हरियाणा के एक अस्पताल में लगे CCTV कैमरे में एक दुखद पल कैद हो गया,
जब एक डॉक्टर ने कैमरे की नज़र से बचने के लिए पर्दे बंद कर दिए और फिर कथित तौर पर एक बुज़ुर्ग मरीज़ की छाती पर कोहनी मारकर उसके साथ मारपीट की
इस घटना का फुटेज सामने आने के बाद लोगों में भारी गुस्सा फैल गया है, और उन्होंने डॉक्टर तथा अस्पताल, दोनों पर कार्रवाई करने की माँग की है.
इंसान कितना घटिया है देखिए😡
Bus में बैठा एक गरीब आदमी Vendor को खाना लेने के लिए ₹100 देता हैं
Vendor पैसे तो ले लेता है लेकिन आदमी को खाना नहीं देता
इतने में बस चलने लगती है और Vendor हाथ में सौ रुपए लेकर हंसने लगता है
और कहता है मै रोज ऐसे ही Bus के लोगो को..See more
सभी वर्गों के लिए कुछ न कुछ है सरकार के पास,
सिर्फ हम सवर्णो के लिए कुछ नही है😡,तो क्यों नही है😡😡,क्या हम टेक्स नही देते,या कोई सरकारी बिल नही भरते😡😡हमारे साथ ये अन्याय क्यों है, हमारे ही टेक्स पर पलने वाले 😡,हमे आँख दिखाएंगे😡और हम बर्दास्त कर लें😡😡
@modi@myogiadityanath
हर सवर्ण सनातनियों से अनुरोध है कि इस वीडियो को इतना फॉरवर्ड करो कि ये @narendramodi जी तक पहुंच जाए ...
आखिर मोदी जी को भी पता तो चले कि उन्होंने सवर्णों पर कितना अत्याचार किया है
अतिथि देवो भवः, होली एक सांस्कृतिक त्योहार!!
इस जापानी टूरिस्ट के साथ होली पर ये सब हुआ।
22 साल की लड़की ! भारत दर्शन करने आई थी !
क्या सजा हुई इस मामले में ?
सजा कोई नजीर बन सकी ?
दिल्ली में हुआ था ये सब... सिर्फ 3 साल पहले...
क्या आज, कोई नेता, मंत्री, आवाज उठा सकते हैं कि होली पर ऐसा कृत्य ना करें, करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी !!!
सिर्फ यूपी बिहार की ये बीमारी नहीं है !
"जब तक मेरे बेटे का ब्राह्मण की बेटी से संबंध नहीं बने, तब तक आरक्षण रहे"
◆ IAS संतोष वर्मा ने एक कार्यक्रम में कहा
#SantoshVerma | IAS Santosh Verma |
🚨 पश्चिम बंगाल में SIR कैसे होता है देखिए ✍️
खेड़ाबाड़ी मण्डल, खुनीयापुकुर में, बीएलओ एक स्थान पर बैठे EP फॉर्म दे रहे थे, जबकि प्रोटोकॉल स्पष्ट रूप से कहता है कि उन्हें प्रत्येक घर तीन बार जाना चाहिए
चुनाव आयोग ध्यान दीजिए 🙏 EC के बनाए नियम की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही
@SuvenduWB
19 साल का अरनव खैरे ने लोकल ट्रेन में उसने बस हिंदी में इतना कहा, Bhai Thoda Aage Badho.
इसके बाद कुछ लोगों ने उसे इसलिए पीटा, क्योंकि वह हिंदी बोल रहा था. जबकि अरनव खैरे खुद मराठी है.
अपमान और सदमे में उसने परीक्षा बीच में छोड़ दी. घर आया और अपनी जान ले ली.
एक मामूली-सी लाइन, एक सामान्य-सी भाषा, और इतनी नफ़रत कि एक नौजवान की जिंदगी ख़त्म हो गई.
यह महाराष्ट्र की पहचान नहीं हो सकती. यह भाषा का अभिमान नहीं, इंसानियत का पतन है.
@RajThackeray@MNSAdhikrut
क्या यही महाराष्ट्र चाहिए था. जहां भाषा की राजनीति ने एक मराठी बच्चे की जान ले ली.