"तुम्हारी मां का चो#@, बहन के ****” ये अल्फ़ाज़ ग़ाज़ियाबाद पुलिस के मुंह से निकले हैं
यूपी के गाजियाबाद में आफताब नाम के लड़के की चाकू मारकर ह*त्या कर दी जिसके बाद इंसाफ के लिए परिवार वालों ने सड़क को जाम किया और इस जाम को खुलवाने के लिए पुलिस के मुंह से जो गालियां निकली है वो आप वीडियो में सुन सकते हैं
इस तस्वीर को देखिए! तस्वीर में यूपी पुलिस के एक इंस्पेक्टर और एक दरोगा हैं। इंस्पेक्टर के सर से खून बह रहा है, तो उनका सहकर्मी रूमाल से उसे रोकने की कोशिश कर रहा है। अब मामला सुनिए क्या है। यूपी के गाज़ीपुर में पिछले दिनो होटल व्यवसायी की हत्या हो गई थी। इस हत्या में मुख्य आरोपी बताए जा रहे, कमलेश चौधरी को पुलिस ने एनकाउंटर में मारने का दावा किया था। एनकाउंटर के बाद गुरुवार की शाम लोगों ने कमलेश के शव को सड़क पर रख कर जाम लगा दिया। जब पुलिस जाम हटाने गई उस पर पथराव कर दिया। इस पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए, इस तस्वीर में घायल पुलिसकर्मी को देखा जा सकता है। कमलेश हाल ही में शादी हुई थी। शादी के 37वें दिन यूपी पुलिस ने उसका एनकाउंटर कर दिया।
दैनिक भास्कर से मनीषा ने कहा, मेरे पति निर्दोष थे। पुलिस उन्हें रामपुर से जबरन उठाकर लाई थी। 30 मई को मुझे और मेरी प्रधान जेठानी को पुलिस ने थाने में बिठाए रखा। मेरी आंखों के सामने थाने में पुलिस ने मेरे पति को बुरी तरह पीटा। इसके बाद जंगल ले जाकर उनका एनकाउंटर कर दिया। मनीषा ने रोते हुए कहा, “एक महीने पहले ही मेरी शादी हुई थी। हाथों की मेहंदी भी अभी नहीं उतरी। मेरा सुहाग छीन लिया। जिस तरह मेरे पति को मारा, वैसे ही उनका एनकाउंटर करने वालों का एनकाउंटर किया जाए।” मनीषा बिहार की रहने वाली हैं, और नर्सिंग की छात्रा हैं। वो शादी के 37वें दिन ही विधवा हो गई हैं।
कमलेश का एनकाउंटर शायद इकलौता ऐसा एनकाउंटर है, जिसके विरोध में पुलिस पर पथराव हुआ है। इससे पहले यूपी पुलिस द्वारा धड़ल्ले से एनकाउंटर होते रहे हैं, लेकिन शायद ही कोई ऐसा एनकाउंटर हो जिसका इस क़दर उग्र होकर विरोध किया गया हो। कुछ ही ऐसा एनकाउंटर हैं, जिन पर बयानबाज़ी तो ज़रूर हुई, लेकिन पुलिस को इस तरह के विरोध का सामना नहीं करना पड़ा था। यहां मुसलमानों के एनकाउंटर का तो ज़िक्र करना ही फिज़ूल है, क्योंकि उनके एनकाउंटर पर तो ‘सेलिब्रेशन’ होता है, वोट मांगी जाती हैं। भले ही वो एनकाउंटर ‘सगे भाइयों’ का हो या नाबालिग का! उनके एनकाउंटर सवाल होते ही पूरा मुद्दा ही बदल जाएगा। सवाल कमलेश के एनकाउंटर का है। और सवाल भी कोई नया नहीं है, वही पुराने सवालात हैं, जो अबसे पहले होते रहे हैं। कि कोर्ट क्यों है? जज क्यों है? वकील क्यों है? कानून क्यों है? जब पुलिस ही ‘इंसाफ’ कर देती है तब इन सभी संस्थाओं की क्या ज़रूरत है? यही सवाल हैं। ये सवाल भी इसलिए हैं, क्योंकि भारत ‘मदर ऑफ डेमोक्रेसी’ है। अगर ‘डेमोक्रेसी’ ना होती तो ये सवाल भी नहीं होते!
बहरहाल! सचेत करना है कि कोई भी लोकतंत्र तभी सशक्त होता है, जब उसकी सभी संस्थाएं राजनीतिक दबाव से मुक्त हों! क्या ‘मदर ऑफ डेमोक्रेसी’ की किसी भी संस्था का चीफ इस देश के ज़िम्मेदार नागरिकों की आंखों मे आंखें डालकर कह सकता है कि उनकी संस्था पर कोई ‘ऊपरी दबाव’ नहीं रहता? बाकी कमलेश के एनकाउंटर हो या किसी ‘दूसरे’ कहना वही है जो इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले दिनों कहा था कि आरोपी को सजा देना पुलिस का काम नहीं है, यह केवल न्यायपालिका का अधिकार है। सवाल यह है कि क्या यूपी में कोर्ट की इस टिप्पणी का कोई महत्त्व है? अगर नहीं! तो क्या ये कोर्ट की अवमानना नहीं है?
शानदार जवाब!
ट्रंप: अगर ईरान को परमाणु हथियार मिल गया, तो वह दो मिनट में इटली को उड़ा सकता है।
मेलोनी: जहाँ तक मुझे पता है, अब तक नौ देशों के पास परमाणु हथियार हैं और उनमें से सिर्फ़ एक ने इसका इस्तेमाल किया है। और वह देश था संयुक्त राज्य अमेरिका।
अजमेर में एक मुस्लिम परिवार ने पुलिस पर बर्बरता का गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित महिला का दावा है कि 03 मार्च 2026 को पुलिसकर्मी बिना किसी वारंट के जबरन उनके घर में घुस आए और न केवल उसके साथ बदसलूकी की, बल्कि उसकी बीमार माँ पर भी हमला किया, जिनकी हाल ही में सर्जरी थी। महिला ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई और आरोप लगाया कि पुलिस ने उसकी इज़्ज़त पर हाथ डाला, साथ ही, परिवार का कहना है कि उनके बेटे और बहू को अवैध रूप से हिरासत में लेकर थाने में बेरहमी से पीटा गया है। इस मामले में पुलिस अधीक्षक (SP) को लिखित शिकायत दी गई है, हालांकि अभी तक पुलिस प्रशासन की ओर से इन संगीन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
Rajpal bhai aap 30 yrs se kaam kar rahe ho aur hum sabne aapko repeat kiya hai baar baar kyunki aap apna kaam jante ho aur ek value laate ho , kaam toh aapko bohot milega aur issi dollar rate pe milega aur milte rahega . Hakikat yeh hai .
Aur yeh yaad rakhna ke kabhi kabhi flow mai kuch nikal aata hai ,dena hi hai toh dimag mai rakho dil se kaam karo , dollar upar ho ya neeche kya farak padta hai dena toh India mai hi hai @rajpalofficial
पुणे में इफ्तार के दौरान मुसलमानों पर हमले का मामला कोई मामूली नही है। सैकड़ों लोगों कि भीड़ ने करीब दर्जन मुसलमानों पर हमला किया। कई घायल हुए हैं इसमें। पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कि है। लेकिन इसके हर दोषियों को सज़ा मिले, ये भी सुनश्चित होनी चाहिए।
जब नफरत की धुंध छंटी, तो इसे इंसानियत नज़र आई!
एक British नागरिक के पश्चाताप भरे शब्दों ने दिलों को झकझोर दिया है!
उसने नम आंखों से मुस्लिम समुदाय से माफी मांगते हुए स्वीकार किया कि वे बरसों तक उन झूठ और गलतफहमियों के साये में रहा, जो मीडिया और समाज द्वारा बुनी गई थी!
उसने भावुक होकर कहा-
"मैंने जिन्हें डर समझा, वे तो दया के सागर निकले!
मुसलमान केवल शांति चाहते हैं!
वे पश्चिमी देशों की सत्ता की भूख और अंतहीन युद्धों से कोसों दूर अपनी सादगी में जीना चाहते है!
आज मुझे समझ आया कि असली आतंक और तबाही के पीछे वे हाथ हैं जिन्हें हम अपना रक्षक समझते थे, न कि वे जो मस्जिदों में अमन की दुआ करते है"
बहुत खूब!
एक दिन हर किसी के आंखों से मुस्लिम के प्रति नफरत का पर्दा ज़रूर हटेगा!
गोवंडी में हर रात 11:00 बजे पुलिस दुकानों को बंद करवा रही थी, जिससे आम लोगों को हो रही थी भारी परेशानी।
अबू आसिम आज़मी साहब ने सिर्फ आदेश ही नहीं लाया, बल्कि खुद सड़क पर उतरकर बंद दुकानों को खुलवाया।
अब गोवंडी में बाज़ार की रौनक रात भर जारी है और लोगों को मिल गई बड़ी राहत।"
यूपी के शाहजहांपुर में एक आदमी ने एक दिन की छुट्टी ली।
वो शाहजहांपुर से 200 किमी दूर अपने घर बाराबंकी गया।
सिर्फ अपने बिस्तर पर पड़े माता-पिता के लिए LPG सिलेंडर लेने।
सुबह के 3 बजे, वो गैस एजेंसी के बाहर खड़ा था।
देश के लोगों को इस तरह के अच्छे दिन मिल रहे हैं??
Malaysia के प्रधानमंत्री (2003) ने कहा था-
"आज यहूदी परोक्ष रूप से इस दुनिया पर राज कर रहे है!
वे दूसरों को अपने लिए लड़ने और मरने के लिए उकसाते है"
इन्होंने 2003 मे यह बात कही थी, जो आज हम साफ देख रहे है!
अमेरिका के सैनिक Israel के लिए मर रहे है!
अगर धुरंधर 2 फिल्म में पूर्व सांसद अतीक अहमद को पाकिस्तानी जासूस दिखाया गया है तो देश कि संसद ने 5 बार विधायक 1 बार सांसद रहे अतीक अहमद को श्रद्धांजलि क्यों दी थी? क्यों 788 सांसदों ने 6 बार संवैधानिक पद पर रहने वाले अतीक अहमद की हत्या के बाद उनके सम्मान में खड़े होकर 2 मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि दी थी? क्यों लोकसभा अध्यक्ष और मोदी कैबिनेट के दर्जनों मंत्री अतीक अहमद को संसद में श्रद्धांजलि देने के लिए खड़े हुए थे? और अगर संसद अतीक अहमद के सम्मान में खड़ी हुई तो तथाकथित फ़िल्म डायरेक्टर @AdityaDharFilms अतीक अहमद को पाकिस्तानी जासूस कैसे दिखा व बता सकता हैं? अब या तो @PMOIndia को अपनी फिल्म के माध्यम से झूठ और नफ़रत फैलाने वाले गुंडे डायरेक्टर पर कार्रवाई करनी चाहिए या फिर संसद में दी गई श्रद्धांजलि पर सफ़ाई जारी करनी चाहिए।
#Dhurandhartherevnenge #Dhurandhar2 #AtiqAhmad
उत्तम नगर के लोगों ने हिंसा की भारी कीमत चुकाई है - एक तरफ एक जवान लड़के, तरुण, की जान चली गई, दूसरी तरफ एक पूरा परिवार उत्पीड़न का सामना कर रहा है।
उन्हें और खून-खराबा नहीं चाहिए।
खून-खराबा केवल BJP और उसका इकोसिस्टम चाहता है, जो नफ़रत के तवे पर हिंसा की रोटी सेंकने के हर मौके का फायदा उठाता है।
वो चाहते हैं कि देश हिंदू-मुसलमान में उलझा रहे, ताकि लोग यह न पूछ सकें कि आखिर प्रधानमंत्री देश की रक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और सामरिक संप्रभुता को अमेरिका के हवाले करने पर क्यों मजबूर हैं - इसीलिए, दिन-दहाड़े देश की राजधानी में फिर से दंगों जैसे हालात खड़े किए जा रहे हैं।
दिल्लीवासियों से अनुरोध है किसी बहकावे में न आएं - देश की शक्ति हमारी एकता, भाईचारे और मोहब्बत में है।
जोड़ो जोड़ो, भारत जोड़ो।
स्पेन जाग रहा है अमेरिका के ख़िलाफ़ 🔥
MP बेलार्रा - अमेरिका और इज़राइल “मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा” हैं,
उन्होंने स्पेन से अमेरिकी सैनिकों को बाहर निकालने और NATO छोड़ने की अपील की