भाजपा सरकार ने महाराष्ट्र में 72% आरक्षण justify करने के लिए कोर्ट में शुक्रे कमीशन रिपोर्ट दी है जिसमें बताया है कि पिछले 10 सालों में मराठाओं की स्थिति बदतर हो गयी!
जबकि इन 10 सालों में भाजपा ही सत्ता में थी!
ये पहली सरकार है जो कोर्ट में अपनी ही नाकामयाबी का ढोल पीट रही है😂
If you suspend accounts like Randomsena, you aren't fit to be called RW or Hinduwadi.
You are paid coolies of a political party, who just like other parties, aims to remain in power, by hook or crook.
मोदी जी स्वयं अपने खिलाफ समाज को एकजुट होने का आह्वान कर रहे हैं। अतः, आप जहाँ कहीं भी हैं, और आप मोदी एक्ट, मोदी समर्थित यूजीसी नियमावली, भाजपा के 72-75% आरक्षण को ले कर एकजुट होना चाहते हैं तो 29 दिसंबर 2026 को दिल्ली पहुँचिए और अपने अधिकारों, समाज और राष्ट्र के लिए खड़े होइए।
गलत!
13 जनवरी 2026 को UGC 2026 लागू हो गया था!
ये रहा gazetted नोटिफिकेशन👇
और अभी भी इसपर कोर्ट ने temporary stay लगाया है!
फाइनल decision अभी आया नहीं, ना ही सरकार ने इसको वापिस लेने की कोई घोषणा की है!
माने अबतक सरकार इसको वापिस नहीं ले रही और लोग अब भी गुणगान कर रहे हैं?
बढ़िया है 😂
गज़ब 🥱
भारत में 100 फीसदी आरक्षण लागू होने वाला है सामान्य वर्ग दरी चादर फट्टी बिछाएगा और जिंदाबाद करेगा।
पद- जूनियर असिस्टेंट SBI
UR-00
EWS-00
OBC-112
SC-207
ST-1219
पंचायत में बोल कर आया हूँ - अवैध मस्जिद नहीं रहेंगी
तुम बटें रहना जातियों में तुम मेरे साथ आना या मत आना
मैं लड़ूँगा - भारत माता की जय
Rt | If u Support
वैसे सवर्णों की एक और इनबिल्ट योग्यता है.. ये लोग को आरक्षण के बदले बौद्ध धर्म ग्रहण करने को बोलोगे तो 95% उस नौकरी को लात मार देंगे.. अगर तुम सवर्णों को कहो कि.. भाई कल से तेरा सवा लाख रुपये महीने की सरकारी नौकरी पक्की लेकिन तुम्हे बदले में कल से.. भगवान बुद्ध की मानना है और श्रीराम, श्रीकृष्ण, दुर्गा माता आदि को अपशब्द कहने हैं तो 95% सवर्ण मरना पसंद करेंगे लेकिन इस ऑफर को स्वीकार नहीं करेंगे...
सवर्ण ऐसे ही श्रेष्ठ नहीं थे.. ऐसे ही इनका मान सम्मान .. और समाज में धाक नहीं बना है... अपने सम्मान से , प्रतीकों से समझौता नहीं करते... !
मेरे मना करने के बाद भी कुछ लोग मोदी जी के कान में आइडिया दे ही देते हैं। लेटेस्ट न्यूज़ यह है कि आईआईटी बॉम्बे में JEE का रैंक या GATE का स्कोर पूछने पर बनेगा भेदभाव का केस। ये बहुत अच्छा कदम है उस ओर जहाँ मोदी जी खुद आईआईटी डायरेक्टर के सामने बैठकर यह कह सकें कि कमजोर छात्रों को चीटिंग कराने के लिए एक-एक प्रोफेसर स्वयं बगल में बैठेंगे।
हाँ अजीत जी, यह सही रहेगा क्योंकि फिर और भी आरक्षित शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। नहीं लाले, यहीं तू गलती कर गया। चीटिंग करवाने वाले प्रोफेसरों की नियुक्ति में मोदी जी कटऑफ में कोई कॉम्प्रोमाइज नहीं करवाएँगे, वहाँ तो ओपन ही होगा सब कुछ, नहीं तो पता नहीं एज रिलैक्सेशन के साथ-साथ एग्जाम की अवधि 8 घंटे और 30 लाने पर 80 माने जाने की गाइडलाइंस भी बनानी होंगी।
अब धीरे-धीरे मोदी जी अंक लाने की समस्या ही समाप्त करा देंगे। एडमिशन हो गया तो फर्स्ट क्लास की डिग्री दे दी जाएगी। ना परीक्षा, ना अवसाद, ना भेदभाव और विकसित भारत इन 2047 बेबी, ओह येह!
आज ब्लू है पानी, और दिन है सनी, बीट इट बीट इट बीट इट बीट इट बीट इट!
मध्यप्रदेश के ‘जातिवादी हत्यारा राम’ के बाद प्रस्तुत है, महाराष्ट्र के ‘शूद्र संत तुकाराम जो ब्राह्मणों से घृणा करते थे’ का कुतर्क ताकि 73% आरक्षण को उचित बताया जा सके।
ये है आपकी और हमारी भाजपा जो भगवान से ले कर संत तक, सबको जातीवादी बताएगी ताकि इन्हें चार वोट मिल सकें।