संभोग की चरम सीमा पर जब दो जिस्म एक दूसरे से रगड़ खा रहे होते है तो वो जैसे एक दूसरे में समा जाना चाहते है और चरम सुख की सन्तुष्टि च���हरे पे झलकने लगती है। चेहरा पर आया पसीना और आंखों से बहती अश्रु धारा बताती है कि कितना परिश्रम किया गया है..।
कोई मेरे साथ ये परिश्रम करना चेहेगा