जगतगुरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज द्वारा
राजकीय मा. वि. धमाणा, हांसी के विद्यार्थियों को लाने-ले जाने के लिए निःशुल्क सुविधा हेतु
स्कूल वैन भेंट की गई।
तथा स्कूल वैन का सारा खर्च (ईंधन खर्च, ड्राइवर वेतन, मेंटेनेंस खर्च) आजीवन वहन किया जाएगा।
#GodMorningMonday@KiranKmt
#GodNightTuesday
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गीता अध्याय 18 श्लोक 61:-
(गीता ज्ञान दाता ने अपने से अन्य परमेश्वर
की महिमा बताई है।)
हे अर्जुन !शरीर रूप यंत्र में आरूढ़ हुए संपूर्ण प्राणियों को परमेश्वर अपनी माया से(उनके कर्मों के अनुसार) भ्रमण कराता हुआ सब प्राणियों के हृदय में स्थित है।
#सत_भक्ति_संदेश
जब सांसारिक व्यक्ति आपके भक्ति मार्ग
में बाधा डाले,तो उनको उलटकर जवाब न दें
अपनी भक्ति को छुपाकर सुरक्षित रखें
सामान्य स्थिति होते ही फिर उसी गति से साधना करें।
इस प्रकार करने से
निश्चय जाय पुरुष के पासा
वह साधक परमात्मा के पास अवश्य चला जाएगा।
#GodMorningMonday
# GodMorningMonday
अज्ञानी गुरु गरीब, बीजक की बातां कहें, बीजक नांही हाथ। पृथ्वी डोबन उतरे, ये कह कह मीठीबात ।। वे अज्ञानी धर्मगुरु तत्वज्ञान कहकर कोरे अज्ञान का प्रचार करते हैं क्योंकि उनको तत्वज्ञान का पता नहीं है। वे झूठे व्यक्ति पृथ्वी पर मानव के अनमोल जीवन#SantRampajiQuotes
#परमात्मा_का_प्रकट_दिवस
स्वामी रामानंद जी को कबीर साहेब जी बताते है कि मेरा शरीर ना तो पांच तत्व का बना है और ना ही मेरा जन्म हुआ है, मैं तो जीवों के उद्धार के लिए सशरीर प्रकट हुआ हूँ।
627th Kabir Prakat Diwas
#परमात्मा_का_प्रकट_दिवस
”न मेरा जन्म, न गर्भ बसेरा, बालक होय दिखलाया काशी नगर जलकमल पर डेरा, तहाँ जुलाहे ने पाया।”
लगभग 626 वर्ष पूर्व 1398 में कबीर साहेब जी सतलोक से आकर काशी शहर के लहरतारा तालाब में कमल के फूल पर प्रकट हुए। 🪴🪴
627th Kabir Prakat Diwas
#परमात्मा_का_प्रकट_दिवस
कबीर परमात्मा माँ के गर्भ से जन्म नहीं लेते, ना ही उनकी कोई पत्नी थी। क्योंकि वे तो सबके उत्पत्तिकर्ता हैं। ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 96 मंत्र 17 में प्रमाण है कि कविर्देव शिशु रूप धारण कर लेता है। लीला करता हुआ बड़ा होता है
627th Kabir Prakat Diwas
#प्रकटदिवस_पर_विशेषकार्यक्रम
कबीर परमेश्वर के प्रकट दिवस पर संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में 22 जून को सुबह 9:15 बजे से होने वाले विशेष कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखिये साधना टीवी चैनल और Sant Rampal Ji Maharaj Youtube Channel पर।
Kabir Sahib Prakat Diwas
Today is #परमात्मा_का_प्रकट_दिवस means 627th Kabir Prakat Diwas. 22th June 2024 marks the holy day when 626 years ago, Lord Kabir Saheb Ji himself came down to earth — only to save his souls from ‘Kaal’ and to convey the most authentic spiritual knowledge and our way to salvation
#परमात्मा_का_प्रकट_दिवस
काशी शहरकी पवित्र भूमिपर ज्येष्ठ मास की शुक्ल पूर्णमासी विक्रमी संवत्1455(सन् 1398)सोमवार सुबह सुबह ब्रह्म मुहूर्त में पूर्ण परमेश्वर कबीर/कविर्देव जीस्वयं अपने सतलोक से आकर लहरतारा तालाब में कमल के पुष्प पर बालक रूप में प्रकट हुए।
627th Kabir Prakat Diwas
🙏🏻ज्येष्ठ मास की शुक्ल पूर्णमासी विक्रमी संवत् 1455 (सन् 1398) सोमवार को ब्रह्म मुहूर्त में कबीर परमेश्वर जी काशी के लहरतारा तालाब पर कमल के फूल पर शिशु रूप में प्रकट हुए। उनका जन्म माता के गर्भ से नहीं हुआ।🙏🏻
#परमात्मा_का_प्रकट_दिवस
627th Kabir Prakat Diwas
#परमात्मा_का_प्रकट_दिवस
स्वामी रामानंद जी को कबीर साहेब जी बताते है कि मेरा शरीर ना तो पांच तत्व का बना है और ना ही मेरा जन्म हुआ है, मैं तो जीवों के उद्धार के लिए सशरीर प्रकट हुआ हूँ।
627th Kabir Prakat Diwas
#परमात्मा_का_प्रकट_दिवस
स्वामी रामानंद जी को कबीर साहेब जी बताते है कि मेरा शरीर ना तो पांच तत्व का बना है और ना ही मेरा जन्म हुआ है, मैं तो जीवों के उद्धार के लिए सशरीर प्रकट हुआ हूँ।
पाँच तत्व की देह ना मेरी, ना कोई माता जाया।
जीव उदारन तुम को तारन, सीधा जग में आया।। – ⤵️
#परमात्मा_का_प्रकट_दिवस
स्वामी रामानंद जी को कबीर साहेब जी बताते है कि मेरा शरीर ना तो पांच तत्व का बना है और ना ही मेरा जन्म हुआ है, मैं तो जीवों के उद्धार के लिए सशरीर प्रकट हुआ हूँ।
627th Kabir Prakat Diwas