दोनो पोस्टर देखिये!!
पहले पोस्टर में एक पत्रकार महोदय द्वारा #सरकारी_विद्यालयों के ऊपर नकारात्मक सोच के साथ सवाल खडा किया गया??
दूसरे पोस्टर में सरकारी विद्यालय के इस कोहिनूर ने इन पत्रकार महोदय को काबिलियत से माकूल जवाब दिया है।
@DainikBhaskar
नित जीवन के संघर्षों से
जब टूट चुका हो अन्तर्मन
तब सुख के मिले समन्दर का
रह जाता कोई अर्थ नहीं!
उम्मीद करते हैं कि इस बार न्यायशील सरकार 54000 व्याख्याताओ के अंतर्मन व भावना का सम्मान करते हुए शीघ्र ही सही फैसला करेगी। #जय_रेसला@ashokgehlot51@GovindDotasra@SitaramGodara88