#गीतासार
"गीता अध्याय 15 श्लोक 17 में कहा है कि वास्तव में परमात्मा तो क्षर पुरुष अर्थात् ब्रह्म तथा अक्षर पुरुष अर्थात् परब्रह्म से भी अन्य ही है। जो तीनों लोकों में प्रवेश करके सबका धारण-पोषण करता है वही वास्तव में अविनाशी है" - संत रामपाल जी महाराज।
#गीतासार अध्याय 7 श्लोक 15 में गीता ज्ञान दाता तीनो देवता ब्रह्मा,विष्णु,शिव की साधना करने वालो को मनुष्यों में नीच, दूषित कर्म करने वाले मूर्ख बताया है।
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साधना चेनल7:30pm से
#WednesdayWisdom#डरो_भगवान_से
जीव हमारी जाति है मानव धर्म हमारा हिंदू। मुस्लिम सिख ईसाई धर्म नहीं कोई न्यारा ॥
और वो राम अल्ला एक है और वह है कौन कभी उन कि खोज की है और जानने के लिए अवश्य देखें ईश्वर टीवी 8:30 रात में
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