जितना तू जिया नहीं,
हम उतनी दफा मरते है।
हम हर पल बनते और हर पल बिखरते है।
हम तेरे हर दर्द को समझते है।
जो तू सोच भी ना सके,
वो माला पिरो हम रखते हैं।
क्या समझा
हम वो कवि है साहब
जो तेरा हर दर्द समझते है।
तेरे दर्द को दिल में छुपा,
मोहब्बत की तरह रखते है
हम तेरा हर दर्द समझते है
@Hindi_panktiyan जीवन की चकाचौंध में इतना कब खो गया
बड़े बड़े महलों में रहने वाला इंसान,
कब इतना कमजोर हो गया
तुमसे बेहतर तो वो हाथ है
जो किसी का होकर भी
सारे जहां का हो गया
तुम अंधेरे में बैठ शोक मना रहे थे
तुमसे बेहतर वो हाथ है जनाब
जो अपनी खुद्दारी लिए
रिक्शा सड़क पे चला रहे थे।
समस्त मध्य प्रदेश आयुर्वेद के छात्रों द्वारा प्रदेश में चल रहे अनिश्चित कालीन प्रदर्शन के दौरान आज धरने के 7वें दिन भोपाल आयुर्वेद महाविद्यालय ने सद्बुद्धि यज्ञ का आयोजन किया और रीवा, ग्वालियर, उज्जैन महाविद्यालयों ने अपने अनिश्चित कालीन हड़ताल को जारी रखा ।
birthdays are actually incredibly sad because you realise there are actually not a lot of people who care enough to even type a message, and these are the ones you’ve given your heart and soul to at some point in your life
प्रधानमंत्री देश को विश्वगुरु बनाने की बात करते हैं पर आयुर्वेद के छात्रों को अपनी परीक्षा समय से करने के लिए भी सड़कों पर उतरना पड़ रहा है फिर भी शासन कीओर से कोई प्रतिक्रिया नहींआ रही|क्या ऐसे ही हमारा देश विश्वगुरू बनेगा?
महंगाई बढ़ती जा रही है पर आयुर्वेद के इन्टर्न का स्टाईपन्ड उतना का उतना ही है छात्र भूख हड़ताल पर हैं पर शासन द्वारा इन्हें लगातार अनदेखा किया जा रहा है। जाति-धर्म की राजनीति कर जनता के मूल मुद्दों को अन्देखा करती सरकार की नींद खोलने छात्रों ने कविता के माध्यम से सन्देश दिया।
समस्त मध्य प्रदेश आयुर्वेद के छात्रों द्वारा प्रदेश में चल रहे अनिश्चित कालीन प्रदर्शन के दौरान आज धरने के 7वें दिन भोपाल आयुर्वेद महाविद्यालय ने सद्बुद्धि यज्ञ का आयोजन किया और रीवा, ग्वालियर, उज्जैन महाविद्यालयों ने अपने अनिश्चित कालीन हड़ताल को जारी रखा ।
जननी बनकर आयुर्वेद ने जिनको पाला है।
उन कुपुत्रों ने आज कैसा कुशासन कर डाला है।
जिससे चलता वैद्यो के घर का राशन,
फिर आयुर्वेद की उपेक्षा क्यों करे है शासन ।।