पुलिस प्रशासन सत्ता के भ्रम में मत रहो! सत्ता किसी के बाप की जागीर नहीं, वक्त बदलते देर नहीं लगती।हमारे नेता बड़े भाई आदरणीय चंद्र शेखर आज़ाद जी के साथ की गई बदसलूकी महंगी पड़ेगी।
जनता सब देख रही है!
— एड. रायसिंह बौद्ध
प्रदेश महासचिव,
आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम), मध्यप्रदेश
राणा दामोदर भाई का घर दतिया का बच्चा बच्चा बता देगा दामोदर भाई को अकेला ना समझ और सुन
राणा कुत्ता पाल बिल्ली पाल गधा पाल बस ये बेहम मत पाल की तु कुछ उखाड़ सकता!
- एड.रायसिंह बौद्ध @BhimArmyChief@Bhimarmymedia@AzadSamajParty
भारत के निर्माण में अपना योगदान देंगे।आप सभी देशवासियों को 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
🇮🇳 जय हिंद • जय भारत • जय भीम • जय संविधान 🇮🇳
एड. रायसिंह बौद्ध
प्रदेश महासचिव, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) म.प्र. @BhimArmyChief@Bhimarmymedia@vinaykrsinghal
स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ 🇮🇳
देश की आज़ादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को कोटि-कोटि नमन।आइए, आज हम संकल्प लें कि संविधान, लोकतंत्र, समानता और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए सदैव आवाज़ उठाते रहेंगे और एक मजबूत,
ज़ुल्म जब भी हद से आगे बढ़ने लगता है,
वहीं से बदलाव का सूरज निकलने लगता है।
आज जंतर-मंतर पर बच्चों और बच्चियों के साथ जिस प्रकार का बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया गया, उसने मन को गहराई तक झकझोर दिया। मैंने जलियांवाला बाग का वह दौर नहीं देखा, लेकिन आज जो दृश्य सामने आए, उन्होंने इतिहास के उस काले अध्याय की याद अवश्य दिला दी।
लोकतंत्र में अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। यदि उस अधिकार का उत्तर बल प्रयोग से दिया जाए, तो यह केवल कुछ लोगों पर नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी आघात है।
इसी पीड़ा और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के संकल्प के साथ, आज से मैं संसद भवन परिसर में परम पूज्य बाबा साहेब की प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठ रहा हूँ। जब तक न्याय सुनिश्चित नहीं होता और इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध उचित कार्रवाई नहीं होती, मेरा यह शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा।
मैं देश के हर युवा साथी को भरोसा दिलाता हूँ कि न यह मुद्दा खत्म हुआ है और न ही यह आंदोलन।
आपका भाई हर कीमत पर आपके साथ खड़ा है। संसद से लेकर सड़क तक, इस लड़ाई को पूरी जिम्मेदारी, पूरी मजबूती और पूरी प्रतिबद्धता के साथ पहले भी लड़ी है और आगे भी पूरी ताकत के साथ लड़ूँगा। मैं केवल एक जनप्रतिनिधि नहीं, बल्कि आपका भाई हूँ। आपके अधिकार, सम्मान और भविष्य की इस लड़ाई में आख़िरी दम तक आपके साथ रहूँगा।
साथ ही मैं दिल्ली पुलिस से भी अपील करता हूँ कि इन मासूम, पढ़ने-लिखने वाले युवाओं पर लाठियाँ चलाकर अपनी वर्दी को दागदार न करें। ये बच्चे भी इसी देश के भविष्य हैं और किसी न किसी पुलिसकर्मी, किसान, मजदूर या आम परिवार के घर से ही निकले हैं। स्थिति को संवेदनशीलता, धैर्य और कानून के दायरे में रहकर संभालिए। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है।
वार्ता के बजाय दमन का रास्ता अपनाने से बात बनती नहीं, बल्कि बिगड़ती है।
मैं सभी युवा साथियों से भी अपील करता हूँ कि हर परिस्थिति में शांति, संयम और अनुशासन बनाए रखें। किसी भी उकसावे या अफवाह में न आएँ। हमारी सबसे बड़ी ताकत हमारी एकता, हमारा लोकतांत्रिक संघर्ष और संविधान पर हमारा विश्वास है।
हम लड़ेंगे, डटकर लड़ेंगे, लेकिन संविधान और लोकतंत्र के रास्ते पर चलकर अपने अधिकार लेकर रहेंगे।
जय भीम! जय संविधान!
दूसरों के जीवन के गहरे राज़ उजागर करने का दावा करने वाले ढोंगी बाबा, आज राम के नाम पर हुए इतने बड़े घोटाले के दोषियों का नाम बताने से क्यों डर रहे हैं? 'जान के खतरे' का बहाना बनाकर नाम लेने से बचने का स्वांग रच रहे हैं। जब ईश्वर की पर्ची के नाम पर इतना बड़ा धार्मिक व्यापार खड़ा कर दिया, तो आज ईश्वर के घर में हुई इस कथित लूट पर बाबा के चमत्कारिक दावे कहाँ गायब हो गए?
सच तो यह है कि चमत्कार के नाम पर सदियों से जनता को मूर्ख बनाया जाता रहा है। अब लोगों को समझ जाना चाहिए कि न्याय धर्मग्रंथों या पर्चियों से नहीं, बल्कि देश के संविधान, कानून और पुलिस की जांच से ही मिलेगा।