बहुत डर दिखा लिया बीजेपी ने मुसलमानों का, और अब स्वर्ण के साथ अत्याचा��� कर रहा है बीजेपी सरकार,दिल्ली पुलिस जिसके पक्ष में हम khare थे cjp आंदोलन के टाइम,इस पुलिस का रूप देख कर लगता है छात्रों ने बिल्कुल सही किया था.
2029 बीजेपी का जाना तय है क्योंकि स्वर्ण के साथ बहुत अत्याचार हो रहा बीजेपी सरकार में.
बेशर्मी की हदें पा��� की जा रही हैं। कितना बड़ा कायर है पुलिस की एक बेटी के सर में लाठी मार रहा है।
हम रुकेंगे नहीं, अन्याय और अत्याचार के खिलाफ मजबूती से लड़ते रहेंगे।
#ReservationReformआंदोलन
#UGC_RollBack
#StopMisuseOfSCSTAct
चंद्रशेखर रावण से बड़ा 2गला नेता आज तक नही देखा
इसे मुसलमानों से प्यार है
लेकिन हिंदुओं से नफ़रत हैं
इसे दलितों से दिखावटी प्यार है
लेकिन सवर्णों से दिल से नफ़रत हैं
इसे मुसलमानों के लिए मुस्लिम वक्फ बोर्ड चाहिए
लेकिन सनातन बोर्ड का विरोध करेगा
इसे EWS खत्म करना है।
ऐसे नेताओं को आप क्या कहेंगे?
सासाराम, बिहार से @HardeepSPuri और @nitin_gadkari जी के समर्थन में। वैसे तो बोतल में पेट्रोल बेचने की अनुमति नहीं है, अत��� पहले व्यक्ति को जेल में डाला जाए कि सरकार को बदनाम किया जा रहा है।
दूसरी बात, पेट्रोल पम्प बारिश में बाहर में खड़ा होने से भींग गया है, इसी कारण से पम्प से पानी निकल रहा है। इसमें सरकार का या @HPCL का कोई दोष नहीं है।
मां बाप की मेहनत का पसीना स्कूल से निकलकर होटल में बहाया जा रहा
शर्म नाम खत्म हो चुका इनके अंदर
आज के समय में कुछ बच्चों के सामने पढ़ाई से ज्यादा सोशल मीडिया, रील और दिखावे की दुनिया हावी होती जा रही है। स्कूल की ड्रेस पहनकर घर से पढ़ने के नाम पर निकलना और फिर दोस्तों के साथ घूमना-फिरना या रील बनाना यह देखकर सवाल उठता है कि आखिर हम अपने बच्चों को किस दिशा में जाते हुए देख रहे हैं?
एक तरफ माता-पिता दिन-रात मेहनत करते हैं। कभी धूप में पसीना बहाते हैं, कभी मजदूरी करते हैं, कभी अपनी जरूरतें रोककर बच्चों की फीस, किताबों और पढ़ाई का खर्च उठाते हैं।
कई मां-बाप की हथेलियां मेहनत करते-करते कठोर हो जाती हैं, शरीर थक जाता है, लेकिन उनके चेहरे पर एक ही उम्मीद रहती है कि हमारा बच्चा पढ़-लिखकर एक दिन अपने पैरों पर खड़ा होगा।
लेकिन जब वही बच्चा पढ़ाई के नाम पर घर से निकलकर अपना समय केवल घूमने रील बनाने और दिखावे में लगाने लगे, तो सबसे ज्यादा चोट माता-पिता के विश्वास को पहुंचती है।
यह बात हर बच्चे पर लागू नहीं होती। आज भी लाखों बच्चे ईमानदारी से मेहनत कर रहे हैं, अपने माता-पिता के सपनों को पूरा करने के लिए दिन-रात पढ़ रहे हैं। लेकिन जो बच्चे पढ़ाई और जिम्मेदारी स�� भटक रहे हैं, उन्हें समझना चाहिए कि जिंदगी केवल कुछ मिनट की वायरल रील या सोशल मीडिया की तारीफ का नाम नहीं है।
दोस्ती करना गलत नहीं है, किसी से बात करना भी गलत नहीं है, लेकिन उम्र, जगह और जिम्मेदारी को समझना जरूरी है। स्कूल जाने की उम्र में पढ़ाई और अपने भविष्य को प्राथमिकता देना सबसे जरूरी है। किसी भी बच्चे को केवल इसलिए बुरा या चरित्रहीन कहना भी सही नहीं है कि वह किसी दोस्त के साथ दिखाई दे रहा ��ै मगर अगर कोई बच्चा सचमुच पढ़ाई के बहाने घरवालों से झूठ बोलकर अपना समय गलत कामों में बर्बाद कर रहा है, तो उसे रोकना और समझाना परिवार तथा स्कूल दोनों की जिम्मेदारी है।
माता-पिता अपने बच्चों से सिर्फ अच्छे नंबर की उम्मीद नहीं करते, वे चाहते हैं कि उनका बच्चा अच्छा इंसान बने, सही-गलत में फर्क समझे और उनके संघर्ष की कीमत जाने।
इसलिए बच्चों से बस इतनी अपील है मां-बाप की मेहनत को कभी छोटा मत समझना। उनके पास शायद महंगे कपड़े या बड़ी गा���़ी न हो, लेकिन तुम्हारे भविष्य के लिए उन्होंने अपनी जिंदगी के अनगिनत दिन कुर्बान किए हैं। तुम्हारे हाथ में मोबाइल देने से पहले उन्होंने शायद अपनी जरूरत की कोई चीज नहीं खरीदी होगी।
रील कुछ सेकंड की होती है, वायरल होने की खुशी कुछ समय की होती है, लेकिन शिक्षा और अच्छा भविष्य पूरी जिंदगी साथ रहते हैं।
और माता-पिता से भी यही कहना है कि बच्चों को केवल डांटने के बजाय उनसे खुलकर बात करें, उनकी दोस्ती, सोशल मीडिया और उनकी प���ेशानियों को समझें। डर के माहौल से ज्यादा जरूरी है विश्वास और सही मार्गदर्शन।
बच्चों को रोकना नहीं, उन्हें सही दिशा दिखाना जरूरी है।
क्योंकि मां-बाप की मेहनत का सबसे खूबसूरत परिणाम यह नहीं कि बच्चा कितना पैसा कमाता है, बल्कि यह है कि वह बड़ा होकर कितना जिम्मेदार, संस्कारी और अच्छा इंसान बनता है।
#लखनऊ ग्राम पंचायत सचिव अल्सफ बेग अपनी महिला मित्र के साथ रंगरलिया मना रहे थे। पत्नी को भनक लगी और सीधे पहुंच गई कुर्सी रोड के फ्लैट में।
पत्नी ने पति और उसकी गर्लफ्रेंड को रंगे हाथ पकड़ लिया। उसके बाद गर्लफ्रेंड की जमकर तुड़ाई कर दी
बेचारा पति पूरा घटनाक्रम चुपचाप खड़ा होकर देखता रहा। राजधानी के गुडंबा थाना क्षेत्र का मामला।
#lucknow
असम जा रही ट्रेन में देखिए ट्रेन में पैंट्री मैनेजर ने कुछ लोगों को पा��ी , नाश्ता बेचते हुए पकड़ लिया। 😎
उसने पूछा किसके परमिशन से तुम लोग बेच रहा हैं। तुम लोगों के पास 🆔 कार्ड है। युवक बोला आपको भी पैसा चाहिए रेलवे पुलिस वाले लेते है।
एक महिला और उनका परिवार ने पटना से गुवाहाटी के लिए कृष्णा बस ट्रैवल्स से स्लीपर की टिकट ली वो भी 4000 की टिकट।
लेकिन बस वालों ने किशनगंज में बस को रोक दिया। अब बस वालों का कहना ��ै आगे नहीं जाएगी। जिससे महिला गुस्से में आ गई।
दुगुना भाड़ा लिया गया इनसे अब ड्राइवर भी भाग गया।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने जनरल ओबीसी को बडी राहत दी है, एस सी एसटी एक्ट अब जमानती है, अग्रिम जमानत दी जा सकती है
जो बोट के लालच मे सरकारें नहीं कर पाईं,
क्या नेता कोर्ट के आदेश को आने वोट के चलते पलट सकते है?
यह चारों अयोध्या पुलिस के जवान हैं। इन्होंने सीकर (राजस्थान) के एक व्यक्ति को नोटिस दिया। पूछताछ के लिए उसे अयोध्या बुलाया। उसका नाम साइबर फ्रॉड केस में शामिल होना बताया। जेल भेजने की धमकी दी। इससे बचने के लिए 4 लाख रुपए मांगे। 2.80 लाख में डील फाइनल हुई। आज ये पैसा लेने सीकर पहुंचे। राजस्थान की एंटी करप्शन ब्यूरो टीम ने चारों धर लिए। अब UP पुलिसवाले जेल जा रहे हैं।
यह घुँघरू सेठ का झुमरू अभिजीत दिपके क्लासरूम में ऐसे हाथ पीछे करके खड़ा है, जैसे ये हिंगोली का डीएम हो या स्कूल का ट्रस्टी।
बच्चे पढ़ाई कर रहे थे, लेकिन ये सीधे उनकी क्लास में घुस गया और शिक्षकों के साथ बदतमीजी करने लगा। आखिर इसे इस तरह का व्यवहार करने का अधिकार किसने दिया?
और इसे अपने साथ इतने सारे मीडिया वालों क��� लाने की जरूरत ही क्यों पड़ती है? अगर वीडियो बनाना है तो सिर्फ एक आदमी को साथ लेकर जाए, जो उसकी रिकॉर्डिंग कर दे।
महाराष्ट्र सरकार को तुरंत इस आदमी के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए और बिना उचित अनुमति के किसी भी स्कूल में इसके प्रवेश पर रोक लगानी चाहिए।
यह ��ख्स नेपाल के मधेस प्रदेश का मुख्यमंत्री रहा है इसका नाम लाल बाबू राउत है
इसकी मां का नाम राधिका है इसके बाप का नाम दशरथ राउत था इसके भाई का नाम रामबाबू राउत है यह बाकायदा टीका लगाया है
आपको लग रहा होगा कि यह शख्स हिंदू ही होगा और इसका पूरा परिवार हिंदू होगा
लेकिन आप यह जानकर चौंक जाएंगे कि यह सब मुस्लिम है और यह अल तकिया का अब तक विश्व का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है
इसके दादाजी बहराइच से नेपाल जाकर बसे जब नेपाल हिंदू राज्य था वहां राजशाही थी
तब इसके दादा ने वहां अपना हिंदू नाम रखा ताकि लोगों को यह बताया जा सके कि हम हिंदू हैं परिवार में सबके नाम हिंदू रखे जाते थे लेकिन सब इस्लाम धर्म का पालन घर म��ं करते थे घर में नमाज पढ़ते थे
क्योंकि इसे हिंदू बहुल राज्य में नेतागिरी करनी थी तब इन सब ने हिंदू नाम रख लिया था ताकि किसी को पता ना चले कि यह मुस्लिम है
फिर नेपाल में राजशाही खत्म हो गई साजिश के तहत बड़े पैमाने पर धर्मांतरण हुआ मस्जिद बने मदरसे बने डेमोग्राफी बदल दी गई
नेपाल में मुस्लिम बढ़ते जा रहे हैं
तब इस शातिर धूर्त ने अपने बेटे का नाम मोहम्मद दाऊद रखा है
और अब यह खुलकर बता रहा है हम सब मुस्लिम है हमने तो केवल नेपाल को मूर्ख बनाने के लिए हिंदू नाम रखा था
हिन्दुओं की बेटी ले लो...
8 लाख में ले लो....10 लाख में ले लो...🚨
सुंदर सुंदर बहन बेटी ले लो... खरा माल ले लो..
जी हाँ.. आकिबअंसारी और सैय्यद इब्राहिम हिन्दुओं की बेटियों को फंसाकर ऐसे ही आठ दस लाख़ में बोली लगा लगा कर बेचते थे...
दोनों ने बताया कि
“हम हिंदू लड़कियों को 8 से 10 लाख रुपये में बेचते हैं,” और इसमें हमारी अम्मी अब्बू और बड़ी मस्जिद के मुल्ला जी मदद करते हैं ✍️
जोधपुर की दो नाबालिग हिंदू लड़कियों को कथित तौर पर मुस्लिम पुरुषों ने सोशल मीडिया और गेमिंग प्लेटफॉर्म के ज़रिए नकली पहचान ��ा इस्त���माल करके बहलाया-फुसलाया और बेंगलुरु जाने वाली ट्रेन में बैठा दिया....
जोधपुर पुलिस से मिली सूचना के बाद,
RPF की टीमों ने 'ऑपरेशन रेल प्रहरी' के तहत अहमदाबाद में ट्रेन को रोका और लड़कियों को बचाया। दो संदिग्धों, जिनकी पहचान आकिब अंसारी (24) और सैयद इब्राहिम के तौर पर हुई, को हिरासत में लेकर पुलिस को सौंप दिया गया...
आरोपी ने कबूल किया कि वह बांग्लादेश में हिंदू लड़कियों को 8 से 10 लाख रुपये में बेचता ह�� और उसने अब तक पांच हिंदू लड़कियों के साथ ऐसा किया है...
अधिकारी नकली पहचान, जाली दस्तावेज़ और मानव तस्करी से जुड़े संभावित लिंक के आरोपों की जांच कर रहे हैं...