नरेंद्र मोदी जी.. राजस्थान के निकाय चुनावों में आपके कथित "प्रचंड बहुमत" की सच्चाई आज जयपुर की जनता ने फिर सामने रख दी।
जयपुर शहर के जिन चार वार्डों 9, 18, 25 और 34 में पुनर्मतदान कराया गया, वहां कांग्रेस ने चारों सीटें जीत लीं। कांग्रेस के विजयी पार्षदों को हार्दिक बधाई।
अब प्रधानमंत्री म���दी जी और मुख्यमंत्री भजनलाल जी को राजस्थान की जनता को जवाब देना चाहिए.. ये कैसा "प्रचंड बहुमत" है, जिसमें पुनर्मतदान में चारों पार्षद कांग्रेस के जीते। आपने मशीनों में तकनीकी खराबी बता कर पुनर्मतदान कराया, जिसमें भी जनता ने आपको नकार दिया। आपकी बेईमानी की सारी कलई खोल कर रख दी! असल में तकनीकी खराबी नहीं, आपकी नियत ही ख़राब थी।
निर्वाचन आयोग को पहले ही पता था कि कांग्रेस जीत रही है, इसलिए इन वार्डो�� में भाजपा सरकार के इशारे पर तकनीकी खराबी बता कर रिजल्ट घोषित नहीं किया, भाजपा ने जनादेश लूटने के लिए मशीनरी और सत्ता का दुरपयोग किया। निर्वाचन आयोग को कठपुतली बनाकर परिणाम बदलने की कोशिशें की, लेकिन पुनर्मतदान में साफ़ हो गया कि जनता ने पहले भी कांग्रेस ही वोट दिया था, और दोबारा भी कांग्रेस को ही चुना है।
पुनर्मतदान के परिणाम ने भाजपा के कथित प्रचंड बहुमत की पूरी तरह हवा निकाल दी। अब स्पष्ट हो गया है कि भाजपा ने सत्ता के दुरुपयोग प्रदेश में कई जगह-जगह बेईमानी से जनादेश लूटा है। मुख्यमंत्री जी.. क्या यही वो प्रचंड बहुमत है जिसके आधार पर लड्डू बांटकर अपनी ही पीठ थपथपा रहे हैं?
इतना ही नहीं.. और अब जब बोर्ड बनाने की बारी आई है, वहां भी जनता द्वारा नकारी गई भाजपा पुलिस-प्रशासन के इस्तेमाल और निर्वाचित पार्षदों पर दबाव बनाकर कुर्सी पर काबिज होना चाहती है।
मुख्यमंत्री जी.. जनादेश मशीनरी के दबाव से नहीं, जनता के वोट से तय होता है। आज ��िस तरह से पुनर्मतदान में भाजपा की पोल खुली है, आने वाले पंचायत चुनावों में भी भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी.. सत्ता आती-जाती रहेगी, लेकिन लोकतंत्र की संस्थाएं कमजोर हुईं तो नुकसान पूरे राजस्थान का होगा। आज विपक्ष, तो कल सत्ता पक्ष भी विपक्ष में हो सकता है।
इसलिए.. लोकतंत्र की लड़ाई में राजनीतिक हितों की पूर्ति ���े लिए उन संस्थाओं व व्यवस्थाओं का इस्तेमाल मत कीजिए जिनकी मर्यादा स्थाई है।
एक के बाद एक प्रदेशभर के शहरों और कस्बों से ऐसी तस्वीरें सामने आ रही हैं, जो राजस्थान को शर्मसार एवं लोकतांत्रिक व्यवस्था की गंभीर स्थिति बयां कर रही हैं।
अब देवली-उनियारा की दूनी नगरपालिका में कांग्रेस की अध्यक्ष प्रत्याशी और निर्वाचित पार्षदों को उठाने के लिए पुलिस भेजी गई है। आखिर सत्ता में बैठी भाजपा स्था��ीय निकायों में जनता के फैसले के साथ करना क्या चाहती है?
निकाय चुनावों ने भाजपा के बड़े-बड़े दिग्गजों की ज़मीन खिसका दी है। मुख्यमंत्री से लेकर प्रदेश अध्यक्ष त�� एवं उप-मुख्यमंत्रियों, पूर्व मुख्यमंत्री और मंत्रियों तक सबके गढ़ में भाजपा बुरी तरह सिमट रही है, हालत पतली है।
- प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ जी के पाली में कांग्रेस 29 वार्ड, जबकि भाजपा 21 वार्ड रहे हैं। कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी है और मदन राठौड़ जी खुद अपने वार्ड में हार गए।
- उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा जी के दूदू-फागी में कांग्रेस 20 वार्ड, भाजपा 17 वार्ड पर रही है। बैरवा जी के यहां दोनों बोर���ड में कांग्रेस बहुमत है। फागी में प्रभुलाल सैनी जी की बेटी भी चुनाव हार गई।
- उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी जी के यहां जयपुर में कांग्रेस का वोट शेयर 37.5%, जबकि भाजपा का 36.2 है.. यानी यहां भी कांग्रेस पार्टी भाजपा से आगे है���
- पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे जी के झालावाड़ में भाजपा की हालत बहुत खराब है। 8 बोर्ड में से सिर्फ 3 में भाजपा को बहुमत है। कांग्रेस का वोट शेयर 45.4%, जबकि भाजपा 40.5% रहा है.. यानी कांग्रेस की 4.9% बढ़त है।
- और जयपुर में तो भाजपा की महापौर पद की दावेदार, जो पहले सांसद का चुनाव लड़ चुकीं हैं, और महापौर भी रह चुकी हैं, उन्हें भी जनता ने बुरी तरह नकार दिया।
- भाजपा के मंत्रियों का भी यही हाल है...
• ओटाराम ��ेवासी जी के क्षेत्र शिवगंज में: कांग्रेस 37 वार्ड जबकि भाजपा 28 वार्ड
• गौतम दक जी के क्षेत्र बड़ी सादड़ी में कांग्रेस 25 वार्ड जबकि भाजपा 18 वार्ड
• विजय सिंह जी के क्षेत्र कुचामन सिटी में कांग्रेस 17 वार्ड जबकि भाजपा 15 वार्ड
• डॉ. मंजू बाघमार जी के क्षेत्र जायल में कांग्रेस 14 वार्ड जबकि भाजपा सिर्फ 3 वार्ड पर सिमट गई।
यानी प्रदेश अध्यक्ष हों, उपमुख्यमंत्री हों या मंत्री... जनता ने सबको आईना दिखा दिया। शेखावाटी के झुंझुनूं में कांग्रेस 37+ और सीकर में 26+ सीटों की बढ़त ने भाजपा को पूरी तरह साफ कर दिया। डीग में निर्दलीय और कांग्रेस मिलकर 110 सीटें ज��कि भाजपा 65 सीटों पर ही पिछड़ गई।
संदेश बिल्कुल साफ है.. सत्ता का घमंड नहीं चलेगा, जनता की आवाज चलेगी। भाजपा की जमीन खिसक चुकी है, अब 2028 की बारी है!
जब छात्रों की जान बचाने की जरूरत थी, तब सरकार और प्रशासन कहां थे? घटना के करीब दो घंटे बाद दिल्ली पुलिस-प्रशासन की राहत टीमें मौके पर पहुंचीं। आखिर इतनी बड़ी लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है?
जैसे ही हमें सूचना मिली NSUI की पूरी टीम मौके पर पहुंची ,वहां छात्र मलबे में दबे मिले, हमारे NSUI का साथी भी मलबे में फंसा मिला और मौके पर न फायर ब्रिगेड, न पुलिस, न मेडिकल सुविधा, न JCB!
हम वहां पहुंचकर अपने ��ाथों से छात्रों को मलबे से निकालने में जुट गये। हमने 3 बच्चो को निकाला,कई छात्रों की जान जा चुकी है और स्थिति बेहद दुखद है।
बच्चों को मलबे से निकालते वक्त हमें एक बच्चे के हाथ से उसकी किताब मिली। यह दृश्य बेहद भावुक और झकझोर देने वाला था ।
जिस बच्चे के हाथ में किताब होनी चाहिए थी, वही हाथ मलबे में दबा मिला। यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सरकार की लापरवाही और व्यवस्था की विफलता का दर्दनाक प्रमा��� है।
बीकानेर शहर कांग्रेस जिला अध्यक्ष, श्री मदन गोपाल मेघवाल जी के साथ मारपीट की घटना बेहद शर्मनाक, दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।
राजनीति में वैचारिक मतभेद और असहमति लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन हिंसा, दबंगई और गुंडागर्दी के लिए कोई जगह नहीं है@govinddotasar
रसोई गैस ने चूल्हा बुझा दिया, दाल-चीनी ने थाली छीन ली और सरकारी टैक्स ने आम आदमी की कमर तोड़ दी। डबल इंजन में महंगाई और टैक्स की मार डबल हो गई।
भाजपा सरकार महंगाई कम नहीं करेगी, बल्कि जनता की जेब लूटकर उसे कंगाल कर देगी और फिर आंकड़ों की बाजीगरी से महंगाई कम दिखाएगी l
एक कार्यक्रम में राष्ट्रगान गाया जा रहा था, लेकिन उसके बीच में यूपी विधानसभा स्पीकर सतीश महाना जाकर अपनी गाड़ी में बैठ गए।
ये राष्ट्रगान का अपमान है।
• क्या BJP सतीश महाना के खिलाफ कार्रवाई करेगी?
• क्या सतीश महाना पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा?
पूरा देश इसका इंतजार कर रहा है।
: यूपी कांग्रेस प्रभारी @AdvRajendraPal जी
अंग्रेज़ों के मुखबिरों वन्दे मातरम् पर झूठ बाद में फैलाना
पहले यह बताओ यूपी में तुम्हारे दिग्गज नेता और विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना राष्ट्रगान के बीच में ही क्यों चलते बने?
52 सेकेंड रुक नहीं सकते थे?
जनगणमन का यह अपमान बर्दाश्त नहीं है भाजपाईयों
माफ़ी माँगो
जननायक राहुल गांधी जी ने करीब साढ़े सात घंटे धरना देकर अमित शाह और उनकी दिल्ली पुलिस को घुटनों पर ला दिया।
आख़िरकार FIR दर्ज करनी ही पड़ी।
सही कहते हैं- झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए ✊
पंचायत से नगर निकाय तक, कांग्रेस का परचम लहराना है✋
आज इसी संकल्प के साथ पंचायत व निकाय चुनावों की ��ैयारियों को लेकर वरिष्ठ नेताओं, पार्टी पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की।
ढाई साल में राजस्थान की जनता भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों और वादाखिलाफी को पहचान चुकी है। अब पंचायत से लेकर नगर निकाय तक चुनावों में जनता अपने वोट से भाजपा सरकार के कामकाज का हिसाब करेगी और करारा जवाब देगी।
बैठक में राजस्थान कांग्रेस प्रभारी @Sukhjinder_INC जी, नेता प्रतिपक्ष @TikaRamJullyINC जी, AICC महासचिव छत्तीसगढ़ प्रभारी @SachinPilot जी, AICC महासचिव @JitendraSAlwar जी, मध्य प्रदेश प्रभारी @Barmer_Harish जी, राजस्थान सह प्रभारी @Chiranjeev_INC जी एवं वरिष्ठ नेतागण उपस्थित रहे।
प्रिय दिलावर साहब आप चमचमाती स्कूल को देखिए
आपके आदेश स्कूल के अंदर वीडियो बनाने की रोक पूरे राजस्थान को भा रही है
आप ऐसे ही स्कूलों का विकास करते रहिए गौर से देखोगे तो खिड़की से नाग 🐍 जाता दिखेगा 🙏