अगर आप रुके और हर भौंकने वाले कुत्ते पर पत्थर फेंकेंगे तो आप कभी अपने गंतव्य तक नहीं पहुंचेंगे। बेहतर होगा कि हाथ में बिस्किट रखें और आगे बढ़ते जाएं।
~ लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक
एक लड़का रात को 2 बजे
डॉक्टर को कॉल लगाता है
लड़का - डॉक्टर साहब मुझे नींद न आने की बिमारी है...!! 😒🙂😕
डॉक्टर - तो इस बिमारी को फैला क्यू रहे हो
कम से कम मुझे तो सोने दो....!!🙄😐😏
😜😜😂😂
@VIKASHMOHTA90 बाबा अपना काम स्वयं करते है और आज भी bhatyan मे परिक्रमावासीयो के लिए पूर्ण व्यवस्था रहती है और शाम को सभी गाँव के लोग बाबा के दर्शन करने जाते है मुस्लिम भाई भी
पाखंडी तो मुट्ठीभर है पर सनातन धर्म को जिंदा रखने वाले लाखों सन्त है भारत मे उन्ही मे से एक है सियाराम बाबा है 100 वर्ष से अधिक ये मध्यप्रदेश में खरगौन के पास ही ग्राम भट्टयान के"संत सियाराम" है ....जहाँ नर्मदा नदी भी है वर्तमान में जहाँ बाबा का निवास है वह क्षेत्र डूब जाने वाला है...सरकार ने इन्हें मुआवजे के 2 करोड़ 51 लाख दिए थे.... तो इन्होंने सारा पैसा खरगौन के समीप ही ग्राम नांगलवाड़ी में नाग देवता के मंदिर में दान कर दिया ताकि वहा भव्य मंदिर बने और सुविधा मिले।।
बहुत ही पहुचे हुये सन्त है ,आप लाखो रुपये दान में दो... पर नही लेते केवल 10 रुपये लेते है ...और रजिस्टर में देने वाले का नाम साथ ही नर्मदा परिक्रमा वालो का खाना और रहने की व्यवस्था...कई सालों से अनवरत करते आ रहे है..सारा दिन दर्शन करने वालो के लिए चाय बनाई जाती है।
100 वर्ष पूरे कर चुके है।
ऐसे सन्त ही मुगलकाल से सनातन को जिंदा लेकर आए है ,वरना ये अलिमोला वाले फर्जी कथावचक जैसे सन्त होते उस समय तो ये पुरा सनातन मुगलों को गिरवी रख देते..सियाराम बाबा जैसे सन्त आज भी लाखों में है भारत मे यही असली सनातन की रीढ़ है 🚩🚩
मान्यवर कांशीराम साहब हमें और इस आंदोलन को 09 अक्टूबर 2006 को छोड़कर चले गये थे।
2007 में 206 सीटों के साथ हमनें पूर्ण बहुमत की सरकार बनायी, और माननीय बहनजी के एक मज़बूत शाशन को सबने देखा उसके बाद 2012 में हमें 80 सीटें मिली, 2017 में हमें 19 सीटें मिली, और 2022 में 206 वाला पूर्ण बहुमत मात्र 01 सीट पर सिमट कर रह गया।
हम बहुजन समाज का वही बहुमत और वही राज लाना चाहते हैं।
इसीलिए बहुजन समाज के सभी साथियों से अपील हैं की इस आंदोलन को बचाने और बहुजन राज स्थापित करने के लिए इस मुहिम में हमारे साथ जुड़िये
ये मुहिम किसी को कमजोर और किसी की आलोचना के लिए नहीं हैं बल्कि एक महबूत बहुजन राज स्थापित करने के लिए हैं। #Azad_Bahanji_साथ_आओ
@Mayawati@BhimArmyChief
जबसे हमने भाई चन्द्रशेखर आज़ाद जी और माननीय बहनजी को एक करने की बात कही हैं, तब से ही सोशल मीडिया पर बड़े लेवल पर लोग पोस्ट, वीडियो, ट्वीट दोनों नेताओं को साथ लाने के प्रयास के साथ कर रहें हैं। ऐसा लग रहा हैं मानो वो कबसे इस चीज़ का इंतज़ार कर रहे थे।
लेकिन कुछ लोग हैं जो आज भी लगातार आरोप, प्रत्यारोप पर लगे हुए हैं। संघर्ष करेंगे और जीतेंगे
@BhimArmyChief@Mayawati
ये श्योपुर की सहरिया आदिवासी समाज की महिला रुक्मिणी हैं. चिलचिलाती धूप में पति को अस्पताल ले गईं. मासूमों के पैरों में चप्पल तक नहीं हैं. पैरों को जलने से बचाने के लिए पन्नियां बांध रखी हैं. तस्वीर वायरल हुई तो सरकार ने इन्हें ढूंढ़ निकाला, इनका राशन कार्ड तक नहीं बना है. मध्यप्रदेश में सहरिया आदिवासी महिलाओं की बेहतरी के लिए चलाई जा रही योजनाओं का लाभ दिलाने का वादा किया है. अफसोस SC/ST समाज के लिए चलाई जा रही योजनाएं आज भी ऐसे लोगों से दूर है. इनकी हकमारी कहां हो रही? जातीय नफरत फैलाने वाले अगर ऐसे लोगों की बेहतरी के लिए काम करते तो समाज और राष्ट्र दोनों का भला होता.