यूट्यूबर अजीत भारती की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं।
दरअसल,
आज दिल्ली हाईकोर्ट ने SC/ST एक्ट वाले मामले में Ajit Bharti को अग्रिम जमानत देने से साफ इंकार कर दिया है।
आरक्षण हटाओ आंदोलन के समय अजीत भारती ने नगीना सांसद चंद्रशेखर रावण को लेकर अमर्यादित और जातिसूचक टिप्पणी की थी।
जिसके बाद उनके ऊपर FIR दर्ज किया गया था।
सोचिए अगर आज SC/ST एक्ट न होता तो क्या अजीत भारती के ऊपर FIR हो पाती? बिल्कुल नहीं।
ऐसे ही अजीत भारती जैसा कोई ग़ालीबाज आता और सम्मानित पद पर बैठे चंद्रशेखर रावण जैसे सम्मानित व्यक्ति को गाली देकर निकल जाता।
रितिका चोपड़ा से सुनिए गोवा SIR की कहानी
चुनाव आयोग में हुई पूरी गड़बड़ी जानने के लिए देखिए हमारी इंवेस्टिगेशन रिपोर्ट. इंडियन एक्सप्रेस हिंदी के यूट्यूब चैनल पर.
One of the most important stories in recent times. @IndianExpress's @RitikaChopra__ exposes the autocratic / undemocratic way in which CEC Gyanesh Kumar has been working - with undeniable proof from within the Election Commission.
(Even the denial from the @ECISVEEP is meek!)
शानदार रिपोर्ट है आपकी। भारत का लोकतंत्र सुरक्षित नहीं है इसका एक और प्रमाण। चुनाव आयोग के भीतर क्या हो रहा है इसकी जाँच होनी चाहिए। सारे चुनावी नतीजों की समीक्षा होनी चाहिए। चुनाव जनता के वोट का नतीजा है या जी-प्रिंटर से निकला नतीजा, इसकी जाँच होनी चाहिए।
"मैं ब्राम्हण हूँ, मेरा दोस्त SC समुदाय से है। हम जयपुर में जब भी रूम लेने जाते है तब मुझे खुद की जाति बतानी पड़ती है और दोस्त को भाई बोलकर परिचय देना पड़ता है क्योंकि अगर दोस्त की जाति बताऊंगा तो कोई रूम नही देगा। तो आरक्षण हटाने की बात मैं कैसे करू?"
-समझदार ब्राम्हण युवक
“मेरा दलित साथी पैसे, पढ़ाई और संस्कारों में मुझसे आगे लेकिन उसे जाति के कारण नहीं मिलता रूम”
ब्राह्मण युवक ने वीडियो में बताया भारत के शहरों में जातिगत भेदभाव का सच!
"मैं ब्राम्हण हूँ, मेरा दोस्त SC समुदाय से है। हम जयपुर में जब भी रूम लेने जाते है तब मुझे खुद की जाति बतानी पड़ती है और दोस्त को भाई बोलकर परिचय देना पड़ता है क्योंकि अगर दोस्त की जाति बताऊंगा तो कोई रूम नही देगा। तो आरक्षण हटाने की बात मैं कैसे करू?"
-समझदार ब्राम्हण युवक
"स्टूडेंट प्रोटेस्ट में एक लड़की के बाप का सर फाड़े उसको 60 टांके लगे और वह मौत के कगार पर था।
307 का मामला बनता था। मगर दुनिया को पता चलना चाहिए कि मैं जेल भी नहीं गया।
कपिल मिश्रा और मोदी बड़े भाई है। चिराग पासवान मेरे बड़े भाई है।"
-भाजपा के पाले हुए आतंकवादी का कबूलनामा https://t.co/QjhFyuq9Dz
शंकर चौधरी बगल के गांव के स्कूल के प्रिंसिपल है। सबसे पहले हमीं से इनकी पहली भिड़ंत हुई जब मैं तबेले वाले स्कूल में घुस रहा था।
तो पता चला कि दोनों महिला टीचरों की सुरक्षा के लिए भेजा गया है। रास्ते में इनकी पड़ताल करने गए तो चौंक गए इनकी स्कूल को देखकर । आप सभी पत्रकारों को देख कर आना चाहिए कि एक प्रिंसिपल अपने स्कूल को अकेले कैसे बदल सकता है। चौधरी साहब ने बताया कि जब ज्वाईन किए तो इससे भी बुरी स्थिति थी लेकिन भामाशाहों के यहाँ अकेले घूम घूम कर स्कूल को ग़ज़ब बना दिया है।
शंकर चौधरी जैसे नौजवान प्रिंसिपल पर हम भी तो गर्व करना चाहिए। इनके प्रयास से बना शानदार स्कूल सभी प्रिंसिपल को प्रेरणा दे सकता है।शाम को दिल्ली के कुछ पत्रकार इनको बीजेपी का गुंडा भी गोल घेरे में घेर कर बता रहे थे। सवाल तो सरकार से करना चाहिए कि आदेश वापस ले।स्कूल में टीचर तो हमें हर जगह रोकता है वो क्या करेगा।
गांव का नाम खूसर है।
काम वगैरह कौन करवाए जब सारा काम प्रचार से हो जाना है।
देश को प्रचारजीवी लोग खा गए।
2.32 करोड़ रुपए उस राज्य का विज्ञापन खर्च है, जिस राज्य में मिड डे मील की सब्जी में सिर्फ पानी मिलता है।
दुर्भाग्य