स्वतंत्र भारद्वाज की जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पुलिस से पूछा कि क्या आरोपी ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया था झड़प के दौरान..
पुलिस का जवाब था- पहले जब कंप्लेंट की गई थी तब शिकायतकर्ता ने जातिसूचक शब्द इस्तेमाल करने का आरोप नहीं लगाया था। बाद में दूसरी बार जब बयान हुआ तो जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल का आरोप लगाया इसलिए स्वतंत्र पर SC/ST एक्ट लगा दिया गया।
क्या ये संभव है कि शिकायतकर्ता को पूरी घटना याद रही लेकिन जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल भी हुआ था ये याद आने में 70 दिन लग गए?
अभी तक जितने वीडियो आए हैं उनमें से किसी में जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का ऑडियो सुनाई दिया है क्या?
लेकिन कोई कुछ नहीं कहेगा.. SC/ST एक्ट के गलत इस्तेमाल पर कोई चर्चा नहीं होगी इस देश में। और SC/ST एक्ट लगवाने वाला भले खुद वीडियो में पीटता दिख रहा हो लेकिन उसपर कोई कार्रवाई नहीं होगी। भले वो वीडियो में खुद मान रहा हो कि उसने हालत बुरी कर दी थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होगी।
गजबे है। और ये गजबे है चलता रहेगा, खत्म ना होनेवाला।
कासगंज में 37 लोगों पर SC-ST एक्ट का मामला: प्रतिमा क्षतिग्रस्त की अफवाह थी, अधिकारियों द्वारा निरिक्षण में सुरक्षित पाई गई;
कासगंज, उत्तर प्रदेश: जिले के एक गांव में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त किए जाने की अफवाह के बाद तनाव की स्थिति बन गई। सूचना पर डीएम प्रणय सिंह और एसपी ओपी सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और प्रतिमा का निरीक्षण किया। अधिकारियों के अनुसार प्रतिमा सुरक्षित पाई गई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके बाद हुए विवाद में 37 लोगों पर SC-ST एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किए जाने की बात सामने आई है।
ठाकुर पक्ष का आरोप है कि पहले उनके साथ अभद्रता की गई और बिना उचित प्रारंभिक जांच के बड़ी संख्या में लोगों पर मामला दर्ज कर दिया गया।
फिलहाल पूरे घटनाक्रम और दोनों पक्षों के आरोपों की आधिकारिक जांच का इंतजार है। (यह घटना 22 जुलाई, 2026 की है।)
जैसा कि मैंने कहा है, हर आंदोलन के लिए जंतर मंतर नहीं चाहिए। वो भी जा कर हमने दिखा दिया, पर कई आंदोलन घर बैठे, केवल सूचित करने से भी होते हैं। आंदोलनों में गर्मी केवल जलती बस की आग से नहीं आती, गर्मी हम दूसरे तरह से भी उत्पन्न कर सकते हैं।
यह आंदोलन हमारा है ही नहीं, या आंदोलन हर उस प्रताड़ित व्यक्ति का है जो कभी SC/ST एक्ट, तो कभी UGC तो कभी आरक्षण के कारण घुटता रहता है। कानपुर, आगरा, प्रयागराज, नागपुर, दिल्ली आदि में जो भी सड़क पर हैं, मेरा पूर्ण समर्थन है आपको। जब तक जागरूकता नहीं आएगी, सरकार आपका चूतिया बनाती रहेगी।
हरदोई में एक ब्राह्मण छात्रा को एक बहुजन शिक्षक राजेन्द्र कुमार ने इतना पीटा कि बेचारी की मृत्यु हो गई।
सोचिए, अगर बच्ची बहुजन होती और शिक्षक किसी सवर्ण जाति का होता, तो अब तक क्या माहौल बन गया होता?
लगातार आप सब के विचारों के सुनने के उपरांत, हमने एक सरलीकृत माँग पत्र बनाया है। एक बार आम सहमति बन जाए, फिर डिजिटल से धरातल की योजना बनाई जाएगी। तब तक, नीति निर्धारकों के लिए यह पत्र हम सार्वजनिक कर रहे हैं ताकि उन्हें AI से हिन्दी लिखवा कर, उसमें प्राइवेट में आरक्षण जैसी बकलोली न करनी पड़े।
@JPNadda जी, कॉपी ही करना है, तो ठीक से करो। वैसे, आपको दोबारा झुका देख कर दुख हुआ।
RHA की अब तक की सबसे बड़ी जीत:
१. आरक्षण पर सोशल मीडिया और मीडिया में लगातार चर्चा
२. आरक्षण पर ‘दलित नेता’ की जगह अमुक जाति बनाम अमुक जाति का वाक्युद्ध
३. आरक्षण पर लोगों के पास आँकड़े, तथ्य और तर्क
४. सरकार द्वारा एकता तोड़ने के प्रयास, जो लोगों को दिख रही है
५. आरक्षण पर उपेक्षित जातियों के कंटेंट क्रिएटर्स द्वारा खुल कर अपनी बात रखने का आरंभ
आने वाले दिनों में यह और वृहद् और व्यापक होने वाला है। नवंबर की प्रतीक्षा कीजिए।
गोल्ड मेडलिस्ट भावना मिश्रा ने SC/ST एक्ट के कथित दुरुपयोग पर उठाए सवाल, जब घर पर नहीं थी तब हुई FIR;
वीडियो के मुताबिक, भावना का आरोप है कि उनके खिलाफ झूठा SC/ST Act का मुकदमा दर्ज किया गया, जिसके चलते उन्हें पांच वर्षो से लगातार कोर्ट की तारीखों, आरोपों और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि लंबे समय बाद भी न तो उन्हें राहत मिली है और न ही मामला पूरी तरह समाप्त हुआ है।
(नोट: वीडियो की तारीख और मामले से जुड़े सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।)
"शुद्धिकरण धार्मिक नारे लगाने पर हुआ, जाति पर नहीं। मैं खुद दलित हूँ।"
हल्द्वानी मामले में इस दलित युवक ने इकोसिस्टम के 'जातिवाद' वाले प्रोपेगेंडा को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। हिंदू एकजुट है!
क्या अब लिबरल गैंग इस दलित भाई पर भी SC/ST एक्ट लगाएगा? 🚩
बिलासपुर में रक्षाबंधन के दिन झड़प, पथराव में कई घायल; धार्मिक पहचान पूछकर किया हमला, पीड़ित हिन्दू ही गिरफ्तार!
बिलासपुर, छत्तीसगढ़: रक्षाबंधन के दिन बिलासपुर में हिंसक झड़प और पथराव की घटना सामने आई है। आरोप है कि चार हिंदू युवकों से पहले उनकी धार्मिक पहचान पूछी गई और इसके बाद उनके साथ मारपीट की गई। मामले में सोहेल खान समेत कुछ लोगों पर हमले का आरोप लगाया गया है।
घटना के बाद हुए पथराव में पुलिसकर्मियों समेत 50 से अधिक लोगों के घायल होने का दावा किया जा रहा है। वहीं, बजरंग दल ने आरोप लगाया है कि कार्रवाई के दौरान पीड़ित हिंदू युवकों को ही गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस की आधिकारिक जांच और विस्तृत बयान के बाद ही घटना के पूरे कारण और जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
प्रतापगढ़ के संतोष मिश्रा जी की मदद के लिए जो भी लोग आगे आए हैं, उन सभी का हृदय से आभार।
ताज़ा अपडेट: गुजरात की Volta Transformers कंपनी संतोष मिश्रा जी की सहायता के लिए आगे आई है और उनका घर बनवाने की जिम्मेदारी अपने हाथ में ली है।
इस सराहनीय पहल के लिए कंपनी का विशेष धन्यवाद। साथ ही उन पत्रकारों का भी आभार, जिन्होंने संतोष मिश्रा जी की कहानी को लोगों तक पहुँचाया, और सोशल मीडिया पर संवेदनशीलता के साथ उनकी आवाज़ उठाने वाले सभी लोगों का भी बहुत-बहुत धन्यवाद।
आप सभी के प्रयासों ने मिलकर एक जरूरतमंद परिवार के जीवन में उम्मीद की नई किरण जगाई है।
स्वर्ण समाज तो एक हो रहा है मोदी की अकड़ तोङ़ने के लिए, ✊
क्या सम्पूर्ण सवर्ण समाज गुलामी से बाहर निकलकर एक हो पाएंगा, अपना भविष्य बचाने के लिए इन काले कानूनो के खिलाफ....
स्वर्णो का शंखनाद.... 🔥
#ugc#ugcrollback#reservation L
यूजीसी के ख़िलाफ़ सवर्ण समाज के वोट सड़कों पर उतर चुके है, हर जिले हर तहसील हर ब्लॉक यहाँ ग़म की गाँव गाँव में UGC का विरोध हो रहा है, भाजपा सरकार अभी भी होश में आ जाए नहीं तो बहुत देर हो जाएगी,
ये वीडियो चित्रकूट जिले के राजापुर तहसील का है !
लोग अब अपने अपने जिला मुख्यालय पर सड़कों पर उतर रहे हैं आज आरक्षण संशोधन , एससी एसटी वापसी और यूजीसी रोल बैक को लेकर हमारे लोग विशाल शर्मा के नेतृत्व में सैकड़ो लोग जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना दिए और ज्ञापन सौंपा , मैं भाजपा सरकार की जमीन खिसक जाएगी यदि हमारी मांग नहीं मानी गई ।
अब भारत के हर जिला मुख्यालय पर ये आंदोलन होगा इसके बाद सवर्ण सांसदों , विधायकों का घेराव कार्यक्रम रखेंगे , कार्यक्रम होते रहेंगे प्रदर्शन रुकेंगे नहीं अब ये 1990 नहीं 2026 है इस आंदोलन सभी जनरल कास्ट के लोग , ठगे गए ओबीसी के लोग और अब तक अपना अधिकार नहीं पा सके एससी एसटी समाज के लोग हैं ।
प्रदर्शन मे भुवन भट्ट संस्थापक अध्यक्ष सशक्त व्यापार मंडल, भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रकाश हरबोला , अमित चौहान, विनोद पाठक, दीपक जोशी, तरुण वानखेड़े पीयूष जोशी, संदीप पांडे, पहाड़ी आर्मी संस्थापक हरीश रावत नवीन पंत, डॉ. आशुतोष पंत, मदन मोहन जोशी, हेमचंद्र भट्ट, गिरीश सत्यवाली, वैभव जोशी, मनोज बिष्ट, ज्ञानेंद्र जोशी, सीमा बत्रा, नितिन कोहली तेज सिंह सहित सैकड़ों सवर्ण समाज के लोग उपस्थित रहे ।