इन सवर्ण एंकरों को यह तो अच्छे से पता है कि ईरान के लोग EMI पर रोटी खा रहे हैं, लेकिन क्या उन्हें ये नहीं पता कि देश की 80 करोड़ जनता सरकारी राशन पर रोटी खा रही है।
इन्हें देश की पीड़ा छोड़कर बाकी सब दिखाई देता है। वैसे जनता की पीड़ा दिखाएंगी तो साहब नाराज हो जाएंगे।
सरकार इतनी कायर और कमजोर है कि PM मोदी भारतीय नाविकों की हत्या पर एक शब्द नहीं बोल पा रहे हैं।
उधर सरकार के विदेशी प्रवक्ता अमेरिका एवं ट्रंप का नाम लेने से भी कांप रहे हैं। सारे कैबिनेट मंत्री गूंगे बने हुए हैं।
क्या 56 इंच की छाती सिर्फ गुब्बारा फुलाने के लिए है?
अमेरिका ने ओमान के पास एक भारतीय जहाज पर हमला करके तीन भारतीय नाविकों को मौत के घाट उतार दिया।
यहां तक कि ईरान ने भी इस कायराना हमले की निंदा की है, लेकिन मोदी ट्रंप के आगे एक शब्द नहीं बोल पा रहे हैं।
देश का इतना कमजोर प्रधानमंत्री देखकर हमें शर्म आती है।
पिछली बार फ़ाइनल लिस्ट में बाहर हो गया था
यह लास्ट चांस था इस बार भी पेपर लीक हो गया।
20-20 लाख में नौकरियां बिक गई।
यूपी में लेखपाल का पेपर लीक होने के आरोप है
युवाओं की आवाज में दर्द को महसूस कीजिए साहब नहीं कर सकते तो कुर्सी खाली कर दीजिए साहब
हमने वीडियो यूँ ही नहीं बनाया था। सवाल किसी एक चैनल, एक पत्रकार या एक खबर का नहीं था। सवाल उस nature का था जिसमें पूरी तस्वीर दिखाने के बजाय उसका एक हिस्सा दिखाया जाता है।
2016 में subsidised cylinder - 12/yr
2025 में subsidised cylinder - 9/yr
2026 में subsidised cylinder- 4/yr
जब 12 सिलेंडर से 9 और फिर 4 सिलेंडर तक की यात्रा को बड़ी राहत बनाकर पेश किया जाता है, तब समझ आता है कि आईना दिखाने की ज़रूरत क्यों पड़ती है।हमारा उद्देश्य किसी की मानहानि नहीं, बल्कि उन सवालों को उठाना था जिन्हें आम नागरिक महसूस करता है लेकिन अक्सर TV पर नहीं देख पाता।
आईना दिखाना अगर अपराध है, तो फिर सवाल पूछना भी अपराध मान लीजिए।
आज लोग मानहानि के मुकदमे को सही ठहरा रहे हैं, लेकिन कोई यह नहीं पूछ रहा कि आखिर वह वीडियो बना क्यों था। आईना चुभता इसलिए कि वह सच दिखा रहा होता है।
भाई साहब को केजरीवाल और आप पार्टी जनता के मुद्दे नहीं उठाने दे रही थी। इसलिए भाई साहब भाजपा में चले गये थे। लेकिन तब से भाई जी जाग ही नहीं रहे, CBSE हो गया, NEET हो गया, लेखपाल पेपर लीक हो गया। Gen जी सड़कों पर है। पर प्रिय मित्र राघव जाग ही नहीं रहे। उनकी तबियत की दुआ करता हूँ।
नागपुर में NEET की छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी ने NEET
परीक्षा में धांधली और पेपर लीक की खबरों से आहत होकर सुसाइड कर लिया। वह MP की रहने वाली थी।
'मम्मी-पापा, आपको भरोसा था कि आपकी बेटी मेहनत कर डॉक्टर बनेगी.. लेकिन मुझे माफ कर देना!"
बीजेपी सरकार की नाकामी और कितनों की जान लेगी?
इसपर नजर रखना। यह "जय भीम" कहकर आपका मूर्ख बना सकता है। क्योंकि इसका उदय किसी विचार से नही बल्कि सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के युवाओ पर टिपण्णी से हुआ है।
भाजपा को केंद्र में लाने का श्रेय अन्ना हजारे के आंदोलन को जाता है जिससे केवल नेता निकले, जँहा एससी/एसटी कोई विषय नही रखते थे। अन्ना हजारे का सबसे बड़ा नुकसान बहुजन मूवमेंट को हुआ था। जिसे एससी भांप नही सके।।जैसे;
1.नरेंद्र मोदी की सरकार इसी आंदोलन के कारण बनी।
2.जिसका नुकसान एससी पार्टियो को हुआ। बसपा का नई दिल्ली में वोट 14% से 1% से कम पर आ गया जबकि नई दिल्ली में 20% एससी है। अकेले जाटव नई दिल्ली में 8% है। यह वोटर्स कँहा गया? केजरीवाल के पास। केजरीवाल ने एससी का सबसे बड़ा नुकसान किया।
कोंग्रेस तक ने अपने पैनल को इस पर नजर रखने के लिए कहा है क्योंकि उसे भी पता है कि यह केजरीवाल इन पार्टी की कोई नई मुहिम है जिससे हाशिये पर पहुच सके अपने सँगठन के प्रति सहानुभूति मोड़ सके।
यह किसी अन्य की कठपुतलिया है, व विशेष तौर से यह बन्दा केजरीवाल एंड कम्पनी की छत्रछाया में काफी दिन रहा है। जिनका रिकॉर्ड एससी विरोधी रहा है जैसे राज्यसभा में एक भी एससी को नही भेजना।।
इसलिए पैनी नजर रखिए।
विकास कुमार जाटव
जातिवाद का लाइव टेलीकॉस्ट किया है BBC ने, यह वीडियो शेयर कीजिए और उन मुंह से जन्मी औलादों तक पहुंचाए जो कहते हैं भारत में जातिवाद नहीं है 🔥🔥🔥
दलित युवक रेंट पर रूम के लिए फोन लगाता है, पहले रूम मालिक हां करता है लेकिन जैसे ही उसको सरनेम से जाति का पता चलता है वह फोन काट देता है,
मध्यप्रदेश के कई गांव ऐसे हैं जिनके नाम जाति आधारित है, लेकिन मुख्यमंत्री व्यस्त हैं वह नहीं बदल पाएंगे ऐसे गांवों का नाम,
जातिवाद मल्टीलेयर है, शहरों में महीन जातिवाद होता है और गांवों में खुलकर होता है, जातिव्यवस्था के जनकों शर्म करो और प्राउड जींस कहना बंद करो ।
हरिद्वार में पुलिस ने 40 ढोंगी बाबाओं को गिरफ्तार किया है। ये साधु का वेश धारण करके लोगों को, खासकर महिलाओं को, झूठा भरोसा दिलाकर उनसे खूब पैसे ऐंठते थे।
ऐसे ही पूरे देश में ढोंगी बाबाओं पर कार्रवाई होनी चाहिए।
उत्तराखंड लोक सेवा आयोग का रिजल्ट आया तो पता चला द्विवेदी,कंडारी, राणा,बिष्ट,बोरा उनियाल,नौटियाल जाति के लोगों का चयन ओबीसी कैटेगरी में हुआ है
उत्तराखंड में 14% ओबीसी आरक्षण है लेकिन हरीश रावत ने कांग्रेस सरकार के दौरान पहाड़ के कई जिलों को OBC घोषित किया था
उन जिलों में रहने वाले स्वर्ण ओबीसी बन गए आरक्षण पर नौकरियां लेने लगे
हरिद्वार OBC बहुल जिला। हरिद्वार को उस आरक्षण में नहीं लिया गया। नतीजा आज हरिद्वार में रहने वाले OBC की नौकरी पहाड़ों के सवर्ण ओबीसी बनकर खा रहे हैं।
हरिद्वार के मूलनिवासी आज अपना अस्तित्व खो चुके है खासकर वह जाती है जिनका राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं है
⚠️ सावधान! देश में मनुवादियों ने आतंक मचा रखा है।
• अभिषेक मिश्रा (मथुरा) -: लड़कियों को नशीला पदार्थ देकर बलात्कार, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप।
• डॉ. शैलेंद्र शर्मा -: अस्पताल में 15 साल की नाबालिग के साथ बलात्कार का आरोप।
• जितेंद्र पाठक -: 1.5 साल के मासूम बच्चे को 8 बार जमीन पर पटककर क्रूर हत्या का आरोप।
• विनीत पंडित -: पुजारी विनीत पंडित पर नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार का गंभीर आरोप।
• डा. शैलेंद्र शर्मा- अस्पताल के अंदर एक नाबालिग लड़की का रेप किया, जहाँ वह पेट दर्द का इलाज कराने आई थी।
• लिस्ट और लंबी है।
• लड़कियों और बच्चों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहें,
Note - यह आरोपी कुछ दिन बाद जेल से बाहर होंगे, कारण यह सब एक विशेष जाति से आते हैं,
बाबा निकला बलात्कारी। 😡
IIT रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियर अभिषेक मिश्रा ने पढ़ाई छोड़ मथुरा के गोवर्धन में पुजारी बनने का रास्ता चुना।
यहां वह धर्म की शिक्षा देने के बहाने लड़कियों का ब्रेनवाश करके बहला-फुसलाकर उनसे गंधर्व विवाह करता था और फिर उनका रेप करके घटना का फोटो-वीडियो रिकॉर्ड कर लेता था। हाल ही में उसने छत्तीसगढ़ की एक बीएससी नर्सिंग छात्रा को अपनी धार्मिक बातों से चंगुल में फंसाया और फिर उसका रेप किया। दरिंदे बाबा ने घटना का फोटो वीडियो भी बना लिया और उसी के आड़ में ब्लैकमेल करते हुए छात्रा से ₹5 लाख मांगे। महिला ने SSP मथुरा को शिकायत किया, तब जाकर उसका भांडा फूटा। पुलिस ने अभिषेक मिश्रा उर्फ आदिकर्ता नारायण दास नामक को राधाकुंड के एक मोहल्ले से गिरफ्तार किया। उसके फोन से 12 लड़कियों के आपत्तिजनक फोटो भी बरामद हुए हैं।
इस देश में धर्म के नाम पर लड़कियों एवं महिलाओं का शोषण करना बहुत आम सा बन चुका है। आए दिन कोई न कोई हिंदू बाबा महिलाओं से दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार हो रहे हैं। सोचिए कि इनके आश्रमों में वास्तविकता में कितनी भयावह स्थिति होगी। ऐसे ही कुछ ही मामले हैं जिसमें पीड़ित महिलाएं खुलकर बोल पाती हैं। अनगिनत लड़कियां एवं महिलाएं तो धर्म की गुलामी में या तो मौन हैं या फिर लोक लाज एवं डर की वजह से इन बाबाओं के आगे मुंह खोलने में असमर्थ हैं।
ऐसे ढोंगी स्त्रीद्वेषी मनुवादी बाबाओं के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर बड़े विमर्श एवं अभियान की जरूरत है। ये लोग न केवल समाज को बदनाम करते हैं बल्कि भोली भाली महिलाओं की मासूमियत का नाजायज फायदा उठाते हैं। ऐसे हवस के पुजारी दरिंदों से अपनी जान बचाएं।