#DivinePlayAtMaghar
सैंकड़ों वर्ष पूर्व भविष्यवक्ताओं ने हिंदू मुस्लिम समुदाय के बीच विशाल गृह युद्ध की भविष्यवाणी की थी जिसे कबीर साहेब जी ने मगहर लीला से समाप्त किया था। उस समय हिंदू मुस्लिम समुदाय ने अलग-अलग रीति से कबीर साहेब जी का दाह संस्कार करना
Kabir is God
#StopDrinkingAlcohol
सुरापान मद्य मांसाहारी । गमन करे भोगे परनारी ॥ सत्तर जनम कटत हैं शीशं । साक्षी साहेब हैं जगदीशं
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#505th_GodKabir_NirvanaDiwas
आज से 505 वर्ष पूर्व कबीर साहेब जी ने जब सशरीर सतलोक को प्रस्थान किया, तब आकाशवाणी हुई :-
“उठा लो पर्दा, इसमें नहीं है मुर्दा”
वैसा ही हुआ कबीर परमात्मा का शरीर नहीं बल्कि वहां सुगन्धित फूल मिले, जिसको हिन्दू मुस्लिम राजाओं ने आधा आधा बांट लिया।
#505th_GodKabir_NirvanaDiwas
कबीर परमेश्वर निर्वाण दिवस
कबीर साहेब जी
120 वर्ष काशी में रहे और अंत समय में उन्होंने मगहर से स���रीर सतलोक गमन किया। ऐसा करने के तमाम कारणों के बारे में आइए विस्तार से जानते हैं।
Sant Rampal Ji Maharaj
#505th_GodKabir_NirvanaDiwas
कबीर जी काशी से मगहर कब और क्यो�� गए? कबीर साहिब जी ताउम्र काशी में रहे। परंतु 120 वर्ष की आयु में काशी से अपने अनुयायियों के साथ मगहर के लिए चल पड़े। 120 वर्ष के होते हुए भी उन्होंने 3 दिन में काशी से मगहर का सफर तय कर लिया।
Sant Rampal Ji Maharaj
#505th_GodKabir_NirvanaDiwas
कबीर परमेश्वर निर्वाण दिवस
मगहर स्थान को एक अपवित्र स्थान माना जाता था। इस स्थान के बारे में ये मान्यता थी कि जिस किसी व्यक्ति की मृत्यु यहां होती है, व�� नरक में जाता है। असलियत में यह धारणा पूर्वी ईरान से आए माघी ब्राह्मणों द्वारा गढ़ दी गई थी।
#505th_GodKabir_NirvanaDiwas
कबीर परमेश्वर निर्वाण दिवस
आज से 600 वर्ष पहले काशी में धर्मगुरुओं द्वारा मोक्ष प्राप्ति के लिए गंगा दरिया के किनारे एकांत स्थान पर एक नया घाट बनाया गया और वहां पर एक करौंत लगाई। धर्मगुरूओं ने एक योजना बनाई कि भगवान शिव का आदेश हुआ है।।
#1Feb_GodKabir_NirvanaDiwas
जिस प्रकार कबीर साहेब जी के चले जाने पर हिंदू-मुस्लिम दोनों गले लिपट लिपट कर रो रहे थे। वर्तमान में वही कबीर परमेश्वर जी संत रामपाल जी महाराज जी के रूप में पृथ्वी पर मौजूद हैं। उनसे नाम दीक्षा लेकर भक्ति करके अपना कल्याण करायें।
मगहर से सतलोक
#1Feb_GodKabir_NirvanaDiwas
कबीर साहेब जी तो स्वयं परमेश्वर थे, हैं और रहेंगे। क्योकि पूर्ण परमात्मा माँ के गर्भ से जन्म नहीं लेते हैं ।
संत गरीदास जी की वाणी में प्रमाण है-
गरीब अनंत कोटि ब्रह्मांड में, बंदी छोड़ कहाय । सो तो एक कबीर है, जननी जन्या न माय ।।
मगहर से सतलोक
#सशरीर_सतलोक_गमन
चदरि फूल बिछाये सतगुरु, देखे सकल जिहांना हो। च्यारी दाग से रहत जुलहदी, अविगत अलख अमाँना हो ।।
शरीर के स्थान पर मिले फूल
जैसे ही कबीर परमेश्वर जी ने कहा कि उठा कर देखो चद्दर उसमें कोई मुर्दा नहीं। लोगों ने जैसे ही चद्दर उठाकर देखी तो उसमें सुगंधित फूल पाए और वह
#सशरीर_सतलोक_गमन
कबीर साहेब जी तो स्वयं परमेश्वर थे, हैं और रहेंगे। क्योकि पूर्ण परमात्मा माँ के गर्भ से जन्म नहीं लेते हैं ।
संत गरीदास जी की वाणी में प्रमाण है-
गरीब अनंत कोटि ब्रह्मांड में, बंदी छोड़ कहाय । सो तो एक कबीर है, जननी जन्या न माय ।।
God Kabir Nirvana Diwas
#सशरीर_सतलोक_गमन
अपने सतलोक गमन की तिथि पहले ही बता कर भविष्यवाणी कर दी थी।
कबीर परमेश्वर जी ने अपने सतलोक गमन की भविष्यवाणी पहले ही कर दी थी, तथा अपने शिष्यों के साथ काशी से मगहर की तरफ प्रस्थान किया, तथा वीर ��ेव सिंह बघेल तथा बिजली खान पठान और एक बड़े जनसैलाब के सामने सशरीर
#4DaysLeftKabirJiNirvanaDiwas
कबीर परमेश्वर जी के निर्वाण दिवस
���र जानिए कि कैसे कबीर साहेब जी ने हिंदू मुस्लिम के बीच चल रहे पाखंडवाद को खत्म किया और एक परमेश्वर की भक्ति पर दृढ़ किया तथा कहा कि -
एकै साधे सब सधै,सब साधै सब जाय। माली सीचैं मूल कूं,फलै फूले अघाय ।।
01February2023
#GodKabir_NirvanaDiwas
कबीर साहेब जी ने कैसे एक संदेश से हिंदू-मुस्लिम तथा जाति भेदभाव क��� दूर किया।
हिंदू - मुस्लिम,सिक्ख - ईसाई,आपस में सब भाई भाई। आर्य- जैनी और बिश्नोई,एक प्रभु के बच्चे सोई ।।
चाहे किसी भी धर्म के व्यक्ति हों, सभी एक ही परमेश्वर की संतान हैं।
01 February 2023
#मगहर_लीला
कबीर साहेब जी के सशरीर सतलोक प्रस्थान दिवस पर जानिए आज से ५०५ वर्ष पूर्व जब धर्म और जाति के झगड़े चरम पर थे तब कबीर परमेश्वर जी ने भाईचारे की नींव रखी थी जिसका असर आज भी मगहर यानी आज के जिला कबीर नगर में देखने को मिलता है।
God Kabir Nirvana diwas
#सत_��क्ति_संदेश
पूर्ण गुरु की आवश्यकता
परमात्मा कबीर जी ने कहा है कि :-
कबीर, गुरू बिना माला फेरते, गुरु बिना देते दान । गुरु बिन दोनों निष्फल है, भावें देखो वेद पुराण । ।
साधक को चाहिए कि पहले पूर्ण गुरू से दीक्षा ले। फिर उनको दान करे। उनके बताए मंत्रों का जाप करे।
#सत_भक्ति_संदेश
जब निर्धारित समय आएगा, सब ही स्त्री-पुरूष शुद्ध आचरण वाले होकर कपट-चतुराई त्यागकर कबीर परमेश्वर जी की शरण प्राप्त करेंगे
- बंदीछोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज जी