कोचिंग माफिया वाले मास्टर और 'सर' लोगों को नैतिकता के दंभ नहीं भरने चाहिए। चाहे ख़ान हो या अभिनय, इनके वीडियो में ज्ञान कम और परफॉरमेंस अधिक होता है। मैथ्स पढ़ाने वाले जब कोविड वैक्सीन के कारण लोगों को हार्ट अटैक होने की बकवास करते हैं और स्मार्ट बोर्ड के सामने नाचने लगते हैं, तो वो टीचिंग नहीं होती।
ख़ान, ओझा, स्कोडा, लहसुन सब के सब को देखा हुआ है, सबका मॉडल पता है। ये लोग बच्चों के पक्ष में नहीं होते, ये केवल उस पक्ष में खड़े हो कर अपना पक्ष प्रबल कर रहे होते हैं। ख़ान ने कहा था कि ये मीडिया वाले पुतिन का इंटरव्यू करेंगे? उसका इंटरव्यू किसी BPSC या UPSC की तैयारी करने वाले को करना चाहिए!
कितनी बकचोदी वाली बात है ये! UPSC या BPSC वाले (अधिकांशतः) केवल रट्टू तोते होते हैं और वो जब सेलेक्ट हो कर जाते हैं तो कहते हैं कि परीक्षा तो ऑफलाइन होती है, कोई हैक कैसे कर लेगा वेबसाइट!
UPSC में जाने वाले भारत के टॉप ब्रेन नहीं होते, वो घूसखोरी के सबसे बड़े प्रतिमान होते हैं। उनमें से कुछ अपवाद हैं जो देश को किसी तरह चला रहे हैं, इसलिए उन्हें जो भी उदाहरण बना रहा है, उसे ना देश की समझ है, ना प्रतिभा की।
कोचिंग माफिया एक माफिया है, जो बच्चों की असफलता पर थ्राइव करते हैं। असफलता का भार कभी कोचिंग पर नहीं होता, वह सदैव ही तंत्र पर होता है। मैंने दिव्यकीर्ति की बकवास भी सुनी हुई है और मुखर्जीनगर में 16 वर्ष रह कर यह जानता हूँ कि कोचिंग वालों को स्वयं ना भाषा का ज्ञान है, ना विषय का। तंत्र भी बेकार है, पर तुम दूध के धुले नहीं हो।
परंतु हाँ, इसमें भी कई अपवाद होंगे जैसे कि मीडिया में भी कई अपवाद हैं जो अच्छे हैं। पर हाँ, यदि मीडिया बिकी हुई है (जो कि वास्तव में है), तब भी बच्चों के नाम पर नैतिकता की बात करने वाले ये अधिकांश यूट्यूब टीचर स्वयं अनैतिक हैं।
"How did Brahmanical patriarchy hinder women progress in ancient India?"
This question was asked in BHU MA history exam.
Madan Mohan Malaviya, a Brahmin, founded Banaras Hindu University in 1916.
Today, that very same BHU is spreading propaganda against Brahmins. Wow!
महाराष्ट्र के बाद अब बंगाल से मुसलमानों को ओबीसी से हटाया गया। दवाब बनाना काम आता है। सरकार का यह दोगलापन नहीं चलेगा कि एक तरफ मुसलमानों को आरक्षण देती है और दूसरी तरफ छाती ठोकती है कि कॉन्ग्रेस को धार्मिक आधार पर आरक्षण देने नहीं देंगे।
सत्य और न्याय के लिए हमारा संघर्ष जारी रहेगा। तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार की रैली की भाषा और उसके कार्यों में एकरूपता न आए। अभी सवर्णों के टैक्स के पैसों का लाभ आरक्षितों के हॉस्टल-फीस-फॉर्म आदि के अलावा, निर्धन सवर्णों को भी दिलवाने की योजनाएँ के लिए हम दवाब बनाते रहेंगे।
लम्बा चलेगा और हम लिखते-बोलते रहेंगे। प्रोटेस्ट का अधिकार तो हमें है नहीं, तो जितना है वो करेंगे। बाकी, चुनाव में सवर्ण विधायक-सांसद से पूछा जाएगा कि आप लोग इतने बड़े दोगले क्यों हैं।
आज मुझे एक नया नोटिस आया है, जिसमें @DelhiPolice ने X से मेरी लोकेशन और फोन डिटेल्स मांगी हैं।
3 साल पुराने मेरे tweets खोजकर पहले ही @NCSC_GoI ने मुझ पर SC/ST एक्ट लगाया है।
कल ही एक SP प्रवक्ता खुलेआम ब्राह्मणों को वैश्यों से भी बदतर बता रहा था, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
लेकिन सवर्ण समाज की आवाज उठाने पर मुझे जेल भेजने की पूरी कोशिश हो रही है।
अगर अब भी सवर्ण समाज एकजुट नहीं हुआ, तो हमारा अस्तित्व खत्म हो जाएगा।
The sudden arrest of @theskindoctor13 seems planned to make an example out of few people so nobody dares speak against government.
I've already received notice from Delhi Police for 3 year old tweets with forged screenshot.
Today it is us. Tomorrow it can be you. Speak up!
Yesterday was a long day.
I was called for questioning in connection with a case that I believed had no merit, and I attended the questioning to present my version. However, the police arrested me at 5.30 PM.
I was granted bail at 10 PM, and the Hon’ble Duty Judge clearly stated that he saw no offence in the case. He also said that he saw no mens rea and failed to understand why I had even been arrested.
Grateful to @RaviSharmaTalks and @sidcool2302, the wonderful lawyers who helped me through this.
Thankful to the many people, both online and offline, who supported me. I’m truly grateful. Of course, there are many who dislike you and use such opportunities to strike harder when you are down, but that’s fair game. It was your day, and you took it. I can take those blows and come back.
At times like these, one realises the importance of ideological support. The people who stood by me at the most crucial juncture were neither close friends nor relatives, but those with whom I am bound by ideology. And it delivered for me when it mattered most.
This incident has added many new layers of perspective, most importantly the ones we usually miss in the melee of day-to-day social media discourse.
I’ll write about the specifics of this case another day. For now, I just want to say thank you so much to everyone who has been a well-wisher. I’m grateful.
Thank you for monitoring the situation.
मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मेरे खिलाफ इतना बड़ा षड्यंत्र रचा जाएगा।
> सबसे पहले मेरा फ़र्ज़ी ट्वीट का स्क्रीनशॉट बनाया जाता है।
> फिर उसी फ़र्ज़ी स्क्रीनशॉट को सोशल मीडिया पर फैलाया जाता है।
> मैंने उस फ़र्ज़ी स्क्रीनशॉट के खिलाफ साइबर शिकायत दर्ज कराई।
> लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, कोई मदद नहीं मिली।
> उस फ़र्ज़ी स्क्रीनशॉट को आधार बनाकर @NCSC_GoI स्वतः संज्ञान लेता है।
> इसके बाद दिल्ली पुलिस SC/ST एक्ट का नोटिस भेजती है।
> मामले में नॉन-बेलेबल धाराएँ जोड़ दी जाती हैं।
> और अंत में Twitter से मेरी सारी निजी जानकारी माँगी जाती है।
> अब अगला कदम शायद मेरी गिरफ्तारी ही होगा।
@DelhiPolice & @NCSC_GoI - दोनों ही BJP सरकार के अंतर्गत आते हैं।
यह एक सोची-समझी साज़िश है, जिसका उद्देश्य मुझे जेल भेजना है - ताकि आने वाले समय में कोई भी सवर्ण समाज की आवाज़ उठाने का साहस न कर सके।
#SCSTActMisuse
UGC के विरोध करने वालों को कभी आप ट्रेन की पटरियों पर ट्रेन रोकते या सड़कों पर दंगे कर लोगों को परेशान करते नहीं देखेंगे!!
बस यही फ़र्क़ है-UGC जैसे नियमों के समर्थकों और विरोधियों में👇
जनरल केटेगरी के लोगों को रामलीला मैदान और जंतर मंतर पर UGC का शांतिपूर्ण विरोध करने की अनुमति नहीं दी गई!
लेकिन UGC समर्थन करने वाले लोगों को जंतर मंतर पर प्रदर्शन और ट्रेन रोककर हंगामा करने की पूरी आजादी है!
बस यही दिखाता है कि देश में शोषित कौन है और दादागिरी किसकी चल रही है!
भारतीय नेताओं के मजे है । हमारा ही पैसा,कुछ लोगों/वर्ग/समूह को बाट कर, 2k-3k/प्रति महीना etc..हम पर ही राज किया जा रहा है ,मतलब अपनी राजनैतिक महत्वाकांक्षा हमारे पैसे से पूरी करनी है.और उससे भी बड़ी बात इस बात को बेशर्मों की तरह मंच से बताया जाता है,ऐसे की जैसे जेब से दे रहे है ।
So, Mandal is not acting alone. It is whole party that is sending a signal to Savarnas that you don’t matter and @BJP4India will do anything to divide Hindus on caste lines as soon as elections get over.
Their push is to position the party as ‘dalit focussed party’, which is not wrong, but when you purposefully ignore upper caste groups, bracket them with jihadi Muslims, we know your intent.
Thank you for being quick with it this time. Your ‘ek hain to safe hain’ and ‘batenge to ketenge’ to divisive caste politics took some time after 5 elections last year.
दिलीप मंडल, दो दिन भाई टट्टी रोक ले यार! हग लेना भाई, जो भी तेरा जातिवादी एजेंडा है। आँख खोल कर देख कि बंगाल में दलित सेलिब्रेट नहीं कर रहा, वहाँ हिंदू सेलिब्रेट कर रहा है। उसके गाने सुन, उसका क्रोध देख।
तेरा सवर्ण-मुसलमान गठबंधन, दलित-आदिवासी ने जिताया सब बेकार है। खोल से बाहर निकल, बंगाल की दुनिया देख। वहाँ कोई अंबेडकर-फुले नहीं है। केवल हिंदुत्व है। माँ काली की धरा पर यदि 'जय श्री राम' चल रहा है, तो सोच कि क्या बदलाव है।
अंबेडकर मत ठूस, लोग समझ जाएँगे कि तेरे जैसे सलाहकारों ने भाजपा को केवल चुनावी हिंदू पार्टी बना दिया है, जो बस रैली में हिंदुओं की एकता खोजती है। रुक जा दो-चार दिन। फिर अतिसार करते रहना, हम देंगे दवाई।
Allowing Dilip Mandal shitposting that savarnas (read Brahmins) conspired with Muslims to keep BJP away from power, is a brilliant move by @BJP4India & @narendramodi!
IT celliyas seem pretty comfortable with it as they have accepted Mandal as their new father.
आप खामोशी देखिये।
जो लोग हिंदुओं की बात करते है, सनातन एकता की डींगे हांकते है, आज वो @talk2anuradha के नोटिस पर चुप्पी साधे है।
बहुत सारे GC एक्टिविस्ट भी शांत है।
एक लड़की से इतना डर क्यो ?
- क्योंकि वो सवाल करती है।
- क्योंकि वो समान क़ानून की बात करती है।
शायद यही कारण है, हर दिन धमकी, नोटिस और ढेर सारे अभद्र जातिवादी कमेंट का।
लेकिन देश के 40 करोड़ मेरिटवादियों का समर्थन अनुराधा तिवारी के साथ है। 🔥👍