शाम का समय था, ऑफिस में कुछ ज़रूरी काम निपटा रही थी
तभी दोस्त शिवानी का फ़ोन आया. पहले सोचा बाद में बात करूँगी फिर फ़ोन उठा लिया. दो ही मिनट बात हो पाई थी - वही सब - और क्या चल रहा है, क्या हाल चाल वग़ैरह?
शिवानी ने भी शायद ऑफिस से ही फ़ोन किया था, पीछे TV की आवाज़ आ रही थी
एकदम से बोली “अरे यार कोई चुप कराओ इसको”
ज़ोर से अपने असिस्टेंट से पूछा “रिमोट कहाँ है - बदलो यार. बोर मार दिया, पुराने थकेले रिकॉर्ड की तरह वही पुरानी बातें”
फिर बड़बड़ाते हुए बोली “कोई बताओ इन्हें यार यह 2014 नहीं, 2024 है. कब तक वही घिसी पिटी स्क्रिप्ट पढ़ेंगे - और वैसे आजकल इतने थके हुए क्यों दिखते हैं? उम्र का असर भी लड़खड़ाती ज़बान पर अब साफ़ है”
रिमोट ढूँढने की खटर पटर सुनाई दे रही थी, जो शायद मिल नहीं रहा था, ज़ोर से बोली “भाड़ में गया रिमोट - इस बार चैनल नहीं इनको बदल देंगे”
मैंने हँस कर कहा - चल घर जाते वक्त कॉफ़ी पिलाती हूँ!
दुनिया की एक और छोटी कहानी
बेटा मांस-मछली खाकर ,शराब पीकर धार्मिक ग्रंथों को कोस रहा। माँ पड़ोसी को बता रही है कि उसमें ये गुण न होते तो मेरा बेटा ब्राह्मण होता।
Shayad khamoshi ke chauke dekhkar Pakistani batsman ne jaldi jaldi pavillion lautne ki thaan li.
Jhel nahi paaye yaar pressure
Haha..Koi nahi Shoaib Bhai.
Na Ishq Na Pyaar mein..
Jo Maza 8-0 ki haar mein !
विपत्ति में,विरोध में,अडिग रहो,अटल रहो।
विषम समय की चक्र में भी,साहसी प्रबल रहो।
तपा है जो,जला है जो,चमक उसी में आई है।
समस्त ताप-तम में भी,बढ़े चलो सफल रहो।
बस एक लक्ष्य साधकर, गगन की ओर उड़ चलो।
घटा घिरी अटूट हो,मगर सदा प्रबल रहो।
विपत्ति में,विरोध में,अडिग रहो,अटल रहो।
#Israel
एक कविता और है
शीर्षक : ठाकुर का दुर्भाग्य ????
कभी क़ासिम तो कभी गजनी से भिड़ा ठाकुर !
हार तो तय थी...पर लड़ा ठाकुर !
हारना ही था उसे , वो अकेला लड़ा था ,
क्या जन्मभूमि ये तुम्हारी नहीं थी ? फिर क्यों अकेला लड़ा ठाकुर ?
बीवी सती हुई ,बच्चे अनाथ !!
हिन्दू तो बचा पर , भरी जवानी में
मरा ठाकुर !
सदियों से रक्त दे माटी को सींचा ,
जन , जन्मभूमि और धर्म की वेदी पर
मिटा ठाकुर !
मौत होती तो भी लड़ लेता , पर...अपनों की घृणा से
अब सहमा ठाकुर !
जिनके लिए सब कुछ खोया , क्यों उनकी ही नज़रों में बुरा ?
फ़िल्मों का ठाकुर !
कहानियों-क़िस्सों का ठाकुर !
कविताओं का ठाकुर !
जब दुबक बैठे थे घरों में सब तमाशबीन ,
तब पीढियां युद्धभूमि में बलिदान कर रहा था ठाकुर ,
आज बुद्धिजीवी पानी पी पीकर बरगलाते और कोसते
कि आखिर कौन है ये ठाकुर..?
कौन बताए उन्हें कि कफ़न केशरिया करके , मूंछों पर तांव देकर मौत को गले लगाने वाला जांबाज ही था ठाकुर ।।
शाहबाज शरीफ (पाकिस्तान वाले):😥😩😭
9 और 10 को मोदी जी के कारण रोना पड़ा, और 11 को कोहली, राहुल, कुलदीप, रोहित और गिल की वजह से ।।
ये दुःख काहे खत्म नहीं होता रे बाबा ।।
मिल ही जाएगी राखी,
मेरे मामा को आज।
भेजी है जो माँ ने प्रेम से,
विक्रम के साथ।
देखो विक्रम!
उतरना हल्के पाँव, मामा के आँगन।
और फिर सौंप देना यह रक्षा सूत्र मामा के हाथ।
पाँव छूकर फिर मामा के,
जोर से कहना
"मामा मैं आ गया।"
मामा फिर
लगा कर गले तुझको
सच में यही कहेगा,
कृपया इस तस्वीर पर एक नजर डालिए.!!!
यदि बागेश्वर धाम महाराज का चालान कट सकता है तो स्टालिन का क्यों नहीं.?
क्या स्टालिन देश के कानून से ऊपर हैं.?
@helpline_BP@BiharPoliceCGRC@yadavtejashwi
इस तस्वीर को देखिए, यदि यह तस्वीर सही है तो कृपया उचित कार्रवाई कीजिए
👉 अब देखते हैं बिहार में कानून का राज है या फिर यादव राज है!