When a Muslim becomes hungry, they sell their daughters to satisfy their hunger and fill their stomachs. This Muslim is selling his little daughters because he is hungry.
This is Islam
आतंकी है आतंकी
इनकी मानसिकता इतनी खराब है कभी पत्थर फेंकना कभी लोगों को परेशान करना पटरी के आसपास रह रहे इस तरह के सामाजिक तत्वों पर कार्रवाई करनी चाहिए आए दिन ट्रेनों पर पत्थर फेंकना इस तरह की चोरी चाकरी की घटना करना कहीं से भी उचित नहीं है
मौलाना अगर हमारे शिव भक्त कावड़िया आतंकव!दी होते
तो आज मक्का में भी कावड़ का जल चढ़ रहा होता
-यति नरसिंहानंद गिरि जी महाराज
मैं गुरु जी से सहमत हूँ और आप????
कांवड़ यात्रा में कोई छोटा बड़ा ऊंचा नीचा नहीं होता है। किसी की कोई जाति नहीं होती। सबके नाम के पीछे भोला उपजाति होती है। जैसे सोनू भोला, राहुल भोला, विजय भोला
बस यही जातिविहीन यात्रा अंबेडकरवादियों को हजम नहीं होती। उन्हें डर है अगर जातिविहीन समाज बन गया तो उनकी दुकान बंद हो जाएगी। इसी राजनीति को जिंदा रखने के लिए आंबेडकरवादी कांवड़ उठाने वाले सनातनी दलित भाइयों को टारगेट कर रहे हैं।
लेकिन इनकी ऑक्सीजन के पाइप पर सनातनी दलित पैर रख चुका हैं। अब ये नफरत की राजनीति नहीं चलेगी।