@rajkumarbhatisp मोहनदास करमचंद गांधी के सत्याग्रह आन्दोलन से बहुत पहले उन्होंने बिजौलिया किसान आंदोलन के नाम से किसानों में स्वतंत्रता के प्रति अलख जगाने का काम किया था।
Dearest @AshwiniVaishnaw ji,
Why should a RAC passenger bear full charge for 50% of a side lower seat? Isn't it unfair?
Once the chart is prepared, Railways must refund 50% of the fare with interest for RAC passengers. The same source of payment can be used for the refund.
Pls implement this immediately. I see many ladies and senior citizens who travel by RAC, without sleep and they pay full charge.
If any of you reading this feel that this should be implemented immediately, comment with your thoughts and share until Railways makes it a fair deal for passengers.
This is long long overdue.
On behalf of Indian Passengers,
#FI
@Acasis_Official Pathetic support in India. My 21 port thunderbolt 4 dock is not working anymore. But your Indian support and vander is not giving proper response. And asking for money. I spent precious time and mony to buy it. But it is not working.
@RebornManish गांधीजी ने अहमदाबाद अधिवेशन में बिजौलिया के किसानों को हिजरत (क्षेत्र छोड़ देने) की सलाह दी। पथिक (विजय सिंह पथिक) ने इसे अपनाने से यह कहकर इनकार कर दिया कि यह तो केवल हिजड़ों के लिए ही उचित है मर्दों के लिए नहीं।
10 देशों से होकर गुज़रने वाली दुनिया की यह एकमात्र नदी है
डेन्यूब जर्मनी के काले वन के पहाड़ों में बसे दोनाउएशिंगन कस्बे के पास से निकलने वाली डेन्यूब नदी दक्षिण-पूर्व की ओर बहती हुई काला सागर में मिल जाती है। यह नदी जर्मनी, ऑस्ट्रिया, स्लोवाकिया, हंगरी, क्रोएशिया, सर्बिया, बुल्गारिया, मोल्दोवा, यूक्रेन और रोमानिया में बहती है। यह यूरोप की दूसरी सबसे लंबी नदी है और इसकी कुल लंबाई करीब 2,850 किलोमीटर है।
🚥"संतुष्टि: खुश रहने की असली कुंजी"
1. छोटे पलों की कद्र करें:
हर दिन में खुशी के छोटे-छोटे पल छिपे होते हैं। एक कप चाय, किसी की मुस्कान, या सुबह का सूरज। इन्हें महसूस करना सीखें।
2. तुलना से बचें:
दूसरों की ज़िंदगी देखकर अपनी खुशियाँ मत नापें। हर किसी का सफर अलग है। अपनी कोशिशों और उपलब्धियों पर गर्व करें।
3. जरूरतों और इच्छाओं में फर्क समझें:
अपनी ज़रूरतों पर ध्यान दें और अपनी इच्छाओं को सीमित रखें। कम में खुश रहना सच्ची संपन्नता है।
4. आभार व्यक्त करें:
हर दिन के अंत में उन चीज़ों के लिए धन्यवाद कहें जो आपके पास हैं। यह सोचें कि आज क्या अच्छा हुआ।
5. सादगी अपनाएँ:
महंगे सामान से खुशी नहीं मिलती, बल्कि रिश्तों, अनुभवों, और सादगी में सच्ची संतुष्टि छुपी होती है।
6. दूसरों की मदद करें:
किसी की मदद करना आत्मा को सुकून देता है। यह एक ऐसा अनुभव है, जो शब्दों में नहीं बयाँ किया जा सकता।
7. अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें:
शरीर और मन दोनों का ख्याल रखना जरूरी है। स्वस्थ शरीर और शांत मन के बिना कोई भी खुशी टिकाऊ नहीं होती।
8. आज में जिएं:
भूतकाल को छोड़ें और भविष्य की चिंता में मत डूबें। जो कुछ आपके पास अभी है, वह आपका असली खजाना है।
9. रिश्तों को समय दें:
सच्ची संतुष्टि अपने करीबी लोगों के साथ बिताए गए समय में है। इन्हें महत्व दें और इनके लिए समय निकालें।
10. अपने उद्देश्य को पहचानें:
जब आपको पता हो कि आप क्यों जी रहे हैं और आपके जीवन का मकसद क्या है, तो संतुष्टि अपने आप मिलेगी।
याद रखें:
संतुष्टि एक सोच है, जगह या चीज़ नहीं। अगर मन शांत है, तो झोपड़ी भी महल बन जाती है। ❤️
Even a beggar doesn't get anything without hard work, so where will success come from without effort, Therefore, everyone should work hard with full dedication.