दिल्ली विश्वविद्यालय, साउथ कैंपस के पास बिल्डिंग ढहने समाचार झकझोरने वाला है। बड़ी संख्या में लोग मलबे में फंसे हैं जिनमें कई छात्र भी हैं।
सभी की कुशलता की कामना करती हूं। ईश्वर सबको सुरक्षित रखें। प्रशासन से अपील करती हूं कि राहत एवं बचाव कार्य तेज किया जाए ताकि हर पीड़ित तक समय से मदद पहुंच सके।
NSUI और कांग्रेस के साथी मौके पर यथासंभव मदद कर रहे हैं। हमारी संवेदनाएं सभी पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं।
सोचिए, ऐसा क्या गुनाह किया था इन बच्चों ने कि इन्हें गोली मार दी गई?
इन्होंने सरकार से सिर्फ़ तीन चीज़ें माँगी थीं - शिक्षा, रोज़गार, और जवाबदेही।
एक छात्र के पैर की हड्डी AK 47 की गोली से टूट गई। सेना में जाकर देश की सेवा करने का उसका सपना भी उसी के साथ चला गया। दो और छात्रों के कंधों को गोली चीरती हुई निकल गई।
ये अपराधी नहीं थे। ये ग़रीब घरों के वो बच्चे थे जो अपने परिवार के सपने लेकर पढ़ने निकले थे - किसी को अच्छी नौकरी चाहिए थी, किसी को अपने घर के हालात बदलने थे।
गोली के घाव भर जाएंगे - पर जो डर इन बच्चों के भीतर बैठ गया है, उसका इलाज किस अस्पताल में होता है?
प्रधानमंत्री जी, मुख्यमंत्री जी - इनकी टूटी हड्डी तो जुड़ जाएगी। क्या इनका टूटा हुआ सपना आप लौटा सकते हैं?
बालाघाट, मध्य प्रदेश में 30 आदिवासी बच्चों की मृत्यु की खबर बेहद चिंताजनक और पीड़ादायक है।
इस घातक बीमारी के साथ पीने के पानी, पोषण, और समय पर इलाज जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव बच्चों की जान ले रहा है।
ये सरकार की पूर्ण विफलता है। मुख्यमंत्री स्वयं इसका समाधान करें और क्षेत्र में तत्काल जांच, इलाज और राहत उपलब्ध कराएं। बच्चों की ज़िंदगी से समझौता नहीं हो सकता।
भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन।
राष्ट्रीय शिक्षक दिवस पर सभी गुरुजनों को हार्दिक शुभकामनाएं। अपने ज्ञान, सेवा और समर्पण से आप छात्रों का भविष्य संवारते हैं और देश की आने वाली पीढ़ियों को दिशा देते हैं - आपका योगदान अमूल्य है।
आज भारत की शिक्षा व्यवस्था हमारे सामने कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। हमें मिलकर ऐसी व्यवस्था बनानी है, जहां हर छात्र को समान अवसर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और एक उज्ज्वल भविष्य मिले।
सत्य, शक्ति, वाणी, विद्या, लीला, कला, कर्म, विनय, विवेक, दया, योग एवं धर्म समेत सभी गुणों एवं कलाओं से परिपूर्ण, योगिराज भगवान श्रीकृष्ण भारतीयता एवं मानवता के पथप्रदर्शक हैं। वे अपनी बाल लीलाओं से संसार का मन भी मोहते हैं और अपने विराट रूप में गीता का मुक्तिदायी संदेश भी देते हैं। प्रभु से प्रार्थना करती हूं कि समस्त जगत का कल्याण करें।
भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं।
India’s GDP headlines mask a structural crisis. When gold loans expand 14.4x and personal loans 6.5x, while nominal GDP grows just 2.8x over the last 12 years, it isn’t an economic boom. It is leveraged consumption growth.
Growth today isn’t being supported by rising wages, job creation, or productive investment. It increasingly relies on household debt and pledged family assets. Middle class is in pain. Our household-level financial resilience is eroding. Families are increasingly forced to turn to high-interest personal loans and distress-driven gold loans to meet routine expenses. When citizens must pledge core assets to sustain basic consumption, it signals a systemic breakdown in real-income sustainability.
Moreover, rising national and state debt adds another layer of fragility, shifting the burden of today’s debt-driven growth onto future taxpayers and generations. Debt stress can ultimately lead to a financial crisis. Not today, not tomorrow. It’s just a matter of when the tipping point is reached.
We must change our economic path.
#IndianEconomy #HouseholdDebt #GoldLoan #IncomeSustainability #FinancialStress
GDP figures then and now—the real difference lies in the truth about inflation. Today, citizens bear the brunt of rising costs, while official data remains detached from their lived reality. Weak private corporate investment and historically high household debt expose the fragile foundation of this growth.
#IndiaEconomy #Inflation #GDP #Macroeconomics
श्रीमती सोनिया गांधी जी की आने वाली किताब को पेंगुइन वर्ल्डवाइड कंपनी मूलस्वरूप में दुनियाभर में छापने को तैयार है पर पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया भारत में इसे लॉन्च करने के लिए बदलाव करवाना चाहता है। आखिर ऐसी कौन-सी वजह या कौनसा दबाव है जो दुनिया-भर में छापा जा रहा है उसे भारत में नहीं छाप सकते?
श्रीमती सोनिया गांधी जी का जीवन त्याग और बलिदान की मिसाल है। जिस शुचिता और गरिमा से उन्होंने देश सेवा की है वह एक मिसाल है। ऐसे व्यक्तित्व की धनी, देश की वरिष्ठ राजनेता एवं नेता प्रतिपक्ष रहीं श्रीमती सोनिया गांधी जी की किताब को दबाव डालकर रोकना अभिव्यक्ति की आजादी की हत्या के समान है।
असली मुद्दा यह है कि पेंगुइन इंडिया पर दबाव डाला गया कि मोदी, RSS और चीन द्वारा मोदी राज में भारतीय भूभाग पर कब्जे से जुड़े हिस्से हटाए जाएं। यह लोकतंत्र की हत्या है।
इस सच को आखिर भारत की जनता के सामने आने से क्यों छिपाया जा रहा है? क्या मोदी सरकार प्रकाशकों पर दबाव डालकर तथ्यों को भी बदलवा देगी?
NCLT - “नेता-कंपनी लूट ट्रिब्यूनल”
किसान 50 हज़ार न चुकाए तो ज़मीन नीलाम हो जाती है। Salaried एक EMI न भर पाएं तो घर पर बैंक के गुंडे पहुंच जाते हैं। गरीब छात्रों को तो शिक्षा तक के लिए लोन नहीं मिलता।
मगर, चुनिंदा "मित्रों" के लिए बैंक का पैसा निजी संपत्ति है - कितना भी निकालो, जो मर्ज़ी चुकाओ।
मोदी सरकार ने देश में दो व्यवस्थाएं बना रखी हैं - एक चंद अरबपतियों के लिए, दूसरी बाक़ी सबके लिए।
नेपाल में भयानक बाढ़ की वजह से आई तबाही का समाचार अत्यंत दुखद है। जिन्होंने अपने परिजनों को खोया है, उनके प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करती हूं।
सौ से ज्यादा भारतीयों समेत सैकड़ों यात्रियों के लापता होने की दुखद खबरें हैं। ईश्वर से उन सभी की कुशलता की कामना करती हूं।
भारत सरकार से मेरी अपील है कि लापता लोगों को ढूंढने के लिए तुरंत अभियान चलाया जाना चाहिए। साथ ही, नेपाल की जनता को हर संभव मानवीय मदद पहुंचानी चाहिए।