बड़ा अच्छा लगता है जब न्यायपालिका पर आप टिप्पणी करें और कुछ स्वघोषित, सर्वज्ञ, ‘मैंने संविधान पढ़ा है’, ‘गरिमा होती है’ टाइप के नए-नवेले वकील बिलबिला उठें।
मुझे नहीं लगता कि कोई भी स्वाभिमानी और राष्ट्रहित में सोचने वाला वकील इस बात से भागेगा कि भारतीय न्यायिक व्यवस्था सड़ी हुई, ऊपर से नीचे तक भ्रष्ट है। आप रोते रहो कि आधे लम्बित मामले तो सरका�� के कारण हैं, पर उसी का आधा सत्य यह भी है कि ढाई करोड़ मामले तो न्यायपालिका में कमी के कारण है।
क्या आप यह बताना चाह रहे हैं कि दो-दो, तीन-तीन पीढ़ियाँ क्या आज भी निचले न्यायालयों में चप्पलें नहीं घिस रहीं? क्या जज के नीचे बैठा पेशकार घूस ले कर तारीखें नहीं देता? क्या हर सुप्रीम कोर्ट मुख्य न्यायाधीश सेवानिवृत्ति के बाद न्यायिक व्यवस्था पर टिप्पणी नहीं करता कि बहुत मामले लम्बित हैं, कुछ होना च���हिए?
अपने पेशे के प्रति निष्ठावान रहना आपका अधिकार है, लेकिन पेशा यदि भारतीय न्यायिक व्यवस्था का हिस्सा हो, तो आपके शब्दजाल से आप स्वयं को ही ठग रहे हैं। कम से कम, आम नागरिकों की बात तो मत ही किया कीजिए क्योंकि इस व्यूह में करोड़ों लोग फँसे हुए नाच रहे हैं।
बेल न देने की कुप्रथा, बेल के लिए कई हजार से कई लाख तक लेने की कुव्यवस्था, कोई नई बात नहीं है। इसमें सरकार का हाथ नहीं। अल्तमस कबीर जैसों ने अंतिम दिन क्या कांड किए हैं, वह भी हमने देखा है।
न्यायाधीशों की संपत्ति के ब्यौरे का पेज सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर खाली पड़ा है। तुम कौन सा राष्ट्रीय सुरक्षा का हिस्सा हो कि तुम्हारी संपत्ति के बारे में लोग जान जाएँगे तो कहर टूट पड़ेगा? जबकि पारदर्शिता की दृष्टि से देखा जाए तो जजों को तो हर तरह के संदेह ���े परे होना चाहिए।
जैसा कि मैंने पहले भी कहा है कि जज होली काउ नहीं हैं, होली काउ केवल गौ माता ही रहेंगी। जो इनके इन कुकृत्यों और कुतर्कों का समर्थन करते हैं, वो भ्रष्टाचरण के समर्थक हैं या उनका कोई अजेंडा है।
Recently New Zealand Prime Minister resigned in tears. Reason - no money, no job, the economy is like a boat without direction...
British is in the same situation... High inflation and the Economy slipping into Recession.
America is on the brink of a major recession.
Germany is already in recession.
The entire European countries are scathed by the Russia-Ukraine crisis.
Most of our neighbors are bankrupt. Pakistan, Bangladesh, Afghanistan, and Sri Lanka have gone completely bankrupt and are unable to pay their fuel bills. They struggle to stay afloat.
Despite all this, India is getting stronger day by day.
It is growing at a 7.2% rate, the fastest in the world with one of the lowest inflation rates among the trillion-dollar economy.
Dozens of missile tests, military modernization, fast trains, mega projects that shake the world, many expressways, and highways like never seen in the history of the nation, and hundreds of projects to help farmers and common people. Modi government is successfully implementing it. Every day in some part of the country PM Modi is dedicating a big project to the country. The projects are being completed fast. So, India is going to rule the world in the future, this is the achievement of an extraordinary person called Modi..
If Modiji was not present in these 9 years, the condition of India would have deteriorated like most of the countries in the world.
This is the power of your decisive mandate which you giving since 2014.
हे दिव्य राजनीतिक प्राणी , मैं अभी सिरसिरा गाँव , विधान सभा सलोन , लोक सभा अमेठी से निकली हूँ धूरनपुर की ओर । अगर पूर्व सांसद ��ो ढूँढ रहे हो तो कृपया अमेरिका संपर्क करें ।
परेशानी, असुविधा, अन्याय, अपमान,आर्थिक हानि, मानसिक पीड़ा आदि का सामना करना पड़ रहा है।
मेरी शिकायत के समर्थन में मुझे हमारे पक्षकार श्री शशांक पाठक (वकील) द्वारा प्रेषित विधिक सूचना प���्र की प्रति संलग्न है। उक्त पत्र में प्रशासक के कृत्यों का विस्तृत वर्��न किया गया है।
मुझे आपसे
प्रति,
@bhadoriabjp सहकारिता मंत्री
@CollectorBhopal जिलाधीश
@cooperativedept सहकारिता विभाग
महोदय,
मैं रत्नेश कुमार पाण्डेय ,समस्त रहवासियो , सागर गोल्डन पाम रहवासी रखरखाव सहकारी संस्था मर्यादित, भोपाल, मध्य प्रदेश का सदस्य हूं। मुझे ट्विट्टर के माध्यम से अपनी सोसाइटी के
प्रशासक श्री विलीन खटावकर के विरुद्ध शिकायत करना है।
मेरी शिकायत का कारण है कि उक्त प्रशासक ने सोसाइटी के संचालन में पक्षपात, अनियमितता, पद का दुरुपयोग, अनुपस्थिति, अवैध लाभ,भड़काऊ कथन, लज्जित करना, अधिकारों का हनन, विधि का उल्लंघन आदि के कृत्य किए हैं। इससे सोसाइटी के सदस्यों को