थाना बना कसाईखाना।
यूपी के बांदा में शिवानी चौहान एवं ललित वर्मा ने भय के
चलते घर से भागकर प्रेम विवाह कर लिया था। लड़की के पिता ने पुलिस से मिलकर लड़के पर फर्जी FIR दर्ज करा दी।
पूछताछ के नाम पर पुलि�� दंपति को थाने लाई थी। लड़की के पिता ने थाने में ही लड़की की हत्या कर दी। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि प्रदेश में जब लोग थाने में ही सुरक्षित नहीं हैं, तो बाहर कैसे सुरक्षित होंगे?
लड़का और लड़की दोनों बालिग थे। वे एक-दूसरे से प्रेम करते थे। चूंकि उनकी जाति अलग थी, अतः लड़की के पिता को यह रिश्ता उसके जातीय अभिमान के खिल��फ लगता था। इसी डर के कारण उन्होंने 18 मई को घर से भागकर रजिस्ट्रार कार्यालय में शादी कर ली थी। इसी बीच लड़की के पिता ने लड़के पर फर्जी मुकदमा दर्ज करा दिया, जबकि पुलिस को सारी सच्चाई पता थी।
पुलिस ने अपनी कानूनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए पूछताछ के नाम पर लड़का और लड़की दोनों को मध्य प्रदेश से बरामद कर थाने लाया था। लड़की के मां-बाप को भी थाने बुलाया गया था। पिता बार-बार लड़के के दूसरी जाति का होने की दुहाई देता रहा। इससे उसका जातीय अभिमान आहत हो रहा था। लेकिन लड़की अपने प्रेमी के साथ रहने की जिद पर अड़ी थी। अतः अपने जातीय अभिमान को बचाने के लिए पिता ने बेटी पर चाकुओं से हमला करके उसकी जान ले ली।
एक तरफ ये दरिंदे जातीय दंभ में इस कदर अंधे हो गए हैं कि दो कौड़ी की झूठी शान के लिए अपनी ही बेटी अथवा दामाद की हत्या कर रहे हैं। दूसरी ओर, यह घटना इस बात का गवाह है कि इन जातिवादी हैवानों को कानून का भी कोई डर नहीं है। वे अब थाने में घुसकर हत्याएं कर रहे हैं। दरिंदे पिता के साथ-साथ थाने पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। कब तक प्रेम विवाह करने वालों पर झूठी FIR दर्ज करके उन्हें प्रताड़ित किया जाएगा? जब पुलिस दंपति की सुरक्षा ही नहीं कर सकती थी, तो उन्हें थाने लाई ही क्यों?
शिवपुरी के गुजरात में पकड़े पाए गए प्रेमी युगल प्रकरण अत्यंत चिंताजनक है, प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर यह मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि संभावित ऑनर किलिंग, जातीय उत्पीड़न और @SpShivpuri पुलिस की भूमिका से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करता है,
@DrMohanYadav51 यदि संतोष जाटव और रजनी धाकड़ अपनी इ���्छा से साथ गए थे तथा पुलिस उन्हें गुजरात से बरामद कर चुकी थी, तो पुलिस अभिरक्षा और निगरानी के दौरान यह घटना कैसे हुई? जब युवती के परिजन भी साथ थे, तब सुरक्षा व्यवस्था में इतनी ��ड़ी चूक कैसे संभव हुई?
पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को देखते हुए इस मामले की जांच स्थानीय पुलिस के भरोसे छोड़ना न्याय के हित में नहीं होगा। इसलिए मेरी मांग है कि इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय एसआईटी (SIT) जांच कराई जाए और जांच की निगरानी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाए,
साथ ही, पीपरसमा गांव में जाटव समाज के लोगों के साथ कथित मारपीट, धमकी, पलायन और जमीनों पर कब्जे के आरोपों की भी निष्पक��ष जांच हो तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
@DGP_MP कानून से ऊपर कोई नहीं है। यदि यह ऑनर किलिंग है तो दोषियों को सख्त सजा मिले, और यदि किसी निर्दोष को फंसाने का प्रयास हुआ है तो सच्चाई सामने लाई जाए।
बिहार के 20% एससी वर्ग ने आरजेडी को हराकर सामाजिक परिवर्तन किया है।
श्री लालू प्रसाद यादव और श्रीमती रावड़ी देवी के शासनकाल में हुए नरसंहार
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कोसी नरंसहार 1990
बारा नरंसहार 1992
इचरी नरंसहार 1993
दलित आईएएस नरसंहार 1994
नाथी नरसंहार 1996
बथानी टोला नरसंहार 1996
लक्ष्मणपुर बाथे नरसंहार 1996
रामपुर चोराम नरसंहार 1998
चम्पा विश्वास बलात्कार 1998
उसरी बाजार नरसंहार 1999
शिल्पी-गौतम रेप हत्याकांड 1999
भीमपुरा नरंसहार 1999
सेनारी नरसंहार 1999
शंकर बीघा नरसंहार 1999
अफसर नरसंहार 2000
लखीसराय नरसंहार 2000
आदि ........
कुछ समय पहले तीन पार्टियां राष्ट्रीय पार्टी हुआ करती थी
पहली बहुजन स���ाज पार्टी
दूसरी तृणमूल कांग्रेस पार्टी
तीसरी आम आदमी पार्टी
ये तीनों पार्टियां सत्ता से बाहर हो गईं परन्तु तीनों अंतर वाकई मजेदार है
बहुजन समाज पार्टी 2012 से सत्ता से बाहर है लेकिन अपना वजूद आज भी बरकरार रखे हुए है लेकिन
बाकी जो ये दो पार्टी हैं दोनों पार्टी सत्ता से बाहर होकर ऐसे बिखरी हैं जैसे तास के पत्ते बिखर जाते हैं
बसपा कई चुनाव हारने के बाद भी किसी तरह की कोई बिखराव की स्थिति में नहीं पहुंची
इसका मूल कारण है अपना वेस वोटर जो बसपा का आज भी वोटर जुड़ा हुआ है
बाकी पार्टियां के पास कोई उनका खुद का वोट नहीं है इसलिए ये बिखर गईं
Update;
I submitted my complaint to the chairperson of Central Board of Film Certification seeking the immediate suspension of release of the film "Welcome to the Jungle" until the content derogatory to the SC (Bhand) community is cut, removed or suitably modified.
भारत के राजनैतिक इतिहास में इतनी बड़ी भागम भाग किसी ऐसी पार्टी में पहली बार हो रही है जो लगातार 3 चुनाव से सत्ता में थी। राष्टीय पार्टी बन चुकी। रिजल्ट आये कुछ दिन हुए ��र उसमे;
60 विधायको ने एकाएक ठेंगा दिखा दिया।
20 सांसदों ने ठेंगा दिया।
फिर आप मजबूत कन्हा थे? आप सत्ता में थे इसलिए मजबूत दिख रहे थे। अब "तू चल, में आया" कि तर्ज पर वो तक भाग रहा है जो बागी को कोस रहा था।
दृश्यम फ़िल्म देखी है?
जिसमे ऐसा वातावरण बनाया जाता है जिसमे एक कहानी बनाई जाती है, उस कहानी को इतना ज्यादा गम्भीरता से निभाया जाता है कि झूठ से बना माहौल भी सच लगता है।
पिछले 8 साल से कल्याण बन��्जी, ममता बनर्जी, सयानी घोष, केजरीवाल, ही चर्चाओं में है। ऐसा दिखाया जाता कि यह लोग ही भाजपा को रोक रहे है। एक दृश्यम जैसा वातावरण बनाकर रखा गया। इसमे "कोंग्रेस" भी फँस गयी। सपा तो कॉकरोच पार्टी तक को महत्व दे रही थी।।जबकि अब सयानी घोष व कल्याण बनर्जी जैसे स्वयं कह रहे है कि हम ममता से ��लग हो रहे है। ममता बनर्जी व केजरीवाल ने भाजपा को और मजबूत किया है, जैसे सपा ने उत्तर प्रदेश में भाजपा को स्थापित किया।
भाजपा 2014 से दृश्यम रूपी राजनैतिक माहौल बनाकर लड़ाई जीत रही है। जिसमे कमजोर से पक्ष को मीडिया के माध्यम से अपना विपक्ष बनाकर पूरा माहौल बनाती है व फिर आराम से जीत जाती है। समय समय पर;
1.केजरीवाल को अपना विपक्ष बनाकर दिखाया।
2.उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी से पर्दे के पीछे ���े गठबंधन करके दृश्यम माहौल बनाकर बसपा को लड़ाई में नही दिखाया।
3.बंगाल में 26 साल सत्ता में रही वाम दलों का नाम फक नही लिया दृश्यम रुपी माहौल बनाकर ममता व अपने मे लड़ाई दिखाई, जिसे ममता ने बखूबी हवा दी औऱ 2 विधायक वाली भाजपा सीधा 208 पर ममता ने पहचा दिया।
भाजपा इसमे माहिर है।। श्री मुलायम सिंह यादव जब पहली बार मुख्यमंत्री बने तब उससे पहले पूरे उत्तर प्रदेश में भाजपा के सांसद तक नही थे। पूरे देश म��� केवल दो सांसद थे। फिर कार सेवा की घोषणा हुई, श्री मुलायम जी ने पहले उन्हें अंदर आने दिया और फिर गोलियां चलवाई। इससे हिन्दू भाजपा के पक्ष में व मुस्लिम मुलायम जी के पक्ष में खड़ा हुआ। यह भी इतिहास है कि ;
1.श्री मुलायम जी ने मुख्यमंत्री रहते 2 सांसद वाली भाजपा को सीधा उत्तर प्रदेश में 57 पर पहचाया दिया व अगली सरकार पहली बार उत्तर प्रदेश में भाजपा की बनवा दी।
2.बहनजी ने भाजपा को 2009 में 10 लोकसभा पे ला दिया और श्री अखिलेश जी ने 2014 में भाजपा को 71 पे ला दिया।
जब जब सपा मजबूत हुई, उसने भाजपा को डबल मजबूत किया।
जब जब बसपा मजबूत हुई। भाजपा कमजोर हुई है। इसलिए बसपा को मीडिया की सुर्खियों से नदारद किया गया। यह सपा भाजपा का आपसी साहयोग है। जिसे नौशिखिया, अपरिपक्व टाइप व केवल हल्ला करने वाले नही पकड़ सकते है।।
विकास कुमार जाटव
सरधना,मेरठ : समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव वि���ीत सत्यप्रकाश भराला ने समाजवादी पार्टी की प्राथमिक सदयस्ता और सभी पदों से इस्तीफ़ा दिया।
विनीत सत्यप्रकाश भराला मेरठ के विधानसभा क्षेत्र सरधना से चुनाव लड़ने की तैयारी में थे,लेकिन समाजवादी पार्टी इस बात भी अतुल प्रधान को मैदान में उतारना चाहती है।
विनीत सत्यप्रकाश भराला की बीएसपी से चुनाव लड़ने की अटकलें तेज।
हरियाणा में डॉ. बी.आर. अंबेडकर लाइब्रेरी का नाम परिवर्तित किए ज��ने के निर्णय को निरस्त कर मूल नाम बहाल किए जाने हेतु महामहिम राष्ट्रपति महोदया श्रद्धेया द्रौपदी मुर्मू जी को पत्र लिखकर अनुरोध किया।
@mygovindia
@rashtrapatibhvn
सपा वाल��ं में देख लो विकेट गिरना शुरू हो गया जल्दी-जल्दी बसपा में सारे आ जाओ फिर सरकार बनाओ सरकार में हिस्सेदार बनो,
सपा में कुछ नहीं रखा है सपा बुरी तरीके से हार रही है ममता बनर्जी की तरह।।
Akshay Kumar makes casteist slur.
In the trailer of "Welcome to the Jungle,"
actor Akshay Kumar uses the term "Bhand" in a derogatory sense and humiliated Dalits.
Notably, "Bhand" is officially listed as a Scheduled Caste in Rajasthan, and members of the Bhand community live across India. I strongly condemn this and demand an immediate ban on the film until the objectionable part is reviewed and edited by the Central Board of Film Certification.
The actor Akshay Kumar, along with the writer and director, must be booked under the SC-ST Act if the law has been violated. As public figures, their words and actions have a significant impact on society. Such derogatory language in films can normalize casteist slurs against Scheduled Caste communities in India.
How could the writer, director, producer, and a large team of filmmakers and actors, including Paresh Rawal, Suniel Shetty, Arshad Warsi, Rajpal Yadav, Anil Kapoor, Sanjay Dutt, Raveena Tandon, Disha Patani, and Lara Dutta, overlook such a casteist and offensive term?
I urge the Ministry of Information and Broadcasting, the Central Board of Film Certification (CBFC), the National Commission for Scheduled Castes (NCSC), the Government of Rajasthan and the concerned authorities to take urgent cognizance of this matter. The movie should be reviewed immediately, and appropriate action should be taken without any delay.
''2027 का बिगुल बज चुके है।''
दिनांक 22 जून 2026 को जिला अयोध्या में बहुजन समाज पार्टी का 'टिकट घोषणा कार्यक्रम'
यूपी प्रदेश अध्यक्ष श्री ��िश्वनाथ पाल और बीएसपी के बड़े नेता उपस्थित रहेंगे।
जिला अयोध्या में भारतीय जनता पार्टी का किला ढहने वाला है।
जिला अयोध्या में पाँच विधानसभा सीटें हैं,जिनमें से अभी चार सीटें भाजपा के हाथ में हैं और एक सीट रिक्त है।
बीएसपी ने जिला अयोध्या से चुनावी रण की शुरुआत करके भाजपा के दाँत खट्टे कर दिये हैं।
बीएसपी ने जिला अयोध्या से यूपी विधानचुनाव 2027 की शुरुआत कर एक लम्बी लकीर खींच दी है।
अब भाजपा को अपने जीते हुए विधायक बचाने की चुनौती है। फिलहाल भाजपा के खेमे में छटपटाहट साफ-साफ दिख रही है।
देश मे दलितों के साथ जाति वाद ऊँच नीचे और अत्याचार रुकने का नाम नहीं ले रहा.गुजरात जहाँ से देश के माननीय PM आते हैं वहाँ के साबरकांठा के रूपाल गाँव के दलित अपना घर बार छोड़कर कहीं और जाना चाहते हैं हालत यह है कि आप वहाँ अच्छे कपडे नहीं पहन सकते अगर कोई मेहमान भी अच्छे कपडे पहनता है तो उसके साथ भी मारपीट करते है कोई साइकिल या मोटरसाइकिल से चलता है उससे मारपीट करते हैं, स्कूल मे दलित बच्चों के पिने का पानी अलग रखा जाता है हर तरफ से इनके पर अत्याचार होता है. इसी तरह के हालात उत्तराखण्ड मे भी जहाँ संडे को टिहरी मे 18 वर्ष के केत�� को जातिवादियों ने अपनी लड़की के मोबाइल से फोन कर बुलाया फिर रात भर बेरहमी लोहे की रॉड से पिट पिट कर हाथ और पैर तोड़े उसके नाखून कुचले जिससे उसकी मौत हो गयी . इस तरह की जातिवादी दानव आये दिन दलितों के साथ अत्याचार करते रहते हैं.लेकिन सरकार इन दलितों का भला और न्याय ना करके इन जातिवादियों का ही साथ देती है.अब अपने आप को बचाना है तो सामाजिक एकता ही आखिरी रास्ता है. अब तो sc/st कानून को भी कमजोर कर दिया.��ड़ी चालाकी से sc/st के अन्दर भी इन्ही लोगो ने आपसी वैमनस्यता भी पैदा कर दी.ताकि एक ना हो. तुम्हारी सामाजिक एकता से ही तुम्हारा भला होगा. क्योंकि सामाजिक एकता ही राजनीतिक ताकत देती है. जय भीम जय भारत
TMC को धोखा देकर BJP को मजबूत करने में सिर्फ सवर्ण ही नहीं, मुस्लिम सांसदों ने भी बराबर भूमिका निभाई है:
"यूसुफ पठान, अबू ताहिर खान और खलीलुर रहमान।"
दलितों को "फूट सोल्जर" कहने आरफा ख़ानम शेरवानी अब मुसलमानों को Hindutva's Foot Soldier नहीं कहेगी?
HUGE BREAKING - BSP is becoming the new home for angry SP leaders. 25 MPs and 55 MLAs in touch. Akhilesh’s lazy style has destroyed the party from within. #SPkaCyclePuncture
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नाम बताओ? परचून की दुकान सही चल रही या नही? बाबा साहब की सिर्फ एक बहन जीवित रही, बाकी का निधन पैदा होने के कुछ समय बाद ही हो गया। जो बच गयी, उंसकी शादी तब्य हो गयी जब बाबा साहब बहुत छोटेथे।
मतलब ब्राह्मण को आकाशवाणी हुई कि यह छोटा बालक जो प्राइमरी स्कूल जा रहा है आगे चलकर महान व्यक्तित्व बनेगा �� ब्राह्मण लड़कीं से शादी करेगा जिसे सविता जी के परिवार को जीजा कहना पड़ सकता है। इसलिए इनकीं बहन से शादी कर लो।।
☺️😊☺️😊☺️😊
हिंदू राष्ट्र की एक झलक।
उत्तराखंड में एक द्विज हिंदू लड़की और दलित लड़का
आपस में प्रेम करते थे। लड़का जब उससे मिलने गया तो घात लगाए परिजनों ने पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी।
जिस दलित को द्विज हिंदू इंसान नहीं समझते, भला उनसे रिश्ता कैसे बना ��ेंगे? बस यही इनका हिंदू राष्ट्र है।