सोचिए सिर्फ एक पत्रकार ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से एक सवाल क्या पूछ लिया,
उनको कितना प्रताड़ित किया जा रहा है,
देश आज अघोषित आपातकाल की स्थिति से गुजर रहा है,
अब इस देश के युवा ही इस बदहाल स्थिति को सुधार सकते हैं।
हर बार जब पूर्वोत्तर के लोगों के साथ इतनी बर्बर घटना होती है, तो लगता है कि शायद यह आखिरी है, शायद अब हमारी अंतरात्मा जाग गई है। लेकिन फिर एक और घटना हो जाती है।
आखिरी बार Anjel Chakma की जान भारत में ही नस्लीय पहचान की वजह से गई थी। तब लगा था कि शायद यह आखिरी होगा।
लेकिन वह आखिरी नहीं था।
कितना शर्मनाक है कि एक शख्स "स्वतंत्र भारद्वाज" खुलेआम पॉडकास्ट में दावा करता है कि उसने एक लड़की के पिता ((एक दलित व्यक्ति) का सिर फोड़ा और लड़की के साथ बदतमीज़ी की—लेकिन इसके बावजूद उसे जेल नहीं हुई।
वह बड़े गर्व से दावा करता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बिहार के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, दिल्ली के नेता कपिल मिश्रा और सांसद मनोज तिवारी उसके “बड़े भाई जैसे” हैं, इसलिए उसका बाल भी बांका नहीं हो सकता। वह बेफ़िक्री से इन नेताओं के साथ तस्वीरें खिंचवा रहा है और खुलेआम घूम रहा है।
अगर ये दावे सच हैं, तो सवाल बेहद गंभीर है—दिल्ली पुलिस और शासन-प्रशासन की कार्रवाई कहाँ है? क्या कानून सिर्फ कमजोरों के लिए है और रसूखदारों के लिए सारे नियम ताक पर रख दिए जाते हैं? किसी भी सरकार के Law & Order की असली परीक्षा यही होती है कि वह ताकतवर अपराधियों के खिलाफ भी उतनी ही सख्ती से पेश आए।
दक्षिणपंथी मानसिकता के इन रसूखदारों को सरंक्षण देकर क्या भाजपा यही ‘GenZ’ के सामने यही उदाहरण पेश कर रही है?
आज निशु है, कल कोई और बेटी या परिवार इस अराजकता का शिकार हो सकता है। इस मामले में निष्पक्ष जांच हो और आरोपी पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
आवाज़ उठाइए, क्योंकि चुप्पी किसी भी व्यवस्था को जवाबदेह नहीं बनाती।
🚨Caught live: AIIMS police on phones while a family begged for help.
Repost until justice👋
Words : यहां का इंचार्ज कौन है - आप इंचार्ज नहीं तो यहां कैसे बैठे है ? 112 पर कॉल किया तो रिस्पॉन्ड क्यों नहीं ?
Police are posted at AIIMS so patients are not harassed.
Officers were scrolling on their phones instead. The victim called 112. They sat idle.
A lawyer caught them red-handed and went Facebook Live.
@AmitShah act against these officers. Give this family justice.
Treatment had been going on since 2012. Alleged medical negligence took a girl’s life. Investigate.
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिल्ली यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट और एक्टिविस्ट आकृति चौधरी के ऊपर लगे NSA को सिर्फ रद्द कर दिया बल्कि ये आदेश दिया कि नोएडा की DM मेधा रूपम को अपनी सैलरी से देना होगा मुआवजा .
मेधा रूपम CEC ज्ञानेश कुमार की बेटी हैं .
जानिए पूरा मामला
दिल्ली पुलिस की सारी “बहादुरी” क्या छात्रों और महिला पत्रकारों पर लाठियाँ बरसाने के लिए ही बची है? कहाँ हैं मोदी जी? ये कबूलनामा सुना या नहीं? अमित शाह जी, आप तक आवाज़ पहुँची या नहीं?
रौब और रसूख़ का अंदाज़ देखिए - मानो सत्ता से लेकर पुलिस-प्रशासन तक सबकी डोर इनके ही हाथ में हो! सवाल सिर्फ़ एक व्यक्ति के दावे का नहीं है, सवाल उस व्यवस्था का है जिसमें कोई इतनी बेख़ौफ़ी से प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और दिल्ली पुलिस तक का नाम लेकर अपना प्रभाव जताने लगे।
अगर ऐसे दावों पर भी सत्ता और पुलिस खामोश रहें, तो जवाबदेही किसकी होगी?
यह स्वतंत्र भारद्वाज है
शान से बता रहा है कि स्टूडेंट प्रोटेस्ट में प्रदर्शनकारी के पिता पर हमला किया - उन्हें 60 टांके लगे और वह मौत के कगार पर थे
307 के अंतर्गत हाफ मर्डर का मामला बनता था. लेकिन वह जेल नहीं गया - रात भर बेख़ौफ़ घूमता रहा
कपिल मिश्रा के एक फोन के बाद उसे राहत मिल गई
आगे बताता है कि कपिल मिश्रा, चिराग पासवान ही नहीं मोदी जी भी उसके “बड़े भाई” हैं, सबका समर्थन प्राप्त है
Save the date 07/9/2026 ..🤝🤝
NHM,NTEP के लगभग 5000 कर्मचारी दिनांक 7 सितम्बर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर !!!!!
सरकार के बेरुखी रवैया और मनमानी तानाशाही के खिलाफ हल्ला बोल ।।।।।।📢📢📢📢📢📢📢📢📢📢
#strike#7september2026#nhmntep#delhi
इस देश में बेरोजगारी की हालत देखनी हो तो कल का KBC एपिसोड जरूर देखिए। यह आपको सोचने पर मजबूर कर देगा।
हॉट सीट पर पहुंचा विवेक दिहाड़ी मजदूरी करता है। उसके पिता और मां भी मजदूरी करते हैं। विवेक के ₹1 लाख जीतने पर अमिताभ बच्चन ने उसके पिता से पूछा—“अब तो खुश हैं?”
पिता ने हाथ जोड़कर कहा—“अगर यहां बैठे किसी व्यक्ति के पास मेरे बेटे के लिए छोटी-सी भी नौकरी हो, तो दे दीजिए। जिंदगी भर दुआ करेंगे।”
यह अपील सुनकर अमिताभ बच्चन ने भी दर्शकों से विवेक को नौकरी देने की अपील की।
पूरे संवाद के दौरान विवेक सिर झुकाए बैठा रहा।
सोचिए, जो युवा अपने ज्ञान के दम पर KBC की हॉट सीट तक पहुंच सकता है, उसे इस देश में एक छोटी-सी नौकरी के लिए भी अपील करनी पड़ रही है। यही तस्वीर हमारी बेरोजगारी की हकीकत दिखाती है।
साढ़े तीन लाख लूटने वाले को मिलकर मारते हो साढ़े तीन लाख करोड़ लूटने वाले को माला पहनाते हो।
इतना सन्नाटा क्यों है भाई?
अरे आपका मात्र 3.5 (साढ़े तीन लाख) करोड़ ही तो लूटा गया है।
और फिर लूटने वाला भी तो अपना भाई हिंदू हृदय सम्राट महामानव 56 इंची ही है।
ZEE टीवी के मालिक सुभाष चंद्रा में 'सुरख़ाब के पर' लगे हैं क्या भाई?
कर्ज था 22006 करोड़ का , चुकाया 6.5 करोड़ और कर्जमुक्त मुक्त हो गए ?
यानि कुल कर्ज का सिर्फ 0.03 फ़ीसदी चुकाकर फ्री हो गए ?
इसी देश में लाख - दो लाख के बकाये पर बैंक वाले रिकवरी एजेंट भेज देते हैं . कुर्की का ऑर्डर ले आते हैं और लाला जी पर ऐसी मेहरबानी?
NCLT में बैठे लोगों ने किसके कहने पर ये किया ?
“3,000 साल तक पढ़ाई लिखाई पर केवल ब्राह्मणों का हक तक 100% आरक्षण था ,10% समुदाय ने 100% सीटें घेरी 3,000 साल तक अब 70 साल से परेशान हो रहे है”
— विकास दिव्यकीर्ति (UPSC टीचर)
मशालें जो हम - तुम जलाए हुए हैं,
अंधेरे बहुत तिलमिलाए हुए हैं,
उन्हें खल रही है है - ये हिम्मत हमारी,
कि क्यों ये लोग परचम उठाए हुए है ।।
कर्मचारी एकता जिंदाबाद 🤝🤝🇮🇳
#justicefor7cpc#nhmntepjointefforts
और भी एक मामला है जो पुराना है पर बताना इसीलिए जरूरी है क्योंकि कुछ चिलगोंजो को लगता है कि पैसे आने से भेदभाव मिट जाता है
हां तो मामला है
राष्ट्रपति पद रह चुके राम नाथ कोविंद जी का,
साल था 2018
जगन्नाथ मंदिर पुरी उड़ीसा
पहले तो उन्हें मंदिर में प्रवेश नहीं मिला
बाद में जब प्रशासन आई तो उन्हें जाने दिया गया
लेकिन उनके वहां से वापस आने के बाद वहां के पुजारियों ने मंदिर को धोया।
और यह बात तब की है जब वो राष्ट्रपति पद पर थे।