@ravish_journo हमारे ग्वालियर में बड़े बड़े शोरूम खुल गए है बड़ी बड़ी कंपनियों के सोना बेचने के लिए। उनको ज्ञान नही दे पा रहे है गोभी जी। कि लोगो को कंपनियां विज्ञापन क्यो परोसे जा रही है सोना खरीदने के लिए।
एक बार बीजिंग शहर के एक मुहल्ले में एक युवती का बलात्कार हुआ।
ये खबर किसी तरह चेयरमैन क्रांतिकारी माओत्से तुंग तक पहुंची। वह खुद पीड़ित लड़की से मिले।
उन्होंने उस लड़की से पूछा "जब तुम्हारे साथ जबरदस्ती किया जा रहा था तो तुम मदद के लिये चिल्लाई थी ?"
लड़की ने हां में सर हिलाया।
चेयरमैन माओ ने उस लड़की के सर पर प्यार से हाथ रखा और नरमी से कहा...
"मेरी बच्ची! क्या तुम उसी ताक़त के साथ दोबारा चिल्ला सकती हो ?"
लड़की ने कहा "जी हां।"
चेयरमैन माओ के आदेश पर कुछ सिपाहियों को आधे किलोमीटर के सर्कल में खड़ा कर दिया गया और उसके बाद लड़की से कहा कि अब तुम उसी ताक़त से चीखो। लड़की ने ऐसा ही किया माओ ने उन सिपाहियों को बुलाया और हर एक से पूछा गया कि लड़की की चीख सुनाई दी या नहीं ? सभी सिपाहियों ने कहा कि लड़की की चीख सुनाई दी गई।
चेयरमैन माओ ने अब सिपाहियों को आदेश दिया कि आधे किलोमीटर के उस इलाक़े के तमाम मर्दों को गिरफ्तार कर लिया जाये और तीस मिनट के अंदर अगर मुजरिम की पहचान न हो सके तो गिरफ्तार मर्दों को गोली मार दिया जाये।
फौरन आदेश का पालन हुआ और दिये गये मुहलत को बमुश्किल अभी दस मिनट ही हुए होंगे कि मुजरिम की पहचान हो गई और अगले बीस मिनट के अंदर-अंदर मुजरिम को पकड़कर चेयरमैन माओ के सामने लाया गया।
लड़की ने शिनाख़्त की, मौक़े पर फैसला हुआ और मुजरिम का भेजा उड़ा दिया गया।
जुर्म से सज़ा तक की अवधि लगभग तीन घंटे की रही होगी। इसे कहते हैं फौरन इंसाफ मिलना जिस कारण आज चीन हर क्षेत्र में प्रगति पर है।
काश कुछ ऐसा ही अपने देश में होता तो शायद बलात्कार की इतनी घटनाएं न होती। पर अपने यहां होता क्या है। अगर पीड़िता ज़िंदा है तो वर्षों तक अदालत का चक्कर और अगर जला दी गई तो उसके नाम पर केवल कैंडल मार्च।
काश, ऐसे फैंसले हमारे देश में भी होते!
@Ashok_Kashmir ये बुक्स सिर्फ प्रोपेगेंडा है।इसमें सिर्फ आलोचना ही है।उदाहरण के लिए- जज अगर किसी को फांसी की सजादे।अगर फांसी देने के उद्देश्य को हटादिया जाए तो जज और आम क्रिमनल में कोई फर्क नही रहेगा। येबात शायद भगतसिंह भी बोले है। इस बुक में भी आप यही कियेहै आपने सभी के उद्देश्य को हटा दिया है
@Ashok_Kashmir गर्मी के बारे में लिखने के लिए रेगिस्तान जाना पड़ेगा। और सर्दी के बारे में लिखने के लिए बर्फीले पहाड़ो में।
घर मे सर्दी में हीटर और गर्मी में ac में बैठ कर लिखने से भगतसिंह, सुभाषचंद्र बोस और गांधी सभी 1 जैसे ही दिखेगे।
@Ashok_Kashmir लोगो की भलाई के लिए अगर कोई पावर का इस्तेमाल करे और खुद के लिए पावर का इस्तेमाल करे । दोनों एक नही है। पहले आप चीन , रूस , नॉर्थकोरिया घूम कर आइए । फिर आप लिखिए
@Ashok_Kashmir गांधीजी,सुभाषचंद्र बोस और भगत सिंह के विचारों में जिस दिन फर्क करना सीख जायेगे। उस दिन आप हिटलर और स्टॅलिन को एक साथ नही फ़ोटो में छाप पायेगे। लेनिन के बारे में भगतसिंह के विचार और स्टालिन के बारे में सुभाषचंद बोस के विचार पढ़ो । तब लिखिए । उन्होंने लोगो के लिए बहुत किया है
@omprakashtiwa18@Ashok_Kashmir ये गांधीवादी है इनसे पूछिये भगतसिंह कौन है ??
गांधीजी,सुभाषचंद्र बोस और भगत सिंह के विचारों में जिस दिन फर्क करना सीख जायेगे। उस दिन आप हिटलर और स्टॅलिन को एक साथ नही फ़ोटो में छाप पायेगे। प्रोपेगेंडा बुक है ये।
@iamdivyajourn@Ashok_Kashmir इनको 0.07 से कोई लेना देना नही इनको बस 70-30 में लोग बट कर लड़ते रहे और ये एम्पायर की तरह कॉमेंट्री करते रहे ये ही चाहिए। कोई भी सरकार अगर लोगो की जरूरत पूरा करे इसमे बुरा क्या है। ऐसे ज्ञानचंद जा कभी कलकत्ता नही पाए है और बंगालियों पर ज्ञान पेलते रहते है। ये ऐसे ही ज्ञानचंद है।
@Ashok_Kashmir हम किसान के बेटे है। हमारे यहां माना जाता है जो बीज उगते नही है उन्हें हम लोग अईज बीज बोलते है। इसीलिए जो ज्ञान व्यवहार में न आये और लोगो का कुछ भला नही कर सके वो ज्ञान भी अईज बीज की तरह है।
धन्यवाद माफ करना मेरी बात का बुरा लगा हो तो।
5/5
@Ashok_Kashmir आप कौन सी व्यवस्था पसंद करते है ? आप लिखिए कैसे आप एक उन्नत लोकतंत्र लेकर आएंगे जो सभी के लिए होगा। अगर व्यवहारिक रूप से सही होगा हम मानेंगे। अगर कुछ नया नही दे सकते तो ट्विटर,फेसबुक,यूट्यूब पर ज्ञान देने से कोई फायदा नही ??
4/5
@Ashok_Kashmir या आप जिन पूंजीवादी खेमे के नेताओ को जनवादी नेता मानते है। मैं आपसे पूछना चाहता हूँ। आप भी इनमे से किसी एक की जगह पर होंगे। तब कुछ लोग निजी चाह के लिए आपको हटाना चाहे तो आप क्या करेंगे?? आप आसानी से हट जायेगे? या आप उसका दमन करेगे?
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@Ashok_Kashmir हिटलर न पूंजी के विकाश के लिए कत्लेआम किया। स्टालिन सोशलिज्म के लिए पूरे देश मे विकास किया । इसका सबूत 1917की क्रांति के बाद की अर्थव्यवस्था में विकाश को लेकर देखिए। और सर आप भी स्टॅलिन और जिन समाजवादी खेमे के नेताओ को तानाशाह मानते है।
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@Ashok_Kashmir सर आपको पसंद क्या है ? कौन से देश मे लोकतंत्र है ये आप स्पष्ट बताये। आपको भारत,चाइना, पाकिस्तान ,रूस,अमेरिका,जापान,इटली,जर्मनी इसके अलावा जो भी देश है उनमें से किसका लोकतंत्र पसन्द है??
सर हिटलर और JV स्टालिन आप दोनों को तानाशाह मानते है आपका ये आकलन सही है क्या??
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