यह पहला वेबसाइट है। जहाँ आप हिन्दु धर्म (सनातन धर्म) कि संस्कृति से पुर्णत: जुड़ सकते है। यहाँ आपको व्रत कथा, आरती संग्रह और अखंड रामायण, श्री भगवद् गीता भावार्थ सहित उपल्बध किया गया है।पढ़े और पढ़ाए अपनी संस्कृति से जुड़े क्लिक कर डाउनलोड करे
#ForAndroid
https://t.co/CKKnnxZYPC
कुरुक्षेत्र के मैदान में कौरवों-पांडवों की सेनाएँ आमने-सामने आ डटीं। कौरवों की सेना के आगे भीष्म थे तथा पांडवों की सेना का संचालन कर रहे थे- अर्जुन। अर्जुन ने जब देखा कि उसे अपने गुरु, पितामह, भाई-बंधु और सगे-संबंधियों से युद्ध करना है। https://t.co/snKsAgPGmL
पुराणों के अनुसा�� सृष्टि के आरंभ में ब्रह्मनाद से जब शिव प्रकट हुए तो उनके साथ 'सत', 'रज' और 'तम' ये तीनों गुण भी जन्मे थे। यही तीनों गुण शिव के 'तीन शूल' यानी 'त्रिशूल' कहलाए। संगीत प्रकृति के हर कण में मौजूद है। भगवान शिव को 'संगीत का जनक' माना जाता है। https://t.co/UJrKjaxOCj
महर्षि वाल्मीकि का चौबीस हजार श्लोकों से युक्त रामायणकाव्य का निर्माण कर लव-कुशको पढ़ाना, लव और कुश का अयोध्या में श्रीराम द्वारा सम्मानित हो रामदरबार में रामायण गान सुनाना https://t.co/5UgHKZEgxh
सृष्टि के प्रारम्भ में भगवान नारायण के नाभिकमल से सर्व प्रथम ब्रह्मा जी का प्राकट्य हुआ। इसी से वे पद्मयोनि भी कहलाते हैं। नारायण की इच्छाशक्ति की प्रेरणा से स्वयं उत्पन्न होने के कारण ये स्वयम्भू भी कहलाते है। https://t.co/ts7kegXjm5
बहुत पुरानी बात है, उस समय सत्ययुग चल रहा था। एक बार भगवान ब्रह्मा के मानस-पुत्र ऋषि सनकादि, जिनकी आयु हमेशा पंचवर्षीय बालक कीसी ही रहती है, वैकुण्ठ लोक में जा पहुँचे। वे भगवान् विष्णु के पास जाना चाहते थे। https://t.co/mHLNbxtsfX
ऋषि दुर्वासा सतयुग, त्रेता एवं द्वापर तीनों युगों में मौजूद थे। पुराणों के अध्ययन से पता चलता है कि वशिष्ठ, अत्रि, विश्वामित्र, दुर्वासा, अश्वत्थामा, राजा बलि, हनुमान, विभीषण, कृपाचार्य, परशुराम, मार्कण्डेय ऋषि, वेद व्यास और जामवन्त आदि कई ऋषि, मुनि और...
https://t.co/YLbSZE1xcu
मित्रो अखंड रामायण आप सभी का सदैव अभिनंदन करता है। और यह आशा करता है कि इस पवित्र और धार्मिक कार्य मे हमें आपका सहयोग सदैव प्राप्त होता रहे।
यदि आप इच्छुक है तब आप हमें इस #PaytmLink या #QRCode द्वारा क्लिक कर के भी दान कर सकते है।
Paytm Link👇
https://t.co/KaDmBDn0pA
QR Code👇
मित्रो अखंड रामायण आप सभी का सदैव अभिनंदन करता है। और यह आशा करता है कि इस पवित्र और धार्मिक कार्य मे हमें आपका सहयोग सदैव प्राप्त होता रहे।
🙏 मित्रो अब आप अपनी स्वेच्छा से #अखंडरामायण के लिए #Paytm से दान भी कर सकते है।
#जयश्रीराम
यह पहला वेबसाइट है। जहाँ आप हिन्दु धर्म (सनातन धर्म) कि संस्कृति से पुर्णत: जुड़ सकते है। यहाँ आपको व्रत कथा, आरती संग्रह और अखंड रामायण, श्री भगवद् गीता भावार्थ सहित उपल्बध किया गया है।
https://t.co/bpT14AzZ5S
प्रिय मित्रो और बहनों को अखंड रामायण परिवार कि ओर से नव वर��ष २०१९ की हार्दिक शुभकामनाएँ।
भगवान श्री राम आप सभी को सुख समृध्दि और यश प्रदान करें।
तथा अन्य भाईयों को भी हिन्दू संस्कृति से जुड़ने और समझने का सहयोग प्रदान करे।
मित्रो आज व सदैव अवस्य लिखे- ॥जय श्री राम॥
प्रिय मित्रो आज आप अपने नये मित्र @AartiSangrah का ह्रदय से स्वागत अवस्य करे और पुर्ण सहयोग करे।
हमारे मित्र द्वारा एक और धार्मिक, पवित्र, प्रशंसनीय व अच्छा कार्य हमारी संस्कृति को बचाने के लिए किया जा रहा है।
मित्रो हमारे देश में विदेशियों की सत्ता हो जाने के बाद हम अपनी ही संस्कृति को भूलने लग गये। परन्तु हम पुन: अपनी संस्कृति को जीवित रखने के लिए ��्रयासरत है।
अखंड रामायण का पाठ करने के लिए @AkhandRamayan
श्री भगवद् गीता का पाढ़ करने के लिए @SrBhagavadGeeta
को फ़ॉलो करे धन्यवाद 🙏
मित्रो कई दिन से हम यह देख रहे है कि हमारे अनेक मित्र और बहन आजकल बहुत कम हमारे टवीट पर है, क्या हमसे कुछ गलती हुई हैं.? कृपया बताये!
आप लोगों के प्यार, आशीर्वाद, और सहयोग के बिना हमारा यह पवित्र और धार्मिक कार्य पूर्णत: सफल नहीं होगा। अखंड रामायण के असली आधार स्तंम्भ आप सभी हैं।
माननीय श्री @narendramodi और @myogiadityanath जी हमें पता है आप के पास इतना समय नहीं है कि आप यह पढ़े।
परन्तु यह सत्य है अब यदि आप सत्ता में आना चाहते है तो आपको कम से कम श्री राम मंदिर का कार्य प्रारम्भ करवाना ही उचित होगा अन्यथा कोई विकल्प नहीं है।
॥हम हिन्दु है पर मुर्ख नहीं॥
मित्रो हमारा सबसे बड़ा दुर्भाग्य आज यही है कि हम राम नाम का सहारा नहीं ले रहे हैं। वही एक सार्थक नाम के रुप में हमारे ऋषि-मुनियों ने राम नाम को पहचाना है। उन्होंने इस पूज्य नाम की परख की और नामों के आगे लगाने का चलन प���रारंभ किया था।
यह सत्य है कि राम से बड़ा राम का नाम होता है।👇
श्रीगुरु चरन सरोज रज निज मनु मुकुरु सुधारि ।
बरनउँ रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि ॥
॥श्री गुरुचरणकमलेभ्यो नमः॥
आप सभी मित्रों व परिवार के समस्त सदस्य को तथा @GitaPress माननीय @narendramodi जी एवं
@myogiadityanath जी को #अखंडरामायण परिवार से गुरु पूर्णिमा की ह्रदय से शुभकामनाएं