अपनी जायज़ मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे घुमंतू समाज पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है।
सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ विचार करते हुए शीघ्र समाधान निकालना चाहिए। लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखने का अधिकार है। विशेष रूप से जब वंचित और कमजोर वर्ग अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठाए, तो उनकी आवाज़ को बलपूर्वक दबाने के बजाय संवाद और न्यायपूर्ण समाधान का रास्ता अपनाया जाना चाहिए।
कल जयपुर में घुमंतू एवं अर्द्ध-घुमंतू (DNT) समाज की महापंचायत में पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया था।
उस पर न्याय योद्धा हनुमान जी ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी बात रखी।
@hanumanbeniwal
जयपुर में अपनी जायज़ मांगों को लेकर शांतिपूर्ण महापड़ाव पर बैठे घुमंतु एवं अर्ध-घुमंतु (डीएनटी) समुदाय पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले दागना और बल प्रयोग करना बेहद निंदनीय है।
जो सरकार सबसे कमजोर, वंचित और उपेक्षित वर्गों की आवाज़ सुनने के बजाय उन पर लाठियां बरसाए, वह लोकतंत्र नहीं, दमन का रास्ता चुन रही है। भाजपा सरकार के पास हर समस्या का एक ही जवाब बचा है—लाठी, आंसू गैस और दमन।
संवाद से भागना और बल प्रयोग करना किसी लोकतांत्रिक सरकार की पहचान नहीं हो सकती। सरकार तत्काल डीएनटी समुदाय के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता करे, दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय करे और उनकी लंबित मांगों का सम्मानजनक समाधान निकाले। #Rajasthan
जयपुर में DNT आरक्षण की मांग को लेकर घूमंतू समाज का प्रदर्शन शाम-शाम होते हुआ उग्र। आंसूगैस को गोले दागे और लाठीचार्ज हुआ।
प्रदर्शनकारियों से अपील है शांतिपूर्ण तरीके से अपनी माँग रखें…राजधानी सबकी है आपकी भी है।
#Rajasthan
जयपुर में अपनी जायज़ मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से महापड़ाव कर रहे घुमंतु एवं अर्ध-घुमंतु (डीएनटी) समुदाय के लोगों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी बात शांतिपूर्वक रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। ऐसे में अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर बैठे समाज के वंचित और उपेक्षित वर्ग पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और बलपूर्वक कार्रवाई करना सरकार की असंवेदनशील कार्यशैली को उजागर करता है।
जब जनता अपनी पीड़ा लेकर सड़क पर बैठने को मजबूर हो जाए, तब सरकार का पहला दायित्व संवाद स्थापित करना और समाधान निकालना होना चाहिए, न कि दमन का रास्ता अपनाना। सरकार को इस घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल डीएनटी समुदाय के प्रतिनिधियों से बातचीत करनी चाहिए, दोषी अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए तथा समुदाय की लंबित मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।
लोकतंत्र में आवाज़ों को दबाने से समस्याएँ समाप्त नहीं होतीं, बल्कि संवाद और संवेदनशीलता से ही उनका स्थायी समाधान निकलता है।
@RajGovOfficial@BhajanlalBjp
बात शिक्षा, पट्टों और आरक्षण के हक पर आई तो राजनीतिक हलकारों और सरकारों को भी बात खटकने लगी... पर्याप्त समय के बाद भी उचित आश्वासन नहीं दिया गया। सच्चाई को दबाया नहीं जा सकता। DNT समुदाय 85% पट्टा विहीन है
#राष्ट्रीय_पशुपालक_संघ#लालसिंहजीराईका@ashokgehlot51@BhajanlalBjp
आज राजधानी जयपुर में घुमंतू एवं अर्द्ध-घुमंतू (DNT) समाज की महापंचायत के उपरांत राजस्थान की भाजपा सरकार के इशारे पर पुलिस द्वारा किया गया लाठीचार्ज निंदनीय है | लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को अपनी बात रखने, अपनी समस्याओं को सरकार के समक्ष रखने और मुख्यमंत्री से मिलने का पूरा अधिकार है। यदि महापंचायत के बाद समाज के प्रतिनिधि मुख्यमंत्री से मिलना चाहते थे, तो सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए था। लेकिन दुर्भाग्य है कि भाजपा सरकार ने बातचीत के बजाय लाठियों को अपना माध्यम बना लिया।
जो सरकार जनता की आवाज़ सुनने से डरती हो, वह संवाद नहीं, दमन का रास्ता चुनती है।
मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp
से पूछना चाहता हूं कि क्या यही भाजपा का सुशासन है ? सत्ता के अहंकार में डूबी सरकार को याद रखना चाहिए कि लोकतंत्र लाठी के बल पर नहीं, जनता के विश्वास और संवाद से चलता है।
घुमंतू एवं अर्द्ध-घुमंतू समाज पर हुआ यह लाठीचार्ज केवल एक समुदाय पर हमला नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन है।
@RajCMO
एक चुने हुए सरपंच #पारस_गुर्जर जी के साथ पुलिस का इस तरह का दुर्व्यवहार करना। बेहद निंदनीय है..!!
इस प्रकार डरा धमकाकर आप एक पारस को रोक सकते हो। कल को सपोर्ट मे हजारों पारस मजबूती से खड़े हो जायँगे..!!
ऐसे व्यवहार करके कितनी आवाजो को दबाओगे आप..??
जयपुर में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शांतिपूर्ण महापड़ाव पर बैठे घुमंतु एवं अर्ध-घुमंतु (डीएनटी) समुदाय के लोगों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज एवं आंसू गैस के गोले दागने की घटना अत्यंत निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है।
लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखने और अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। इस प्रकार बल प्रयोग कर जनभावनाओं को दबाने का प्रयास न केवल लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है, बल्कि यह संवाद और संवेदनशीलता की भावना को भी आहत करता है।
घुमंतु एवं अर्ध-घुमंतु (डीएनटी) समुदाय के लोगों पर सरकार द्वारा की गई इस दमनात्मक कार्रवाई की मैं कड़े शब्दों में निंदा करता हूँ और सरकार से मांग करता हूँ कि डीएनटी समुदाय के प्रतिनिधिमंडल के साथ तत्काल वार्ता की जाए और जल्द से जल्द उनकी जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाए।
@PMOIndia@RajCMO
DNT महापड़ाव जयपुर में सरकार एवं प्रशासन द्वारा दमनकारी नीति अपनाई जा रही हैं ।
आंदोलनकारियों पर पहले आंसू गैस के गोले एवं लाठीचार्ज किया अब आंदोलन के नेतृत्वकर्ता लालजी देवासी एवं पारस गुर्जर को हिरासत में लिया गया।
@laljiraika01
DNT महापड़ाव जयपुर में सरकार एवं प्रशासन द्वारा दमनकारी नीति अपनाई जा रही हैं ।
आंदोलनकारियों पर पहले आंसू गैस के गोले एवं लाठीचार्ज किया अब आंदोलन के नेतृत्वकर्ता लालजी देवासी एवं पारस गुर्जर को हिरासत में लिया गया।
@laljiraika01
DNT महापड़ाव जयपुर में सरकार एवं प्रशासन द्वारा दमनकारी नीति अपनाई जा रही हैं
आंदोलनकारियों पर पहले आंसू गैस के गोले एवं लाठीचार्ज किया अब आंदोलन के नेतृत्वकर्ता लालजी देवासी एवं पारस गुर्जर को हिरासत में लिया गया
@laljiraika01@narendramodi@RajCMO@BJP4Rajasthan@BJP4India