भारत के सबसे बड़े किडनी डायलिसिस अस्पताल में NO BILLING COUNTER कल का उद्घाटन
फ्री में डायलिसिस दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अस्पताल में कोई भी आये और इलाज करायें साथ ही
#गुरु का #लंगर भी #परोसा जाएगा!!
@pinkichaubey
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आप सभी को गुरु पूर्णिमा की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।
अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाकर सत्य, धैर्य, जिज्ञासा और करुणा का मार्ग दिखाने वाले सभी गुरुजनों को सादर नमन।
सत्य और सत्याग्रह - दोनों से डरती है मोदी सरकार।
मध्य प्रदेश के आदिवासी भाई-बहन जल सत्याग्रह और भूख हड़ताल पर इसलिए बैठे थे क्योंकि केन-बेतवा परियोजना में उनकी ज़मीन छीन ली गई, लेकिन उन्हें न न्यायपूर्ण मुआवज़ा मिला और न सम्मानजनक पुनर्वास।
"सत्य" यह है कि आदिवासी देश के पहले मालिक हैं - जल, जंगल और ज़मीन पर सबसे पहला हक़ उन्हीं का है।
और उनका "सत्याग्रह" इसलिए है क्योंकि वही हक़ आज उनसे छीना जा रहा है।
अपने अनोखे तरीके से उनकी मांग बस इतनी है कि गुज़र-बसर करने के लिए उचित सहारा तो दो - वरना जिंदगी तो चिता के ही समान है।
मगर यह भी भाजपा सरकार को मंज़ूर नहीं। उनकी बात सुनने के बजाय पुलिस बल से उनका शांतिपूर्ण विरोध भी कुचला जा रहा है।
हम अपने आदिवासी भाई-बहनों के साथ हैं। उन्हें न्याय दिला कर रहेंगे - मुआवज़ा और पुनर्वास तो देना ही पड़ेगा।
Credits for video: Shiksha Pareek and Lok Singh
@faeloreeah @lok_singh_
There can be no filthier type of man than one who defends rapists.
Pralhad Joshi is an insult to our education system and an insult to every student in it. Crores of young women study in the institutions he now oversees.
India’s women will never accept PM Modi’s new Education Minister.
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारे education system को फिर से संवारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है।
शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है।
सड़कों पर आ कर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा में डट कर खड़े होने वाले हर एक युवा, हर छात्र को बहुत-बहुत बधाई।
2 मांगें अभी भी बाकी हैं - प्रधानमंत्री छात्रों और भारत के भविष्य को सम्मान देते हुए माफ़ी मांगें और छात्रों पर हिंसा के दोषियों पर कार्रवाई हो।
ये समाज के दूसरे वर्गों किसानों, मजदूरों, गरीबों, हर वो व्यक्ति जिसे इस सरकार ने दबाया है, कुचला है - अपने सम्मान के लिए संवैधानिक तरीके से डटकर खड़े होने में ही असली साहस है।
इस सरकार को हटाने का वक्त आ गया है।
डरो मत!
मेट्रो बंद करो।
रास्ते बंद करो।
दुकानें बंद करो।
Internet बंद करो।
खाना बंद करो।
अपना हक़ मांग रहे छात्रों के ख़िलाफ़ सरकार ने ये क्रूर कदम उठाए।
बस एक चीज़ बंद नहीं कर पाए, मोदी जी - पेपर लीक।
How dare you threaten students for exercising their democratic rights?
Please note, you are the ones that will be held accountable when the time comes.
Right now, MPs and leaders of the INDIA alliance are peacefully heading to Gandhi Smriti on Tees January Marg.
We go to remember the students we lost - the children driven to take their own lives after the NEET paper leak.
And we go to stand with the students who lie injured today - beaten for peacefully demanding justice and accountability.
India’s students are not alone. The entire Opposition stands with them and their demands.
अभी, INDIA गठबंधन के सांसद और नेता शांतिपूर्ण तरीके से तीस जनवरी मार्ग पर गांधी स्मृति जा रहे हैं।
हम उन छात्रों को याद करने जा रहे हैं जिन्हें हमने खो दिया - वे बच्चे जिन्हें NEET पेपर लीक के बाद अपनी जान देने के लिए मजबूर होना पड़ा।
और हम उन छात्रों के साथ खड़े होने जा रहे हैं जो आज घायल हैं - जिन्हें न्याय और जवाबदेही की शांतिपूर्ण मांग करने पर पीटा गया।
भारत के छात्र अकेले नहीं हैं। पूरा विपक्ष उनके और उनकी मांगों के साथ खड़ा है।
Mr. Modi, our students are demanding Dharmendra Pradhan’s resignation.
Don’t insult their intelligence with this pathetic midnight video.
1. Sack Pradhan.
2. Punish those who beat students.
3. Apologise
You are the one who has harmed the future of our youth the most.
You allowed and encouraged the total capture and destruction of our education system - and protected every person responsible for it.
The students’ demands are clear:
1. Sack Dharmendra Pradhan.
2. Apologise to the students.
3. Take action against those who assaulted them.
आपने ही हमारे युवाओं के भविष्य को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचाया है।
आपने न सिर्फ हमारी education system पर पूरा कब्ज़ा होने और उसे बर्बाद होने दिया, उसे बढ़ावा भी दिया - और इसके ज़िम्मेदार हर व्यक्ति को संरक्षण दिया।
छात्रों की मांगें साफ़ हैं:
1. धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाएं।
2. छात्रों से माफ़ी मांगे।
3. छात्रों के साथ हिंसा करने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करें।
आज हर छात्र कह रहा है, पुलिसवाले कह रहे हैं, पूरा देश कह रहा है - मोदी सरकार को जाना पड़ेगा।
विपक्ष के नेता के रूप में मेरी ज़िम्मेदारी हर भारतीय की आवाज़ बनना है - और उसके लिए हर कीमत छोटी है।
मोदी जी, अहंकार छोड़िए।
छात्रों की गूंज सुनिए, उनकी 3 मांगें पूरी कीजिए।
- नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल इस्तीफा लीजिए।
- छात्रों पर बर्बरता करने वाले गुनहगारों की जवाबदेही तय कीजिए।
- छात्रों के साथ हुए हर अन्याय के लिए उनसे माफ़ी मांगिए।
मैं, कांग्रेस पार्टी और पूरा विपक्ष छात्रों और उनकी इन मांगों के साथ मजबूती से खड़े हैं।
पुलिस हिरासत से छूटने के बाद की ये तस्वीर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की है।तस्वीर ये गवाही दे रही है कि उन्हें घसीटा गया है,एक पैर में जूता भी नहीं है।ये हाल नेता प्रतिपक्ष का है तो सोचिए युवा छात्रों के साथ क्या सलूक हुआ होगा…
We have marched to PM Modi’s house to demand answers from him for the brutalities against young students yesterday.
The Government doesn’t want to take any accountability or does it want to have a debate on it in Parliament.
PM and HM must resign for destroying the future of India’s youth.
देश का छात्र कह रहा है - “हमारा कोई भविष्य नहीं।”
और इस सरकार के मंत्री कह रहे हैं - “हमारी कुर्सी नहीं जाएगी।”
जिस देश में छात्र भविष्य खो दे और मंत्री कुर्सी न खोए - वहां न्याय है ही नहीं।