हटाने से क्या होगा ❓ वह कहीं ओर सेट हो जायेंगे और वहीं जाकर इसी प्रकार के भ्रष्टाचार होने देंगे..‼️
गृहमंत्रालय आपके वश का नहीं है कृपया इस पद को त्यागकर किसी अन्य व्यक्ति को सौंपें।
मोहन सरकार अब पुराने जनसेवा मित्रों को हटाकर नए ‘CM यंग इंटर्न’ को नियुक्त करेगी।
मध्य प्रदेश में 9390 जनसेवा मित्रों को अचानक बाहर करना केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि हजारों युवाओं के भविष्य के साथ सीधा अन्याय है।
ये वही युवा हैं जो प्रशिक्षित हैं, ज़मीनी अनुभव रखते हैं और वर्षों से जनता की सेवा कर रहे थे। ऐसे में उन्हें हटाकर नई भर्ती की बात करना सरकार की नीयत और नीति दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
रोजगार के नाम पर ऐसे अस्थायी प्रयोग युवाओं के भरोसे को तोड़ते हैं। उन्हें स्थिरता, सम्मान और सुरक्षित भविष्य चाहिए, न कि बार-बार की अनिश्चितता।
मोहन सरकार को तुरंत इस फैसले पर पुनर्विचार कर जनसेवा मित्रों को बहाल करना चाहिए।
@DrMohanYadav51
जनसेवा मित्रो की तरह अब दुबारा सरकार 10 हजार रूपये प्रतिमाह मे सरकार की योजनाओ का प्रचार करने के लिए युवाओं धोखा देने की तैयारी कर रही है
@CMMadhyaPradesh@digvijaya_28@PROJSDhar
आज मध्य प्रदेश विधानसभा में जनहित के कई गंभीर मुद्दों पर आवाज उठाई गई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित Jeffrey Epstein प्रकरण का उल्लेख करते हुए बेटियों की सुरक्षा पर कड़ा रुख अपनाने की मांग की गई—संदेश स्पष्ट था कि प्रदेश में गायब होती बेटियों के मामलों पर ठोस, समयबद्ध कार्रवाई हो।
उच्च शिक्षा में वर्षों से बड़ी संख्या में स्वीकृत पद खाली हैं, जिससे विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शिक्षण गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। स्वास्थ्य सेवाओं की बदतर स्थिति—विशेषकर जिला अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी और जांच सुविधाओं के अभाव—को भी उठाया गया।
साथ ही पैसा मोबिलाइजर्स और जनसेवा मित्र से जुड़े युवाओं के न्यायपूर्ण समायोजन की मांग रखी गई। आदिवासी क्षेत्रों में जल–जमीन की रक्षा, Panchayats (Extension to Scheduled Areas) Act, 1996 (PESA) और Scheduled Tribes and Other Traditional Forest Dwellers (Recognition of Forest Rights) Act, 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया। अलीराजपुर की बेटी रौशनी कलेश को न्याय दिलाने की मांग के साथ यह स्पष्ट किया गया कि विकास तभी सार्थक है जब सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और संवैधानिक अधिकार साथ चलें।