आज यहाँ से किसी को हिलना नहीं है....
क्योंकि गाड़ियों का तेल जलाकर किसी की वाहवाही करने नहीं आए है बल्कि समाज के युवाओं को दिल्ली में आरक्षण दिलवाने आए है, यहाँ से ऐसे ही नहीं जाएंगे - @hanumanbeniwal
राजस्थान सरकार ने सब प्रयास कर लिए...
अब ये कर रहे है कि रैली आयोजित करवाने वालों के खिलाफ कार्रवाही करवा रहे है.....
जबकि कल की रैली शांतिपूर्ण थी.......
@PMOIndia@AmitShah@narendramodi@hanumanbeniwal
जनता के नौकर है वो VIP बन गए ।। माना कि VIP की सुरक्षा करनी है लेकिन ये क्यों भूल जाते हो कि आम जनता की सुरक्षा करना भी प्राथमिकता है @RajPoliceHelp क्या जिम्मेदार लोगों पर कार्यवाही होगी ।
@RajCMO@BhajanlalBjp
भरतपुर, डीग और धौलपुर के जाट समाज को केंद्र में OBC आरक्षण का लाभ दिलवाने के लिए आज भरतपुर में आयोजित जाट आरक्षण हुंकार महारैली में मैंने कहा कि आज हम किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि अपने संवैधानिक अधिकारों और न्यायपूर्ण हिस्सेदारी की मांग को लेकर यहां एकत्रित हुए हैं। भरतपुर की धरती केवल राजस्थान की नहीं, बल्कि पूरे भारत के इतिहास में स्वाभिमान, शौर्य और संघर्ष की पहचान रही है।
लोहागढ़ फोर्ट का इतिहास दुनिया जानती है, विभिन्न आक्रांताओं ने कई बार इस किले को जीतने का प्रयास किया, लेकिन लोहागढ़ अजेय रहा। यह केवल एक किला नहीं, बल्कि जाट समाज की अस्मिता, साहस और आत्मसम्मान का प्रतीक है। भरतपुर, डीग और धौलपुर जिले का जाट समाज सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन के आधार पर केंद्र की ओबीसी सूची में शामिल किए जाने की मांग वर्षों से करता आया है। यह मांग संविधान के दायरे में है, लोकतांत्रिक है और न्यायसंगत है इसलिए केंद्र सरकार को जल्द से जल्द यहां के जाटों को आरक्षण देना चाहिए |
@RLPINDIAorg
"अमित शाह जी, आपने जो अपनी मूँछ का बाल जाट सरदारी को दिया था, उसे वापस ले जाओगे या वहीं गिरवी रहने दोगे?" - हनुमान बेनीवाल
यह तंज़ नहीं, बल्कि जाट समाज से किए गए वादे की याद दिलाने वाला सवाल है।
क्या अब पेट भरने के लिए जलना होगा?
जयपुर में मुख्यमंत्री के काफिले के लिए सड़क खाली करवाई जा रही थी।
आरोप है कि पुलिस ने एक महिला का ठेला पलट दिया, जबकि वह बार-बार कह रही थी कि बर्तन में खौलता पानी है।
उसी खौलते पानी से उसका आधा शरीर झुलस गया।
यह सिर्फ एक हादसा नहीं, VIP मानसिकता की असली तस्वीर है।
जिस सड़क पर गरीब अपनी रोजी कमाता है, वही सड़क सत्ता के काफिले के लिए “खतरा” बन जाती है।
नेताओं के लिए रास्ते साफ किए जाते हैं, लेकिन आम आदमी की जिंदगी, मेहनत और इज्जत कुचल दी जाती है।
काफिला 2 मिनट लेट हो जाता तो क्या आसमान टूट पड़ता?
फोटो : AI जेनरेटेड
एक तरफ़ सरकार “जनता के बीच” होने का दावा करती है, दूसरी तरफ प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp के काफिले के रास्ते में आम लोगों की रोज़ी-रोटी और सुरक्षा कुचल जाती है।
जयपुर में एक युवती का ठेला हटाने की कार्रवाई के दौरान उसके ऊपर खौलता पानी गिरने की खबर बेहद चिंताजनक है।
मुख्यमंत्री का काफिला निकले, इसलिए आमजन का ठेला पलट जाए और एक बेटी खौलते पानी से झुलस जाए, यह किसी भी संवेदनशील शासन के लिए चिंतन का विषय होना चाहिए लेकिन राजस्थान की बीजेपी सरकार की संवेदना शून्य हो चुकी है |
क्या राजस्थान के मुख्यमंत्री बतायेंगे कि इस घटना के लिए जिम्मेदार कौन है और पीड़िता को सरकार क्या मदद करेगी ?
क्या सरकार ऐसे गैर जिम्मेदार पुलिस अफसर और पुलिस कार्मिकों के खिलाफ कार्यवाही करेगी जिन्होंने ऐसी ओछी हरकत की ?
@RajCMO@PoliceRajasthan
मैं प्रधानमंत्री श्री @narendramodi व केंद्रीय गृह मंत्री श्री @AmitShah को अवगत करवाना चाहता हूं कि कल राजस्थान के भरतपुर में भरतपुर,धौलपुर व डीग जिले के जाट समाज को केंद्र में ओबीसी आरक्षण दिलवाने की मांग को लेकर आयोजित विशाल रैली में लाखों लोगों ने भाग लिया l संवैधानिक अधिकारों और मांगों के लिए लोकतंत्र में वैधानिक तरीके से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है लेकिन जाट समाज की इस रैली की सफलता से बौखलाई राजस्थान की भाजपा सरकार व राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp
तथा उनके कुछ मंत्री इस रैली में सम्मिलित होने वाले भरतपुर जिले के पथैना सरपंच सहित जाट समाज के अन्य मौजिज लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान करने को आतुर है, राजस्थान सरकार का यह कृत्य लोकतांत्रिक मूल्यों की भावना के अनुरूप नहीं है |
सरकार और प्रशासन का दायित्व निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ कार्य करते हुए संवाद के माध्यम से समाधान निकालने का होता है और यही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है मगर राजस्थान सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों के आदर्शो को नजरअंदाज कर रही है |
राजस्थान सरकार को यह समझने की जरूरत है कि संवैधानिक हकों के लिए उठने वाली आवाज को सत्ता के दम पर दबाने का प्रयास किया गया तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा |
@PMOIndia
ऑपरेशन के बाद डॉक्टर ने कहा अब ये देख पाएगा। लेकिन जैसे ही बच्चे की आंखें खुली और उसने पहली बार अपनी माँ को देखा पूरा ICU सन्न रह गया माँ रो रही थी पर बच्चा मुस्कुरा नहीं रहा था क्योंकि उसके शब्द थे माँ मैं पहले से तुम्हें महसूस करता था।
मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी,
क्या आपकी सरकार में अब एक्सीडेंट होना भी मौत का फरमान बन गया है ?
नागौर जिला प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री का गृह जिला भी है मगर यहां की स्वास्थ्य सेवाएं वेंटिलेटर पर है |
नागौर जिले के पादू क्षेत्र में NH 58 पर सड़क दुर्घटना में घायल हुए मेवड़ा के पूर्व सरपंच राजुराम जी चंदेलिया व कोड़ निवासी कालूराम जी पुनिया की मृत्यु इसलिए हो गई क्योंकि बार - बार संपर्क करने के बावजूद एम्बुलेंस नहीं आई |
इस NH पर सैकड़ों दुर्घटनाएं होती है, टोल लिया जाता है मगर दुर्घटना होने की स्थिति में एंबुलेस नहीं पहुंचती है,इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण कुछ नहीं हो सकता |
क्या राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री @GajendraKhimsar जनता को बताएंगे कि ऐसी स्थिति के बावजूद आपकी 108 एम्बुलेंस कहां गायब थी ?
क्या @NHAI_Official के पास इस बात का जवाब है कि इस NH पर थांवला में संचालित टोल प्लाजा का जिम्मा NHAI के पास है, दुर्घटना होने की स्थिति में घायलों की मदद करने के लिए क्या विभाग कि जिम्मेदारी नहीं बनती ?
राज्य सरकार इस मामले में जिम्मेदारी तय करके 108 एम्बुलेंस संचालित करने वाली कंपनी प्रबंधन के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करें और भविष्य में ऐसी लापरवाही नहीं हो उसकी सुनिश्चिता की जाए |
परमात्मा दिवगंत जनों की आत्मा को शांति प्रदान करें,मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ है |
@RajCMO