काँच केरी चिमनी…
Originally ये गाना किसने लिखा है…??
आजकल ग़ज़ब चल रहा है गाना…
राजस्थानी गानों की मिठास ही अलग हैं…
राजस्थानी गायकी के क्षेत्र में क्रेज़ थोड़ा बढ़ जाए…
फिर देखो तुम… कैसे पूरी दुनिया सुनती है….!!!
रीट पात्रता का आयोजन जानबूझकर नहीं करवाया गया क्योकि अगर रीट पात्रता का आयोजन होता तो फिर नियमित अध्यापक भर्ती का भी आयोजन सरकार को कारवाना पड़ता ।।
हर साल रीट पात्रता का आयोजन करवाया जाएगा उसका क्या हुआ 🤔🤔🤔🤔🤔
#इससे बड़ी दुख की बात क्या होगी
#सूचना पुख्ता ✅✅✅✅
कांग्रेस ने विधा संबल निकाली थी तब
राजेंद्र राठौड़ जी ने कहा- ये भर्ती स्थायी होती तो शायद युवाओ के साथ छल नही होता अब खुद कर रहे है ✅
सरकार कोई भी हो पीसता युवा ही है
बीजेपी का कोई भी नेता विद्या संबल योजना का विरोध नहीं कर रहा है 🤔🤔🤔🤔
जबकि
2022 में सारे नेता भयंकर विरोध कर रहे थे
यही राजनीति है इसी को समझाना है और लोकल चुनाव में इसी के अनुसार वोट देना है ।
विद्या संबल को मजाक बना दिया 🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔
कुछ जिले निरस्त कर रहे है ???
कुछ जिले संशोधित आदेश जारी कर रहे है ???
कुछ जिलों ने आदेश तक जारी नहीं किए
प्रदेश के ऐसे हाल शायद ही कभी देखने को मिले होंगे
भगवान ही मालिक है
शिक्षा विभाग की स्थिति समझे /गेस्ट फैकल्टी प्लान समझे -
कथनी-बीजेपी द्वारा विपक्ष 2021 में गेस्ट फैकल्टी का विरोध किया गया ,दो माह पहले शिक्षा मंत्री जी द्वारा सम्पूर्ण रिक्त पदों को नियमित भर्ती से भरने का वादा किया है
करनी-
(1) सरकार बनते ही फर्स्ट ग्रेड भर्ती विज्ञापन =2202 पदों पर जबकि रिक्त पदों की संख्या थी 2024 तक 17500 (11 साल में सबसे कम पदों पर भर्ती जानबूझकर गेस्ट फैकल्टी लागू करने की मंशा से निकाली गई )
(2)सेकंड ग्रेड भर्ती विज्ञापन =2129 पदों पर जबकि रिक्त पदों की संख्या थी 2024 में 25351 (13 साल में सबसे कम पदों पर भर्ती जानबूझकर मंशा गेस्ट फैकल्टी लागू करने की )
(3)अध्यापक भर्ती निकाली = 7759 पदों पर (विशेष शिक्षा जीरो पद ,सामान्य शिक्षा लेवल 2 जीरो पद जबकि रिक्त पद 10 हज़ार थे ) इतिहास में सबसे कम पदों पर
विशेष- भर्ती कैलेंडर पॉइंट 9 में घोषणा थी शिक्षा विभाग में 10 हज़ार विविध पदों पर मार्च तक भर्ती करेंगे आज दिनांक तक कोई अता पता नहीं
बजट घोषणा 25 हज़ार का कोई अता पता नहीं
शिक्षा विभाग में सरकार ने नियमित स्थाई भर्ती का वादा करके धोखा दिया है
आने वाले चुनाव में वोट की चोट से जवाब जरूर देवे
#हनुमान_किसान
@News18Rajasthan@hemantkumarnews
भाजपा सरकार ने अपने चुनावी घोषणापत्र में युवाओं को स्थायी रोज़गार देने का वादा किया और अब उन्हें गेस्ट फैकल्टी पर “शिक्षावीर” बनाने का काम कर रही है।
शिक्षा विभाग द्वारा विद्या संबल योजना में भर्ती प्रदेश के बेरोज़गार युवाओं के साथ धोखा है। अकेले शिक्षा विभाग में 1,25,000 से अधिक पद रिक्त हैं और भाजपा सरकार विद्या संबल के नाम पर बेरोज़गारों को गुमराह कर उनके हकों पर डाका डालने का काम कर रही है।
गेस्ट फैकल्टी “शिक्षावीर” के नाम पर सरकार अपने चहेतों को लाभ देने का कार्य कर रही है, जो कि आरक्षित वर्गों के हितों पर कुठाराघात है। इसमें एससी, एसटी, ओबीसी, एमबीसी, ईडब्ल्यूएस और महिला सभी वर्गों के साथ भेदभाव करके अपने चहेतों को बैकडोर से एंट्री देने का सुनियोजित प्लान है।
हम तो बार-बार कह रहे हैं कि सरकार और विशेषकर शिक्षा विभाग “यू-टर्न विभाग” बन चुका है। सरकार को जब आदेश निकालने के बाद उन्हें बार-बार निरस्त करना पड़े, तो ऐसे आदेश निकालते ही क्यों हो ?
मुख्यमंत्री जी, प्रदेश का युवा ऐसी अस्थाई भर्ती का समर्थन नहीं करता, वह स्थायी सरकारी नौकरी चाहता है। विभाग द्वारा जारी किए गए आदेशों को तत्काल निरस्त किया जाए और स्थायी भर्ती कराई जाए l @RajCMO@BhajanlalBjp
राजस्थान में RTI का मज़ाक बनाकर रख दिया है!
अभ्यर्थियों द्वारा REET 2026 से सम्बन्धित मांगी गई जानकारी को 'प्रश्नात्मक' और 'भविष्यात्मक' बताकर खारिज कर दिया जाता है।
अगर विभाग ऐसे ही गैर-जिम्मेदाराना जवाब देंगे, तो RTI कानून का औचित्य ही क्या रह जाएगा?
पारदर्शिता का गला घोंटना बंद करो!
@BhajanlalBjp@RajCMO
#RTI #REET #Transparency
#UPI#NCPI
बहुत सिंपल सा गणित है। UPI की वजह से अमेरिकी कंपनियों की भारत में बैंड बजी है। भारत में 80% डिजिटल भुगतान UPI से होता है।
UPI की वजह से अमेरिकी कंपनी मास्टरकार्ड और वीजा का लगभग मार्केट खत्म हो चुका है। पहले 100% इन कंपनियों का कब्जा था।
UPI से लोग फ्री में पेमेंट कर ले रहे थे इससे Mastercard VISA का बाजार लगातार भारत में सिमट रहा था।
अब अमेरिकी कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए UPI पर फीस लगा दी गई है।
एक बात और इनकम टैक्स के अलावा बाकी लगभग जितने भी टैक्स मर्चेंट पर लगाए जाते हैं वो सीधे आम जनता से वसूला जाता है।
---कहानी समाप्त---
ये जमाने गए प्रिसिपल साहब जब आप कुछ भी काम करवा लेते थें.!
ये आदेश नियम विरोधी और विरोधाभासी प्रतित हो रहें है.!
निदेशालय को स्पष्ट और संशोधित जॉब चार्ट निकालना चाहिए ताकि नवनियुक्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का शोषण नही हों.!
भाजपा सरकार अपना ही संकल्प पत्र खोलकर पढ़ ले।
पृष्ठ 33 पर लिखा है — "हम शिक्षा विभाग की सभी रिक्तियों को एक वर्ष के अंदर भरने के लिए संकल्पित हैं।" और आज ढाई साल बाद भी सहायक कर्मचारी से लेकर अतिरिक्त निदेशक तक करीब डेढ़ लाख पद रिक्त हैं। व्याख्याता के आधे से ज्यादा पद (51,073) खाली, वरिष्ठ अध्यापक के 24,384 पद खाली, प्राचार्य के 15,921 पद खाली।
मुख्यमंत्री जी जवाब दें:
"एक वर्ष" का वादा किस वर्ष पूरा होगा?
जब सरकारी स्कूलों में शिक्षक ही नहीं, तो 2.5 लाख सरकारी नौकरियों का वादा कहां गया?
एकल शिक्षक के भरोसे चल रहे स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी कौन लेगा?
युवा भर्ती मांग रहे हैं, बच्चे शिक्षक मांग रहे हैं और सरकार सिर्फ बहाने दे रही है। युवाओं से वोट लेने के लिए ही झूठ बोले गए थे क्या ?
@RajCMO@BhajanlalBjp