए हैं।
ऐसे ना जाने कितने पुरूषोत्तम हैं जो प्रशांत किशोर का शिकार बने हैं।
जैसे 1980 के दशक में अपराधी, नेताओं के लिए गुंडई करते करते 1990 के दशक में चुनाव लड़ने लगे उसी तरह 2010 के दशक में राजनीति के रणनीतिकार बनकर आए “सेल्समेन” भी 2020 के दशक में चुनावी राजनीति में आ गए हैं।
जितने घातक वो क्रिमिनल से कन्वर्ट हुए वो नेता थे उससे कहीं घातक “राजनीति का कॉरपोरेटाइज़ेशन” करने वाले ये “सेल्समेन राजनेता” हैं जो “धन से सुराज” लाने में लगे हैं।
आज जब विभाजनकारी ताकतें सामाजिक विघटन के माध्यम से देश को कमजोर करने में लगी हैं ऐसे में सामाजिक एकता कायम करना वक्त की ज़रूरत है जिसमें संवाद की बड़ी भूमिका है।
संवाद बराबरी पर हो, तर्कपूर्ण हो और सम्मानपूर्वक हो - इसका एक बेहतरीन उद्धरण मिलता है रामचरित मानस में जहाँ भगवान राम का केवट से संवाद होता है।
छन्नू लाल मिश्रा जी ने बहुत ही भावुक होकर गाया है। एक बार सुनना चाहिए -
https://t.co/yM1j0Nifxl
संडे- चमकीला फिल्म बनाउंगा, जो खुद आतंकियों के हाथों मारा गया था।
मंडे- पंजाब 1995 फिल्म बनाउंगा और एक तरफा कहानी सुनाकर अलगावादियों के लिए सहानूभूति भी खड़ा करुंगा। बेअंत सिंह, गिल को विलन बना दूंगा।
कोई मरे, कोई जिये
हर तरफ की कहानी सुनाकर पैसा और वाहवाही लूटुंगा
मुकाबला जैसा कुछ है नहीं बांकीपुर में।
चुनाव बूथ पर लड़े जाते हैं।
बांकीपुर में बीजेपी बूथ पर बहुत मजबूत है।
आरजेडी बांकीपुर में बहुत कमजोर है।
जन सुराज सिर्फ सोशल मीडिया पर चुनाव लड़ता लड़ता है।
#Bankipur
मुकाबला जैसा कुछ है नहीं बांकीपुर में।
चुनाव बूथ पर लड़े जाते हैं।
बांकीपुर में बीजेपी बूथ पर बहुत मजबूत है।
आरजेडी बांकीपुर में बहुत कमजोर है।
जन सुराज सिर्फ सोशल मीडिया पर चुनाव लड़ता लड़ता है।
#Bankipur
साल 2009 में जब यूपीए-2 की सरकार सत्ता में आई, तब गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में @narendramodi जी राष्ट्रीय राजनीति में तेजी से उभर रहे थे। गुजरात विकास की नई कहानी लिख रहा था। प्रति व्यक्ति आय बढ़ रही थी, मैन्युफैक्चरिंग मजबूत हो रही थी, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार हो रहा था और मूलभूत सुविधाओं का विस्तार हो रहा था।
लेकिन सच कहूं तो मुझे मोदी जी की ओर केवल विकास ने आकर्षित नहीं किया था।
वह ऐसा समय था जब अपनी हिंदू पहचान को खुलकर स्वीकार करना कई लोगों के लिए असहज बना दिया गया था। "हिंदू आतंकवाद" जैसे शब्दों के माध्यम से करोड़ों हिंदुओं की आस्था को कटघरे में खड़ा किया जा रहा था। ऐसे समय में नरेंद्र मोदी जी बिना किसी झिझक के स्वयं को "हिंदू राष्ट्रवादी" कहते थे। एक ऐसी युवती के रूप में, जो अपने धर्म और संस्कृति में आस्था रखती थी, उनका यह आत्मविश्वास मुझे प्रेरित करता था।
उस दौर में मीडिया के एक बड़े वर्ग और राजनीतिक विरोधियों द्वारा लगातार कहा जाता था कि मोदी जी कभी पूरे भारत को साथ लेकर नहीं चल पाएंगे, वे गठबंधन की सरकार नहीं चला सकते और कभी प्रधानमंत्री नहीं बन सकते। उनके खिलाफ तरह-तरह के प्रोपेगेंडा बनाए गए।
लेकिन लोकतंत्र में अंतिम निर्णय जनता का होता है।
2014 आया, फिर 2019 और फिर 2024। हर चुनाव के साथ जनता का विश्वास और मजबूत होता गया।
जिनके बारे में कहा जाता था कि वे गठबंधन की राजनीति नहीं समझते, उन्होंने पूर्ण बहुमत होने के बावजूद अपने सहयोगी दलों को सम्मान दिया, उन्हें सरकार में भागीदारी दी और साथ लेकर चलने का प्रयास किया। जो कभी उनके कट्टर विरोधी थे, उनमें से कई आज उनके सहयोगी बन चुके हैं।
इन वर्षों में देश ने अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीन पर उतरते देखा। उज्ज्वला योजना से महिलाओं को धुएं से राहत मिली, जनधन योजना ने करोड़ों गरीबों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा, गरीबों के लिए मुफ्त राशन की व्यवस्था हुई, किसानों के लिए किसान सम्मान निधि आई और छोटे उद्यमियों को आगे बढ़ने के अवसर मिले।
आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी 4,399 दिनों तक लगातार देश की सेवा करने का रिकॉर्ड बना चुके हैं। पंडित जवाहरलाल नेहरू के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए वे भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले जन-निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं।
यह केवल दिनों की गिनती नहीं है।
यह उस विश्वास की कहानी है, जो एक मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री तक की यात्रा में करोड़ों भारतीयों ने उनके प्रति व्यक्त किया है।
एक महिला होने के नाते, मैंने यह महसूस किया है कि जब नेतृत्व में दृढ़ता, स्पष्टता और सेवा का भाव होता है, तो जनता उसे बार-बार अपना आशीर्वाद देती है।
🇮🇳 जन-विश्वास का नया इतिहास!
कुछ नेताओं को इतिहास याद रखता है, लेकिन कुछ नेता इतिहास बना जाते हैं।
#LongestServingElectedPMModi #PMModi #NarendraModi #ViksitBharat #NewIndia
माननीय @uptransportdept एवं @UPGovt, दिनांक 01/06/2026 को शाम लगभग 05:45 बजे बस संख्या UP78JT7362 (हरिद्वार से मेरठ) को दीपमाला ढाबा(मुज़फ्फरनगर) पर रोका गया। वहां कई दुकानों पर वास्तविक संचालक/स्वामी की पहचान स्पष्ट रूप से प्रदर्शित नहीं थी।
@muzafarnagarpol@DmMuzaffarnagar