नरेंद्र मोदी और अमित शाह घर पर बैठकर हुकूमत चला रहे हैं, जबकि हमारे सांसद सदन में आवाज उठा रहे हैं।
मोदी-शाह कमरों में बैठकर सब सुनते हैं। फिर अपने लोगों को निर्देश देते हैं कि जैसे ही विपक्ष बोलने के लिए खड़ा हो, सदन में शोर मचाओ।
बहुत दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि राज्य सभा में चेयरमैन भी हमें आवाज उठाने नहीं देते। मैं उनपर भरोसा करके बैठ जाता हूं और फिर वे सदन स्थगित कर देते हैं।
हमारी मांग है: मोदी-शाह सदन में आएं, जवाब दें और अगर वे ऐसा नहीं करना चाहते तो इस्तीफा दें। आज अगर सदन नहीं चल रहा है तो उसके जिम्मेदार नरेंद्र मोदी और अमित शाह हैं।
: कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री @kharge
देश के छात्रों ने system के फैलाए अंधेरे के बीच, अपने डर का सामना कर, रौशनी की मशाल जलाई है।
ये मशाल अब पूरे देश को अपने अधिकारों का रास्ता दिखा रही है।
BJP-RSS और अडानी के System को अब खतम, tata, bye-bye कहने का वक्त आ गया है।
30 घंटे बीत गए… लेकिन भाजपा सरकार अब भी ग़ायब है।
NSUI के छात्रों ने अब आमरण अनशन का निर्णय ले लिया है। ये बेहद गंभीर स्थिति है, लेकिन सरकार अब भी मौन है।
सरकार तत्काल इन युवाओं से संवाद कर छात्रहित में निर्णय लें।
@RajCMO
राजस्थान के बाड़मेर में स्कूली छात्र-छात्राएं अपनी विभिन्न जायज़ मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा सरकार की छात्र विरोधी नीतियों और प्रशासन की उदासीनता के कारण विद्यार्थियों को अपनी आवाज़ बुलंद करने के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है।
जब सरकार छात्रों की समस्याएं सुनने के बजाय उन्हें अनदेखा करती है, तो आंदोलन ही आख़िरी विकल्प बन जाता है। सरकार को चाहिए कि राजनीति छोड़कर विद्यार्थियों की मांगों पर तत्काल कार्रवाई करे और उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करे।
छात्रों की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता, उसे सुना जाना चाहिए।
@RajGovOfficial@RajCMO@rajeduofficial
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारे education system को फिर से संवारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है।
शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है।
सड़कों पर आ कर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा में डट कर खड़े होने वाले हर एक युवा, हर छात्र को बहुत-बहुत बधाई।
2 मांगें अभी भी बाकी हैं - प्रधानमंत्री छात्रों और भारत के भविष्य को सम्मान देते हुए माफ़ी मांगें और छात्रों पर हिंसा के दोषियों पर कार्रवाई हो।
ये समाज के दूसरे वर्गों किसानों, मजदूरों, गरीबों, हर वो व्यक्ति जिसे इस सरकार ने दबाया है, कुचला है - अपने सम्मान के लिए संवैधानिक तरीके से डटकर खड़े होने में ही असली साहस है।
इस सरकार को हटाने का वक्त आ गया है।
डरो मत!- श्री @RahulGandhi
देश के युवाओं और राहुल गांधी ने हमारे यहाँ इस्तीफ़े नहीं होते कहने वालों के अहंकार को चूर - चूर कर दिया !
पहले किसानों ने और अब नौजवानों ने घुटनों पर ला दिया मोदी सरकार को !
राहुल गांधी ने किसानों और नौजवानों की आवाज को हमेशा ताक़त दी, हमेशा उनके साथ खड़े रहे है!
स्पष्ट है कि ये देश किसानों-नौजवानों का है, कोई तानाशाह किसानों - नौजवानों को डरा नहीं सकता है, रोक नहीं सकता है, इनके सब्र का इम्तिहान लेने वालों को हमेशा झुकना पड़ा है हमेशा किसानों और नौजवानों की जीत हुई है!
इसीलिए कहते है
जय जवान - जय किसान ✊🏻
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारे education system को फिर से संवारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है।
शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है।
सड़कों पर आ कर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा में डट कर खड़े होने वाले हर एक युवा, हर छात्र को बहुत-बहुत बधाई।
2 मांगें अभी भी बाकी हैं - प्रधानमंत्री छात्रों और भारत के भविष्य को सम्मान देते हुए माफ़ी मांगें और छात्रों पर हिंसा के दोषियों पर कार्रवाई हो।
ये समाज के दूसरे वर्गों किसानों, मजदूरों, गरीबों, हर वो व्यक्ति जिसे इस सरकार ने दबाया है, कुचला है - अपने सम्मान के लिए संवैधानिक तरीके से डटकर खड़े होने में ही असली साहस है।
इस सरकार को हटाने का वक्त आ गया है।
डरो मत!
इस पूरे संघर्ष में कांग्रेस पार्टी ने युवाओं की आवाज़ को मजबूती से उठाया। नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी जी ने संसद से लेकर सड़कों तक पेपर लीक,शिक्षा व्यवस्था की खामियों और युवाओं के भविष्य से पर लगातार सरकार से जवाब मांगा और छात्रों के साथ मजबूती से खड़े रहे
#छात्रों_की_गूंज
देश के युवाओं के संघर्ष, धैर्य और एकजुटता को सलाम!
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उन लाखों छात्रों और युवाओं की आवाज़ की जीत है, जिन्होंने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही की मांग को मजबूती से उठाया।
#छात्रों_की_गूंज
जिला अध्यक्ष,विधायक रूपेंद्र सिंह कुन्नर जी व सूरतगढ़ विधायक डूंगरराम गेदर जी सहित कांग्रेस नेताओं पर मुकदमा दर्ज किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
जनहित के मुद्दों पर शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है
सत्य की आवाज़ को मुकदमों से दबाया नहीं जा सकता।
देश का छात्र कह रहा है - “हमारा कोई भविष्य नहीं।”
और इस सरकार के मंत्री कह रहे हैं - “हमारी कुर्सी नहीं जाएगी।”
जिस देश में छात्र भविष्य खो दे और मंत्री कुर्सी न खोए - वहां न्याय है ही नहीं।
We have marched to PM Modi’s house to demand answers from him for the brutalities against young students yesterday.
The Government doesn’t want to take any accountability or does it want to have a debate on it in Parliament.
PM and HM must resign for destroying the future of India’s youth.
छात्रों पर हमला हर भारतीय परिवार पर हमला है।
प्रधानमंत्री मोदी को लगता है कि वो बिना जवाब दिए, बिना किसी नतीजे का सामना किए बच निकलेंगे - नहीं कर पाएंगे, इस बार तो बिल्कुल नहीं।
मैं हर उस देशभक्त भारतीय से अपील करता हूं जो मानता है कि हमारे छात्रों को न्याय मिलना चाहिए - प्रधानमंत्री आवास के सामने हमारे धरने में शामिल हों।
भारत के छात्रों की आवाज़ को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
An attack on students is an attack on every Indian family.
PM Modi believes he can get away without answers, without consequences. He cannot. Not this time.
I ask every patriotic Indian who believes our students deserve justice - join us in dharna in front of the Prime Minister’s residence.
The voice of India’s students will not be ignored.