There is CCTV proof, literally, yet they don't want to believe it.
But they believe every fake story that supposedly happened 5,000 years ago.
There is simply no medicine for hypocrisy !!
क्यों भाई @samrat4bjp कुशवाहा, ये आपका जात-भाई है तो ये हगता रहेगा? शिवम मिश्रा के लिए जातिवादी @BJP4Bihar सरकार ने बिहार से दिल्ली तक पुलिस भिजवा दिया, लेकिन उसी @bihar_police को ये वीडियो नहीं दिख रहा क्योंकि ब्राह्मणों का नरसंहार होगा, तभी तो भाजपा बड़ी बनेगी!
देश अब भीड़ से ही चल रहा है। आपके पास भीड़ है तो आप थाना घेर लीजिए, धाराएँ लगा दी जाएँगी। आपके देवी-देवताओं पर स्टेज से घटिया बातें की जाएँगी, पर त्रिपुंडधारी मोदी के मुँह से एक शब्द नहीं फूटेगा।
आपके देवी-देवताओं पर हर दिन हज़ारों ट्वीट, फेसबुक पोस्ट, यूट्यूब वीडियोज डाले जाते रहेंगे, यही महामानव कभी भी इन्हें हटाने के लिए किसी भी tech प्लेटफार्म को नहीं बुलाएगा, पर हाँ इनका अपना पोस्ट डिलीट हो जाए तो तुरंत जवाब माँग लेगा।
मेरे जैसे लोग इतना कटु बोल कर भी केवल इसलिए बचे हुए हैं क्योंकि सरकार को लगता है कि अभी इसे उठाने का उचित समय नहीं है। जिस दिन उन्हें लगेगा, ऐसा हर व्यक्ति, ऐसे हर प्लेटफार्म से धीरे धीरे गायब हो जाएगा या मोदी चालीसा गाता हुआ वीडियो और पोस्ट डालने लगेगा।
मैं वैसे समय को लेकर चिंतित हूँ क्योंकि तब सब कुछ समाप्त हो जाएगा। इसलिए आप चाहे मोदी के फैन हों, या आलोचक, सही को सही कहिए, ग़लत को ग़लत। किसी के बाप का यह देश नहीं है, देश हमारा है, आपका है और हमने किसी पार्टी को देश का संचालन करने दिया है, यह उनकी बपौती नहीं है।
जिस simmon commision के विरोध में लाला लाजपत राय, सरदार भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव जैसे क्रांतिकारी शहीद हो गए उसमे किसने मेमोरेंडम और गवाही देकर उसका हिस्सा बनकर भारत की तरफ़ से उसके लिए काम करता था वो कोन था। पता करो जय भीम का भूत उतर जाएगा।
@ajitanjum पढ़ना लिखना है नहीं फ्री का राशन और आरक्षण खायेंग टैक्स के नाम पे कास्ट सर्टिफिकेट दिखायेंगे। एक तरफ़ सुरवीर बनेगे देवी देवताओ को गाली पीएम को गाली जब इलाज हो जाता ह तो चोचन चोचन चिल्लाएँगे प्यासे कबूतर।
@Nishuazad11 पढ़ना लिखना है नहीं फ्री का राशन और आरक्षण खायेंग टैक्स के नाम पे कास्ट सर्टिफिकेट दिखायेंगे। एक तरफ़ सुरवीर बनेगे देवी देवताओ को गाली पीएम को गाली जब इलाज हो जाता ह तो चोचन चोचन चिल्लाएँगे प्यासे कबूतर।
लगातार आप सब के विचारों के सुनने के उपरांत, हमने एक सरलीकृत माँग पत्र बनाया है। एक बार आम सहमति बन जाए, फिर डिजिटल से धरातल की योजना बनाई जाएगी। तब तक, नीति निर्धारकों के लिए यह पत्र हम सार्वजनिक कर रहे हैं ताकि उन्हें AI से हिन्दी लिखवा कर, उसमें प्राइवेट में आरक्षण जैसी बकलोली न करनी पड़े।
@JPNadda जी, कॉपी ही करना है, तो ठीक से करो। वैसे, आपको दोबारा झुका देख कर दुख हुआ।