आचार्य भगवंत की जीवनी पर बनी विद्योदय दिगम्बर जैन साधु पर बनी पहली फ़िल्म है, इसे प्रत्येक जैनी को अवश्य देखनी चाहिए
#जय_जिनेन्द्र#आचार्य_विद्यासागर_गुरुवराय_नमः
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@IncomeTaxIndia
पेन कार्ड आधार कार्ड लिंक करना आवश्यक है
पर एक हजार का चार्ज किस बात का ले रहे है
एक सामान्य आदमी एक हजार क्यों वहन करेगा
@narendramodi
ये सरासर लूट है
मैं सभी सनातनी मराठी बंधुओं से आग्रह करना चाहता हूँ कि @prasadvedpathak जी वही व्यक्ति हैं जिन्होंने सार्वजनिक रूप से भगवान गणपति बप्पा के प्रति अपनी आस्था पर प्रश्न खड़े किए हैं। मराठी और जैन समाज सदियों से आपसी सम्मान, सौहार्द और भाईचारे के साथ रहते आए हैं। दोनों समाजों ने एक-दूसरे की परंपराओं, आस्थाओं और संस्कृति का हमेशा सम्मान किया है। किसी एक व्यक्ति की नास्तिक सोच या विवादित बयानबाजी के कारण दो समाजों के बीच अविश्वास और दूरी पैदा करने का प्रयास दुर्भाग्यपूर्ण है और रही दूसरी बात, सफेद लाइन किसी व्यक्ति, धर्म या समाज के खिलाफ नहीं है। गर्मी से बचाव और भवनों को ठंडा रखने के लिए मंदिरों सहित अनेक सामाजिक एवं सार्वजनिक स्थलों पर सफेद पेंट किया जाता है। इसका किसी धर्म, समुदाय या आस्था से कोई संबंध नहीं है। अनावश्यक विवाद खड़ा करने के बजाय तथ्यों को समझना और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
दिल्ली सरकार ने बकरीद को लेकर सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं। मंत्री कपिल मिश्रा ने साफ कहा है कि गौवंश, गाय, बछड़ा, ऊंट व अन्य प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी पूरी तरह गैरकानूनी है। नियम तोड़ने वालों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज होगा। सार्वजनिक जगहों, गलियों और सड़कों पर कुर्बानी की अनुमति नहीं होगी। कुर्बानी के बाद वेस्ट को सीवर, नालियों या सार्वजनिक स्थलों पर फेंकना भी प्रतिबंधित है। केवल वैध और निर्धारित स्थलों पर ही कुर्बानी की जा सकेगी। दिल्ली सरकार ने लोगों से अपील की है कि गाइडलाइंस का पालन करें, उल्लंघन होने पर तुरंत पुलिस और संबंधित विभाग को सूचना दें।
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#DeepakChaurasia #deepakchaurasia
@KapilMishra_IND@DelhiPolice@MCD_Delhi
कोई महाराष्ट्र से है क्या,
परम विदुषी तपस्विनी गुरु माँ विज्ञान मति जी का विहार नागपुर महाराष्ट्र की तरफ चल रहा है,
आप विहार में शामिल हो धर्म लाभ ले सकते है
भारत के अमीर लोग विदेशो में जा कर बस जाते है और उन्हें वहाँ की नागरिकता भी मिल जाती है,
और भारत मे बाग्लादेश के भिखारी आ कर बस रहे है और यहाँ के मूर्ख लोग उन्हें बसाना भी चाहते है
क्या फायदा होगा? नुकसान ही नुकसान है