SIR is not new. It has been part of India’s electoral history for decades. Before questioning it, Congress should examine its own record.
1952–1961: Jawaharlal Nehru
1965–1966: Lal Bahadur Shastri
1983–1989: Indira Gandhi and Rajiv Gandhi
1992–1995: P. V. Narasimha Rao
2002–2004: Shri Atal Bihari Vajpayee
2004 onwards: Manmohan Singh
2025 onwards: PM Shri Narendra Modi
7 SIR rounds under Congress-led governments, compared to just 2 under the BJP-led NDA.
𝐂𝐨𝐧𝐠𝐫𝐞𝐬𝐬 𝐚𝐜𝐜𝐞𝐩𝐭𝐬 𝐞𝐥𝐞𝐜𝐭𝐨𝐫𝐚𝐥 𝐫𝐞𝐯𝐢𝐬𝐢𝐨𝐧𝐬 𝐰𝐡𝐞𝐧 𝐢𝐧 𝐩𝐨𝐰𝐞𝐫 𝐛𝐮𝐭 𝐜𝐫𝐢𝐞𝐬 𝐟𝐨𝐮𝐥 𝐰𝐡𝐞𝐧 𝐢𝐭 𝐥𝐨𝐬𝐞𝐬. 𝐑𝐞𝐩𝐞𝐚𝐭𝐞𝐝 𝐚𝐥𝐥𝐞𝐠𝐚𝐭𝐢𝐨𝐧𝐬 𝐜𝐚𝐧𝐧𝐨𝐭 𝐫𝐞𝐩𝐥𝐚𝐜𝐞 𝐚𝐜𝐜𝐨𝐮𝐧𝐭𝐚𝐛𝐢𝐥𝐢𝐭𝐲. 𝐂𝐨𝐧𝐠𝐫𝐞𝐬𝐬 𝐦𝐮𝐬𝐭 𝐥𝐞𝐚𝐫𝐧 𝐭𝐨 𝐭𝐚𝐤𝐞 𝐫𝐞𝐬𝐩𝐨𝐧𝐬𝐢𝐛𝐢𝐥𝐢𝐭𝐲 𝐟𝐨𝐫 𝐢𝐭𝐬 𝐞𝐥𝐞𝐜𝐭𝐨𝐫𝐚𝐥 𝐝𝐞𝐟𝐞𝐚𝐭𝐬.
नैरेटिव में जो चिंताये दिखाए दे रहे है वो अब राहुल गांधी के वाहियात भाषण से दूर होनी शुरू हो जाएगी।
संसद में Idiot, अंधभक्त जैसे शब्द प्रयोग करके ये सोच रहे है कि सत्ता बदल देंगे।
नाकाम हो और नाकाम ही रहोगे।
नीट पेपर लीक की जांच: पूरी हुई। ✅
दोषियों पर कार्रवाई: हुई ✅
दोबारा परीक्षा आयोजित: हुई ✅
समय पर परिणाम घोषित: हुए ✅
किसी भी छात्र का एक साल बर्बाद नहीं हुआ।
-एक ईमानदार, मेहनती भारतीय छात्र!
जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन कर रहे सभी विद्यार्थी संविधान के सिपाही हैं,इनके शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए @RahulGandhi जी@yadavakhilesh जी समेत पूरे विपक्ष का पूर्ण समर्थन एवं सहयोग है ।राहुल गांधी जी और अखिलेश यादव जी ने धरना करने वाले सभी लोगों का नाम पता लिख लिया है, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री पद का शपथ लेते ही सभी विद्यार्थी का नामांकन मेडिकल कॉलेज में हो जाएगा?