16 साल पहले आज के ही दिन JPSC से चयनित 9 पदाधिकारियों को सेवा मुक्त किया गया था। आज फिर ऐसे निर्णय की ज़रूरत है। मामले में संलिप्त सभी को बर्खास्त किया जाए।
“जॉब नहीं मिलेगा, तो सिंहासन हिलेगा।”
कोटा के बाद, देहरादून के बाद अब ‘छात्रों की गूंज’ प्रयागराज पहुंच रही है।
यह वो शहर है जहां लाखों नौजवान सालों से तैयारी कर रहे हैं - फ़ॉर्म भरते हैं, फीस देते हैं, और इंतज़ार करते रहते हैं।
पेपर लीक ने उनका आज छीना। रुकी हुई भर्तियों ने उनका कल। और अभी कुछ दिन पहले, दिल्ली में इन्हीं बच्चों पर लाठियां और पैलेट चलाए गए - सिर्फ़ इसलिए कि उन्होंने अपने हक़ की बात की।
हम उनकी आवाज़ उठाते रहेंगे और उन्हें इंसाफ़ दिलाकर रहेंगे। अब बहाने नहीं चलेंगे - जवाबदेही लीजिए, या कुर्सी छोड़िए।
8 अगस्त - प्रयागराज में मिलते हैं।
#ChhatronKiGoonj
अस्पतालों में 24x7 विद्युत आपूर्ति के लिए ड्यूल लाइन और 24 घंटे में जला ट्रांसफार्मर बदलने, रांची में 3 नए स्मार्ट ग्रिड निर्माण, जलप्रपातों से जलविद्युत उत्पादन की संभावनाएं तलाशने, उपभोक्ता शिकायत निवारण प्रणाली को प्रभावी बनाने हेतु मुख्यमंत्री श्री @HemantSorenJMM का निर्देश
मुख्यमंत्री श्री @HemantSorenJMM ने PCCF #Wildlife एवं हजारीबाग, बोकारो व धनबाद के उपायुक्तों को बिजली विभाग के ग्रिड और ट्रांसमिशन लाइन्स से जुड़ी समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए।
साथ ही, जिला पदाधिकारियों को बिजली विभाग से संबंधित लंबित मामलों को दूर करने का आदेश दिया गया।
@JepcJharkhand कब तक झूठी उपलब्धियां गिनाते रहेंगे, 2017 से जिस ICT Instructors का सैलरी बढ़ने के बजाय कम होते जा रहे, इसका कारण JEPC का भ्रष्टाचार सिस्टम नहीं है, kya?
असलियत देखा जाय तो इस समय पूरे देश में छात्रों के लिए कोई लड़ रहा है तो वह नेहा बोरा हैं।
जंतर मंतर पर हो रहे प्रोटेस्ट में सोनम वांगचुक के साथ नेहा बोरा ने भी 23 दिनों तक भूख हड़ताल किया था।
इसी बीच पटना में हुए प्रदर्शन में बिहार सरकार ने कई छात्रों को गिरफ्तार कर लिया था,
नेहा को जब इसके बारे में पता चला तो उन्होंने बिहार पहुंचकर मजबूती के साथ आवाज उठाया।
उन्होंने सरकार से कहा कि गिरफ्तार छात्रों को रिहा किया जाय नहीं हम फिर से प्रदर्शन शुरू करेंगे।
अब खबर आ रही है कि बिहार सरकार ने गिरफ्तार किए गए सभी छात्रों को रिहा कर दिया है और केस वापस ले लिए हैं।
झारखंड में परीक्षा हो और विवाद न हो अब तो यह अपवाद लगता है
कहीं पेपर लीक, कहीं सेटिंग, कहीं भर्ती पर सवाल, कहीं cut-off जारी होने के बाद भी Joining अधर में, कहीं CBI की जांच, तो कहीं होटल से चल रहा भर्ती का खेल...
मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM का कोई ध्यान नहीं है
यह समस्याएँ आज की नहीं हैं। सालों से झारखंड की परीक्षा और भर्ती व्यवस्था सवालों के घेरे में है। फिर भी सरकार की उदासीनता देखकर लगता है कि युवाओं का भविष्य प्राथमिकता में है ही नहीं ।
पैसे की चोरी से बड़ा भ्रष्टाचार युवाओं के सपनों की चोरी है।सरकार किस लिए है इस व्यवस्था को कौन ठीक करेगा ? सरकार की ये लापरवाही लाखों युवाओं के साथ छल है।
अगर माइलेज 3–5% घटेगा, तो हर 100 किमी पर जनता की जेब से और पैसा निकलेगा। बाइक चालक 6–11 रुपये और कार चालक 21–35 रुपये तक अतिरिक्त खर्च करेगा।
भुगतान ज़्यादा, माइलेज कम–आखिर E20 के नाम पर जनता की जेब पर दोहरा वार क्यों?