समस्या सबको पता है... पर कोई समाधान बताए??
ज्यादातर बुकिंग काउंटर पर पहला रिजर्वेशन फॉर्म #ब्रोकर का भरा जाता है और बाद में लाइन में लगे यात्री का। रेलवे इस #भ्रष्टाचार को रोकने के लिए उचित कदम उठाए तो जनता को तत्काल टिकट मिल सकता है।
@AshwiniVaishnaw@RailwaySeva@RailMinIndia
"मुझे जवाब दीजिए..."मेरे मीटर में 800 से 1200 रुपए बिल आता था.."अचानक से 3000-4000 कैसे आने लगा...?
आप स्मार्ट मीटर के अधिकारी हैं..आप ही बताइए..जवाब दीजिए...!
विद्युत चौपाल में बवाल हो गया...उपभोक्ता के बिजली बिल बढ़ोतरी के सवालों पर जवाब देने के बजाए मुंह छिपाते भागते दिखे जिम्मेदार अधिकारी....!
प्रदेश भर से स्मार्ट मीटर के प्रति लोगों में भरोसा नहीं दिख रहा है..क्या आप भी विद्युत विभाग की स्मार्ट मीटर योजना से पीड़ित हैं...?
बेचारा पुरुष आज सही समय पर इसने अपनी पत्नी को रंगे हाथों पकड़ लिया नहीं तो कल को दहेज और न जाने किन-किन आरोपों में सड़ता
अरे भाई, अलीगढ के क्वारसी में पति ने होटल में पत्नी को प्रेमी के साथ रंगे हाथों पकड़ा!
पुलिस आई, थाने ले गई, सबके बयान दर्ज हो रहे हैं।
क्या देश का नेता पढ़ा लिखा चाहिए ?
हर सरकारी नौकरी के लिए परीक्षा अनिवार्य है, तो देश चलाने वाले नेताओं के लिए क्यों नहीं?
अगर नेता बनने के लिए भी परीक्षा उत्तीर्ण करना आवश्यक हो जाए, तो देश को शिक्षित प्रतिनिधि और जिम्मेदार नेतृत्व मिलेगा, न कि भाषणबाजी करने वाले और अयोग्य राजनेता।
यह सवाल भारतीय संसद में उठाया गया है, अब जनता स्पष्ट जवाब की मांग कर रही है।
नेता बनने के लिए परीक्षा होनी चाहिए या नहीं ?
राघव चड्ढा द्वारा उठाया गया मुद्दा सही है या गंलत ?
🇮🇳जब देश का एक वीर शहीद हो… क्या हम सब एक रुपया भी नहीं दे सकते? 🇮🇳
भारत में सभी खाता धारकों के खाते से सिर्फ "एक रुपया" उस वक़्त स्वतः ही कट जाए जब कोई भी सैनिक बॉर्डर पर शहीद हो, और यह पैसा उस शहीद के खाते में जमा हो — सोचो अगर ये व्यवस्था बन जाए तो हर शहादत के बाद पूरा देश उस परिवार के साथ खड़ा दिखाई देगा ये सिर्फ एक रुपया नहीं होगा, ये हर नागरिक का सलाम होगा उस वीर के लिए जिसने अपनी जान देकर हमें सुरक्षित रखा
हम रोज़ अपने खर्चों में हजारों रुपए खर्च कर देते हैं लेकिन जो सैनिक अपनी जान दांव पर लगाते हैं उनके परिवारों के लिए एक रुपया भी बहुत बड़ी ताकत बन सकता है ये कदम सिर्फ आर्थिक मदद नहीं बल्कि एक इमोशनल कनेक्शन होगा — एक ऐसा सिस्टम जहां पूरा भारत हर शहीद के परिवार का हाथ थामेगा
जब कोई जवान बॉर्डर पर शहीद होता है, उस वक्त उसके परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ता है ऐसे समय में अगर देश के करोड़ों लोग एक-एक रुपया दें, तो वो परिवार अकेला महसूस नहीं करेगा, उसे लगेगा कि पूरा भारत उसके साथ खड़ा है। ये हमारी जिम्मेदारी है कि हम उन परिवारों का सहारा बनें जिन्होंने अपना सब कुछ देश के नाम कर दिया
ये पहल सिर्फ एक सिस्टम नहीं बल्कि एक भावना है — देशभक्ति की, कृतज्ञता की और एकजुटता की अगर हर भारतीय इस सोच के साथ आगे आए तो हम अपने शहीदों के परिवारों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच बना सकते हैं एक छोटा सा योगदान, लेकिन एक बहुत बड़ा सम्मान
👉 भारत में सभी खाता धारकों के खाते से सिर्फ "एक रुपया" उस वक़्त स्वतः ही कट जाए जब कोई भी सैनिक बॉर्डर पर शहीद हो, और यह पैसा उस शहीद के खाते में जमा हो जो इस बात से सहमत है वो कमेंट ने yes लिख कर सहमति दे 🇮🇳🙏
अगर आप भी मानते हो कि हमारे वीरों के लिए ये सबसे छोटा लेकिन सबसे बड़ा सम्मान है, तो दिल से YES लिखो और अपनी आवाज़ बुलंद करो
"कई राज्य सरकारें भारी कर्ज और घाटे के बावजूद मुफ्त योजनाएं बांट रही हैं...."
◆ CJI जस्टिस सूर्यकांत ने कहा
#CJISuryaKant | CJI Suryakant | #SupremeCourt | Supreme Court
“मशीनें हार गईं… पर एक डॉक्टर नहीं!” ❤️
आगरा के सरकारी अस्पताल में वो 7 मिनट
जो मेडिकल साइंस नहीं, इंसानियत ने लिखे।
ऑक्सीजन सप्लाई फेल।
नवजात बच्ची की सांसें थम रहीं थीं।
मशीनें बंद… हर सेकंड मौत करीब।
लेकिन वहीं खड़ी थीं
डॉ. सुलेखा चौधरी —
ना घबराहट, ना इंतज़ार, ना बहाने।
7 पूरे मिनट
बिना रुके
मुंह से मुंह सांसें देकर
उन्होंने मौत के जबड़े से ज़िंदगी छीन ली।
खून से लथपथ वो नन्ही देह…
और डॉक्टर मैम की अपनी सांसें—
जो जीवन बनकर लौट आईं
फिर गूंजी एक छोटी-सी किलकारी…
और अस्पताल तालियों, आंसुओं और सैल्यूट से भर गया। 🫁❤️
ये कोई फिल्मी सीन नहीं।
ये रियल इंडिया है।
जहाँ सिस्टम फेल हुआ,
वहाँ इंसानियत पास हुई।
Video comments box me hai
जिसके हौंसले पर्वत, नदी, बर्फ और बारिश भी पस्त नहीं कर सकते उसे भारतीय सेना कहते हैं।
अदम्य साहस, शौर्य, पराक्रम और बलिदान की प्रतीक भारतीय थल सेना के सभी वीर जवानों और पूर्व सैनिकों को ‘थल सेना दिवस’ की हार्दिक शुभकामनाएं। जय हिंद🇮🇳
#IndianArmyDay
⚡️ 2029: क्या देश तैयार है एक बार फिर 'मोदी लहर' के लिए? ⚡️
सवाल सीधा है, जवाब भी सीधा होना चाहिए!
मोदी जी ने लगातार 10 साल देश को सिर्फ दिया है— गरीब को घर, किसान को सम्मान, महिला को सुरक्षा, और देश को विश्वगुरू का मान! दुनिया आज भारत की ओर देख रही है, क्योंकि कमान एक मजबूत, निडर और दूरदर्शी नेता के हाथ में है।
🇮🇳 तीसरी बार ऐतिहासिक जीत के बाद, अब निगाहें 2029 पर हैं! 🇮🇳
जो काम पिछले तीन टर्म में शुरू हुए हैं— चाहे वो विकसित भारत का सपना हो, वैश्विक महाशक्ति बनने की तैयारी हो, या फिर सनातन संस्कृति का पुनरुत्थान— उन्हें पूरा करने के लिए 'स्थिरता' और 'निरंतरता' ज़रूरी है। और आज की तारीख में, नरेंद्र मोदी से बेहतर विकल्प कोई नहीं।
क्या आप चाहते हैं कि...
2029 में भी देश की बागडोर उनके हाथ में रहे?
विपक्ष के सारे शोर के बावजूद, एक बार फिर 'सेवा' की सरकार बने?
भारत अपने लक्ष्य 'विकसित राष्ट्र' की ओर तेज़ी से बढ़े?
कमेंट बॉक्स में सिर्फ YES (हाँ) या NO (नहीं) मत लिखो! अपनी भावनाएं लिखो! बताओ, मोदी जी को चौथी बार प्रधानमंत्री क्यों बनना चाहिए?
जय श्री राम! भारत माता की जय!