राजस्थान के करौली मै जातिवादी गुंडों द्वारा के दलित युवक को बेहरमी से पीटा गया था आज उस
दलित युवक के परिवार से सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने बात की ओर हौसला दिया हम सब आपके साथ खडे है प्रशासन से भी बात की है जल्दी गिरफ्तारी हो वरना खुद सांसद चंद्रशेखर पीड़ित की आवाज बनेंगे
@BhimArmyChief
📍 जयपुर में छात्रों की गूंज ✊🇮🇳📚
NSUI जयपुर के साथियों ने छात्रों के बीच पहुँचकर उनकी समस्याएँ, सुझाव और अधिकारों की आवाज़ को मजबूती से उठाया।
#ChhatronKiGoonj अभियान का उद्देश्य है—हर छात्र की आवाज़ को पूरे देश तक पहुँचाना।
राजस्थान के करौली जिले में एक दलित युवक के साथ हुई बर्बरतापूर्ण मारपीट की घटना शर्मनाक और निंदनीय है।
दिनभर मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालने वाला एक गरीब युवक जब घर लौट रहा था, तब उसके साथ की गई बर्बरता ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। आखिर गरीब, दलित और कमजोर व्यक्ति कब तक इस तरह की हिंसा और अत्याचार का शिकार होते रहेंगे?
जहां जहां भाजपा की सरकारें हैं, वहां वहां दलितों और आदिवासियों पर आए दिन ऐसे अत्याचारों की विडियोज़ सामने आती रहती हैं। प्रशासन या तो अपराधियों को पकड़ने की जगह पीड़ित को ही परेशान करने में लग जाता है या फिर चुप्पी साध लेता है।
ये बहुत शर्मनाक है, प्रशासन और सरकार इसका तुरंत संज्ञान ले और अपराधियों को कड़ी से कड़ी सज़ा दिलाए।
दलितों के साथ ऐसा व्यवहार करने वाले दरिंदो के खिलाफ कठोर कार्यवाही हो, इन लोगो को किसने अधिकार दिया है एक नौजवान के साथ ऐसी हैवानियत करने का ? @RajPoliceHelp चुप क्यों हैं ?
घटना पाकिस्तान नहीं राजस्थान की है।
दलितों पर अत्याचार की घटना कोई नहीं बात नहीं है।
रोजाना दलित उत्पीड़न की घटनाएं सामने आती है लेकिन प्रशासन ओर सत्ता में मौजूद लोग आंख मूंद कर बैठे रहते है।
करौली जिले में नाबालिंग दलित लड़के को बेहरमी से पीटा जा रहा है।
मै वर्षों से मांग करता आ रहा हूँ ऐसे अपराधों पर रोक लगाने हेतु राजस्थान अनुसूचित जाति आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया जाए।
दलित अत्याचार निवारण कोर्ट का गठन किया जाएं।
आरोपी लोगो की संपति कुर्क किया जाए।
ऐसे जातिवादी लोगों लोगो का मुंह काला कर बीच बाजार में घुमाया जाएं।
@narendramodi@AmitShah@arjunrammeghwal@BhajanlalBjp@RajCMO@PoliceRajasthan@NCSC_GoI@RahulGandhi@SachinPilot@TikaRamJullyINC@GovindDotasra
समाज किस तरफ बढ़ रहा है ये अत्यंत सोचनीय विषय बन गया है ममता ने अपने पति राकेश की हत्या कर नहाया फिर रोने का नाटक करने लगी परन्तु पुलिस ने सही समय पर कड़ी से कड़ी जोड़कर मामले का खुलासा कर दिया वरना किसी को पता भी नहीं चलता कि राकेश की हत्यारण उसकी पत्नी स्वयं है 😢
Building a healthier tomorrow for every child
Congress General Secretary & Wayanad MP Smt. @priyankagandhi ji inaugurated the District-Level Pulse Polio Immunisation Program at Padinjarathara, Kalpetta, today.
📍 Wayanad, Kerala
यह डॉ अनिल कुमार मीणा जी है,जालौर राजस्थान में कार्यरत है।
पहले उनके साथ अस्पताल में मारपीट ओर जातिगत उत्पीड़न होता है।
SC/ST एक्ट में FIR दर्ज कराने के बाद सरपंच प्रतिनिधि वीरेंद्र सिंह राजपूत द्वारा FIR वापस लेने फिर से जातिगत उत्पीड़न करके उनके सरकारी आवास में जान से मारने हेतु धमकाया जाता है।
अब FIR के कुछ बिंदु पढ़िए।
रात्रि लगभग 11 बजे एक मरीज सग्रामाराम (आयु लगभग 80 वर्ष) को उसके परिजन गंभीर अवस्था में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दासपा लेकर आए थे।
मैंने तुरंत मरीज को अटेंड किया और उपलब्ध आपातकालीन प्राथमिक चिकित्सा व इनिशियल ट्रीटमेंट (इनिशियल ट्रीटमेंट) प्रदान किया।
मरीज की नाजुक एवं चिंताजनक स्थिति को देखते हुए मैंने परिजनों को स्पष्ट रूप से अवगत कराया कि मरीज सीरियस है अतः इसे तुरंत उच्च चिकित्सा केंद्र (हाई सेंटर) के लिए रेफर करना आवश्यक है। तदनुसार मैंने तुरंत मरीज का रेफरल कार्ड तैयार कर दिया तथा चिकित्सालय स्तर से त्वरित कार्रवाई करते हुए एम्बुलेंस (एम्बुलेंस) की व्यवस्था भी करवा दी। एम्बुलेंस उपलब्ध होने के बावजूद मरीज के परिजनों ने मरीज को तुरंत ले जाने से मना कर दिया और आनाकानी करने लगे परिजनों का कथित तौर पर कहना था कि हमारे घर पर काम है, हम सुबह लेकर जाएंगे अथवा हम इसे हमारे पर्सनल व्हीकल (निजी वाहन) से ही लेकर जाएंगे और वे एम्बुलेंस ले जाने से साफ मुकर गए। मरीज को विधिवत रेफर करने और एम्बुलेंस सुपुर्द करने के बाद, मैं रात्रि भोजन के लिए अस्पताल परिसर में ही स्थित अपने सरकारी क्वार्टर पर चला गया। फिर परिजनों की घोर लापरवाही और समय पर उच्च केंद्र न ले जाने के कारण लगभग 40 मिनट के बाद मरीज सग्रामाराम की अस्पताल परिसर में ही मृत्यु हो गई। मरीज की मृत्यु होते ही परिजनों ने अचानक उग्र व हिंसक रूप धारण कर लिया और ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग ऑफिसर श्री रामलाल जी के साथ गाली-गलौज व मारपीट करते हुए, उन्हें जबरन पकड़कर मेरे सरकारी क्वार्टर की तरफ लेकर आए तथा बाहर चिल्लाने लगे कि डॉक्टर साहब को बाहर निकालो।
जैसे ही में चिल्लाने की आवाज सुनकर अपने क्वार्टर के पीछे के हिस्से से बाहर अस्पताल परिसर की तरफ आया, वहां खड़े परिजनों में शामिल 5 पुरुषों (मेल) ने मुझे देखते ही तुरंत मेरे साथ बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी और चिल्लाने लगे कि आपने हमारे बाप को मार दिया है और अब हम आपको मारेंगे। वे पांचों पुरुष मुझे रास्ते में लगातार बर्बरतापूर्वक थप्पड़ मारते और पीटते हुए जबरन खींचकर अस्पताल के वार्ड (वार्ड) के अंदर लेकर चले गए और फिर आगे का पूरा हिंसक प्रकरण व मारपीट अस्पताल वार्ड के अंदर की गई, जहाँ उनके साथ उपस्थित एक महिला (फीमेल) भी इस पूरे कृत्य में उनकी मदद कर रही थी तथा पुरुषों में से एक ने मेरे सिर पर किसी अज्ञात ठोस वस्तु (ऑब्जेक्ट) से जोरदार वार किया जिससे मुझे गंभीर चोट आई। हमलावरों ने हमें धमकाते हुए सख्त हिदायत दी कि अपने-अपने मोबाइल फोन जेब में ही रखो, कोई भी अपने फोन को टच (स्पर्श) नहीं करेगा और उन्होंने हमें किसी को भी फोन लगाने या सूचना देने से पूरी तरह रोक दिया। इसके बाद उन्होंने हमें जान से मारने की प्रत्यक्ष धमकियां देते हुए कहा कि तुम्हें जान से मार देंगे, तुम्हारा गला काट देंगे, तुम्हारी गर्दन और पूरा शरीर अलग करके कुएं में डाल देंगे, यह दासपा है और यहां किसी को पता भी नहीं चलेगा। इस घोर मानसिक व शारीरिक खौफ के साए में उन्होंने मुझसे जबरन दबाव बनाकर एक नोट (पत्र) लिखवाया कि मैंने गलत इंजेक्शन लगाकर मरीज को मार दिया है और इसका मुआवजा कौन देगा अपनी तथा नर्सिंग स्टाफ की जान बचाने के लिए मुझे मजबूरन उस झूठे पत्र पर हस्ताक्षर करने पड़े और उन्होंने नर्सिंग ऑफिसर रामलाल जी से भी उस पर जबरन हस्ताक्षर करवा लिए। 7. यह कि इसके बाद आरोपियों ने हमें उसी वार्ड में बंद करके बंधक (होस्टेज) बना लिया और पानी पीने अथवा शौच (पेशाब) तक जाने की अनुमति नहीं दी तथा खड़े रहने पर मजबूर किया।
आरोपियों ने हमें उसी वार्ड में बंद करके बंधक बना लिया और पानी पीने अथवा शौच (पेशाब) तक जाने की अनुमति नहीं दी तथा खड़े रहने पर मजबूर किया। इसी दौरान उन्होंने जातिगत द्वेषता व दुर्भावना प्रदर्शित करते हुए मेरी जाति के बारे में पूछा और मेरे द्वारा स्वयं को मीणा बताने पर अत्यंत अपमानजनक व जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए कहा कि मीणा, चमार तुमको कोई नॉलेज नहीं है तुम यहाँ के नहीं हो और यहाँ के बारे में कुछ नहीं जानते, तुम्हारी पगार कितनी है, सरकार तुम्हें कितनी पगार देती है, तुम्हारे पास डॉक्टर की डिग्री है भी या नहीं है।
घटना के 8 दिन बाद भी @JalorePolice ने अभी तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है।
@BhajanlalBjp@RajPoliceHelp@RajCMO
बहुजन समाज पार्टी ने उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा आमचुनाव की तैयारियों के मद्देनज़र जब से अपरकास्ट समाज और उसमें से ख़ासकर ब्राह्मण समाज को, उनके बी.एस.पी. में जुड़ने को ध्यान में रखकर, पार्टी का उम्मीदवार बनाना शुरू कर दिया है, तब से सभी विरोधी पार्टियों में व ख़ासकर समाजवादी पार्टी में उनकी नींद उड़ा देने वाली बेचैनी देखने को मिल रही है, जो कि सन् 2007 की तरह ब्राह्मण समाज के योगदान से बी.एस.पी को पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने जैसा ही इस बार के आगामी चुनाव परिणाम के रिपीट होने की संभावना के तहत् स्वाभाविक ही प्रतीत होता है।
वैसे भी यह सर्वविदित है कि यूपी जैसे विशाल आबादी वाले प्रदेश में अपरकास्ट में से ख़ासकर ’ब्राह्मण समाज का हित बी.एस.पी. में ही सुरक्षित है’, जिस अपनी इस ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ के सिद्धान्त, नीयत व नीति को बहुजन समाज पार्टी ने पहले पार्टी स्तर पर अमल करके और फिर सरकार बनने पर भी उन्हें भरपूर आदर-सम्मान के साथ-साथ उन्हें हर स्तर पर पूरी-पूरी भागीदारी देकर यह साबित भी कर दिया है, जबकि दूसरी पार्टियों की सरकारों में इस वर्ग के लोग पिछले काफी समय से अपने आपको काफी उपेक्षित, असुरक्षित व ठगा हुआ भी महसूस कर रहे हैं।
इतना ही नहीं बल्कि ’ब्राह्मण समाज द्वारा सामाजिक भाईचारा के आधार पर बी.एस.पी. से जुड़ने की इनकी तैयारियों को ध्यान में रखकर इन्हें पार्टी उम्मीदवार बनाने की प्रक्रिया जारी है तथा इन्हें बी.एस.पी. की आयरन लेडी नेतृत्व पर पूरा यह यक़ीन भी है कि बी.एस.पी. की सरकार बनने पर उन्हें पहले की तरह ही हर स्तर पर भरपूर आदर-सम्मान ज़रूर दिया जायेगा, जो कि इनकी वास्तविक चिन्ता व दूसरी पार्टियों से मुँह मोड़ने का कारण है।
इसके साथ ही, अपरकास्ट में से क्षत्रिय, वैश्य आदि व अन्य समाज के लोगों को भी उनकी बी.एस.पी. से जुड़ने की तैयारी अर्थात् ’जिसकी जितनी तैयारी उसकी उतनी भागीदारी’ के आधार पर चुनाव में उम्मीदवार भी ज़रूर बनाया जायेगा, जिसकी तैयारी हर स्तर पर लगातार जारी है।
बी.एस.पी., दूसरी पार्टियों की तरह कुछ लोगों को ’लॉलीपाप’ थमाने की संकीर्ण व स्वार्थ की राजनीति नहीं करती है बल्कि पूरे समाज के हित व कल्याण की चिन्ता करना अपना संवैधानिक कर्तव्य समझती है और इसीलिये बी.एस.पी. की नीति व कार्यक्रम जनहित व जनकल्याण तथा अपराध नियंत्रण व क़ानून व्यवस्था के मामले में भी देश व जनहित में बेहतरीन होते हैं।
राजस्थान लोक सेवा आयोग अजमेर के वर्तमान कार्यवाहक चेयरमैन कर्नल केसरी सिंह बोल रहे है अगर 5 साल टिक गया तो कईयों का भचीड़ बुलाऊंगा।
सदस्य रहते हुए 986 दिन हो गए है 5 साल पूरे होने में 841 दिन बाकी है।
पता नहीं अब तक कितने भचीड़ बुला दिए होंगे और कितने बुलाने बाकी है।
जननायक, युवाओं की आवाज़ और देश के करोड़ों लोगों की उम्मीद, नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
#HappyBirthdayRahulGandhi@RahulGandhi
✨ 𝐇𝐚𝐩𝐩𝐲 𝐁𝐢𝐫𝐭𝐡𝐝𝐚𝐲 𝐭𝐨 𝐒𝐡𝐫𝐢 𝐑𝐚𝐡𝐮𝐥 𝐆𝐚𝐧𝐝𝐡𝐢 ✨
In a world where most choose to stay silent, you have consistently chosen to speak up for what you believe is right.
Your relentless fight against injustice, inequality and the misuse of power has inspired millions.
You make people believe that politics is not just brutal pursuit for power but it is a powerful agent of change, can be principled and be guided by compassion.
For an entire generation seeking honesty, empathy and hope, you have become Gen Z's voice: a leader who listens, understands, empowers and speaks for their aspirations.
For a kinder, fairer India and a Mohabbat Ki Dukan in every heart. Wishing you strength and happiness always.
𝑯𝒂𝒑𝒑𝒚 𝑩𝒊𝒓𝒕𝒉𝒅𝒂𝒚, 𝑹𝒂𝒉𝒖𝒍 𝒋𝒊 ❤️
जब देश में पेपर लीक से छात्र आत्महत्या तक करने लग गए।
तब NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ पीड़ित छात्रों के साथ खड़े हुए।
देशभर में धरने ओर प्रदर्शन किए।
पीड़ित परिवारो को आर्थिक मदद की।
कुछ लोग बोल रहे थे राजस्थान में NSUI का प्रदेश अध्यक्ष कमजोर है।
उसे हटाओ लेकिन वो अब NSUI का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनकर कोटा में आज राहुल गांधी के नेतृत्व ओर दिशा निर्देश में पेपर लीक से पीड़ित छात्र ओर नौजवानों की लड़ाई लड़ रहा है।
#धर्मेंद्र_प्रधान_इस्तीफा_दे
@VinodJakharIN
राजस्थान में 15 साल मुख्यमंत्री अशोक गहलोत रहे RSS पर हमला कर अब बोल रहे है कि कांग्रेस की सॉफ्ट अप्रोच के कारण RSS ने 100 साल निकाल दिए। जबकि उन्होंने सत्ता में रहते कभी RSS का राजस्थान में हिसाब किताब नहीं मांगा।
इतिहास में अब पहली बार कर्नाटक के गृह मंत्री बने दलित वर्ग के प्रियांक खड़गे ने RSS प्रमुख मोहन भागवत को लेटर लिखकर हिसाब किताब मांगकर खलबली मचा दी।
@RahulGandhi@PriyankKharge