भर्ती परीक्षाओं में लगातार हो रही धांधली, पेपर लीक और भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रयागराज में सड़कों पर उतरे युवाओं की लड़ाई अपने भविष्य और अपनी मेहनत को बचाने की लड़ाई है।
इस संघर्ष में भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) पूरी मजबूती के साथ छात्रों और युवाओं के साथ खड़ी है।
#Prayagraj #StudentProtest #PaperLeak
सांसद अभिषेक बनर्जी जी पर सोनारपुर में हुआ हमला बेहद निंदनीय है।
एक सांसद पर हमला सिर्फ़ एक व्यक्ति पर हमला नहीं - यह उस जनता पर है जिसने उन्हें चुना, और उस लोकतंत्र पर है जो हम सबकी साझी विरासत है।
यह BJP की बदले की राजनीति का घिनौना रूप है। राजनीतिक मतभेद कभी हिंसा का कारण नहीं बन सकते।
केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार - दोनों दोषियों पर तत्काल कार्रवाई करें, और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी जन-प्रतिनिधि, किसी भी दल का हो, अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित न रहे।
अभिषेक जी, मेरी संवेदनाएँ आपके और आपके परिवार के साथ हैं। आप जल्द स्वस्थ हों।
ओडिशा के बालासोर जिले में एक मृत आदिवासी व्यक्ति के शव को पोस्टमार्टम के बाद साइकिल पर ले जाने की मजबूरी यह दिखाती है कि आज भी गरीब परिवार सम्मानजनक स्वास्थ्य सुविधाओं और एंबुलेंस जैसी बुनियादी सेवाओं से वंचित हैं। सरकारें चाहे कितने भी विकास के दावे करें, लेकिन जब किसी परिवार को अपने प्रियजन का शव साइकिल पर ढोना पड़े, तो यह पूरे सिस्टम की असफलता को उजागर करता है। यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि उन लोगों के प्रति संवेदनहीनता है जो वर्षों से बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। देश का असली विकास तब होगा जब गांव, आदिवासी क्षेत्र और गरीब समुदाय भी सम्मान के साथ जी सकें और मृत्यु के बाद भी उन्हें गरिमा मिल सके। स्वास्थ्य, सड़क, एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाएं किसी पर एहसान नहीं, बल्कि हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार हैं।
धागा का कोई धर्म नहीं होता।
रंग का कोई धर्म नहीं होता।
कलश का कोई धर्म नहीं होता।
इन्हें बनाने वाले हाथ अक्सर उन्हीं वंचित, मेहनतकश, दलित-आदिवासी और पिछड़े समाजों के होते हैं, जिन्हें इतिहास में सबसे ज्यादा हाशिये पर रखा गया।
सदियों से हमारे समाज के कारीगर मिट्टी को आकार देते आए हैं, धागों को बुनते आए हैं, रंगों से दुनिया सजाते आए हैं।
हमने किसी से सभ्यता नहीं सीखी, बल्कि दुनिया के कई धर्मों और व्यवस्थाओं ने हमारी संस्कृति, हमारे श्रम और हमारी परंपराओं से बहुत कुछ सीखा है।
जो लोग आज प्रतीकों पर अपना एकाधिकार जताते हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि किसी भी संस्कृति की असली नींव धर्म नहीं, बल्कि मेहनतकश लोगों के हाथ होते हैं।
सम्मान धर्म का नहीं, सम्मान इंसान और उसके श्रम का होना चाहिए।
पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के मतदाता वोट करने से पहले बीजेपी शासित मध्यप्रदेश की स्थिति देख लें, जहां आदिवासी समुदाय पिछले 15 दिनों से अपनी जमीन बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं लेकिन सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है।
संविधान निर्माता बाबा साहब अम्बेडकर के तस्वीर जलाने वाले अनिल मिश्रा पर NSA लगना चाहिए.
अगर आप सहमत हैं तब रिपोस्ट करें और खुद भी पोस्ट करें। #अनिल_मिश्रा_पर_NSA_लगाओ
नरेश मीणा की #अरावली_बचाओ_अभियान में एंट्री हो गई है अब सबसे ज्यादा युवा इस जनांदोलन से जुड़ते जाएंगे और अरावली बचाने के लिए चारों तरफ से आवाज उठ रही है।
#SaveAravalli
अरावली को बचाने के लिए अब राजस्थान के बच्चे भी सड़कों पर उतर आए हैं। यह देखकर खुशी है कि हमारा शुरू किया गया 6 माह पहले अरावली बचाओ आंदोलन अब जनआंदोलन बन चुका है और हम इस लड़ाई को बिना किसी राजनैतिक समर्थन के, जनता की ताक़त से जीतने जा रहे हैं। #SaveAravalli
🚨 अरावली: अस्तित्व की आखिरी जंग! 🚨
विश्व की सबसे प्राचीन पर्वतमाला अरावली पर मौत का वारंट जारी हो चुका है! ⚠️ सुप्रीम कोर्ट की 100 मीटर वाली नई परिभाषा 90% अरावली को संरक्षण से बाहर कर देगी।
अगर पहाड़ियाँ खत्म हुईं तो:
🌪️ दिल्ली-NCR में धूल भरी आंधियां बढ़ेंगी।
💧 भूजल स्तर पूरी तरह सूख जाएगा।
🌵 थार का रेगिस्तान आपके दरवाजे तक पहुँच जाएगा!
यह सिर्फ पहाड़ों की नहीं, हमारी सांसों की लड़ाई है। खनन लॉबी के खिलाफ आवाज उठाएं! 📢
#SaveAravali #अरावली_बचाओ #NoTo100MeterRule #EnvironmentFirst #DelhiNCR
♻️ RT करें और इस मुहिम का हिस्सा बनें!
ये नेता कुछ साल पुराने है…
ये राजनीतिक पार्टियाँ कुछ दशक पुरानी है…
ये सुप्रीम कोर्ट 75 साल पुराना है…
ये देश हज़ारों साल पुराना है….
ये सभ्यता कई हज़ारों साल पुरानी है…
लेकिन ये अरावली पर्वतमाला दो अरब साल पुरानी है…!!
किसी माई के लाल में इतनी हिम्मत नहीं जो इसे नुक़सान पहुँचा सके…!!
#SaveAravalli #SaveAravali
“100 मीटर नहीं, 100 पीढ़ियों का सवाल है अरावली।”
आज प्रकृति हारी तो कल इंसान हारेगा।
अरावली कोई आँकड़ा नहीं, यह पानी, हवा और जीवन की ढाल है।
#SaveAravali#SaveAravaliHills#अरावली_बचाओ