जरा सोचिए, अमरीकी कठपुतली पाकिस्तान के जोकर प्रधानमंत्री तक ने ईरान के लिए संवेदना के शब्द कहे और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन की निंदा की
लेकिन नरेंद्र मोदी एक शब्द तक नहीं कह पाए. निंदा तो दूर, शोक संवेदना भी व्यक्त नहीं कर पाये
अमेरिका से आपका यह डर मेरे देश पर कलंक है
Reporter: Why was Leader Ali #Khamenei at his residence?
Security official: Mr. Khamenei insisted on continuing his life normally without any exceptional measures like hiding in bunkers
Man this guy was an example of Bravery
He knew he would die, still choose to fight back !!
इस बार अंगुलियों पर नचाने के लिए बुलाया था इजरायल ने?
एक तो 'फर्जी' मेडल दे दिया उस पर इनके निकलते ही ईरान पर हमला कर दिया। ताकि संदेश जाए कि हमले में इनकी भी सहमति है।
इंदिरा गांधी ने 1971 में, USA की धरती पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में निक्सन की आलोचना की थी
“यह किसी एक देश का काम नहीं है कि वह दूसरे देश को बताए कि उसे क्या करना चाहिए, भले ही बात मदद करने की ही क्यों न हो।” 🔥
इंदिरा जी को यूँही “आयरन लेडी” नहीं कहा जाता था
You don’t read many books.
But everyone should read “Glimpses of World History” written by Nehru.
He has explained in detail the process of the British invasion of India and the things British carried out in India
—Ali Khamenei on Pt. Nehru
Narendra Modi never misses a chance to attack Pandit Nehru and Indira Gandhi Ji.
But he can never be even a fraction of them when it comes to standing up against imperial powers and protecting India’s sovereignty.
अचानक से एक जैसा ट्वीट लगातार आप लोग देख रहे होंगे,
गोदी मीडिया और गोबर भक्त साहब की छवि बनाने के लिए पूरे देश को कह रहे हैं कि,
धन्यवाद बोलो मोदी का जो अब तक हम यहां सुरक्षित हैं।
किसने कहा सुरक्षित हैं -
क्या पता खुले नाले में गिर कर मर जाएं
पॉल्यूशन की वजह से कब फेफड़ा जवाब दे दे,
कब कोई पुल भरभरा कर गिर जाए,
क्या पता मिलावटी पनीर खाकर मर जाएं