कांग्रेस पार्टी विद्यार्थियों के साथ है। झारखंड हो, पंजाब हो, दिल्ली हो, कहीं भी हो, हम सब, राहुल गाँधी जी और पूरी कांग्रेस पार्टी हमारे विद्यार्थियों के साथ खड़े हैं।
चाहे हमारा alliance partner हो, या चाहे हमारा opposition हो, हम विद्यार्थियों व युवकों के साथ हैं। उनकी समस्या को हल करने के लिए हम लड़ते रहेंगे।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद @ShayarImran जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
आप जनसेवा के पथ पर सदैव अग्रसर रहें। आने वाला वर्ष आपके लिए मंगलमय हो और आपके जीवन में ढेर सारी खुशियां लेकर आए।
पूर्व राज्यपाल एवं किसान हितैषी स्व. श्री सत्यपाल मलिक जी की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ।
सत्यपाल मलिक जी ने आजीवन जनहित, किसानों के अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों की निर्भीकता से आवाज़ उठाई। उनका संघर्ष, त्याग और जनसेवा के प्रति समर्पण हम सभी के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रहेगा।
पिछले 15 दिनों से पूरा विपक्ष लगातार यह माँग कर रहा है कि छात्रों पर हुई बर्बरता को लेकर सदन में केंद्रीय गृह मंत्री बयान दें। लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री लगातार लापता हैं।
जिस तरह से विद्यार्थियों को पीटा गया, उनके ऊपर pellet gun चलाई गई, tear gas चलाई गई, यह सब किसके इशारे पर हुआ। इस पर सरकार को खुद statement देना चाहिए था। लेकिन गृह मंत्री दिल्ली में रह कर भी सदन में न आकर लोकतंत्र के मंदिर का लगातार अपमान कर रहे हैं। जवाबदेही से बच रहे हैं।
आज सभापति, राज्य सभा ने संसदीय कार्यमंत्री को निर्देश दिया है कि वो विपक्ष की भावनाओं से गृहमंत्री को अवगत कराएं। उनसे सदन में आने को कहें। हम सभापति जी को धन्यवाद देते हैं।
सरकार को यह जवाब देना होगा कि छात्रों पर pellet gun क्यों चलाई गयी, tear gas और लाठी किसके कहने से चली, Barricades पर करंट क्यों दौड़ाया गया, कीलें लगी लाठी से बच्चों पर प्रहार क्यों हुए।
देश जानना चाहता हैं कि सादे कपड़ों में छात्रों को पीटने वाले लोग कौन थे? CRPF की RAF force को लाठी चलाने का आदेश किसने दिया है।
आंदोलन वापस लेने के बाद भी बच्चों को भाजपा और संघ के लोग प्रताड़ित कर रहे हैं। बच्चों को और उनके परिवार के लोगों को धमका रहे हैं।
ये सारी बातें सदन में Home Minister ही साफ कर सकते हैं। उनको सदन में आकर जिम्मेदारी लेनी चाहिए और देश से माफी माँगनी चाहिए।
धरना दे रहे आनंदीलाल पोद्दार मूक बधिर विद्यालय के विद्यार्थियों से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत की :
लोकसभा का मेंबर बना पहला काम मैंने किया, यह जो बच्चे हैं, डेफ एंड डम्ब ( मूक-बधिर), तो मैंने उन्हीं के लिए गांधी बधिर विद्यालय खोला था। आज इस बात को करीब 40 साल से ज्यादा हो गया। अब वो बढ़ते-बढ़ते कॉलेज बन गई है जोधपुर के अंदर।
इस प्रकार से मेरे को उस वक्त से मालूम है कि डेफ एंड डम्ब बच्चों की प्रॉब्लम क्या रहती है। आजकल तो बहुत ही आधुनिक तकनीकें आ गई हैं। हमारी गवर्नमेंट ने ही शुरू की थी देश के अंदर, बाद में भारत सरकार ने शुरू किया। 7 साल- 8 साल तक के बच्चों को जो है कॉकलियर इंप्लांट लग जाते हैं।
बच्चे का अगर बचपन में सरकार ऑपरेशन करवा देती है जैसे मैंने शुरू किया राजस्थान के अंदर, मेरे दूसरे कार्यकाल के अंदर, साढ़े 6-7 लाख का खर्चा आया। हमने जो भी बच्चा आया, सबका कॉकलियर इंप्लांट लगाया तो वो बच्चे उसके बाद में बोलना और सुनना सीख जाते हैं। जब सुनना सीखेंगे तो बोलना सीख जाते हैं। प्रॉब्लम आती है सुनने में। अगर पैदाइश से ही वो सुन नहीं सकता, तो ये बोलेगा क्या? जब सुनाई ही नहीं देता है तो कौन क्या बोल रहा है। तो ये जो नई तकनीक आई है, बहुत ही कारगर है। अब मैंने सुना भारत सरकार ने भी इसके ऊपर ध्यान दिया है। तो राजस्थान तो वो राज्य है।
अभी बच्चों की प्रॉब्लम यही थी, एक तो टीचर्स जो हैं, ये साइन लैंग्वेज होती है, बिना साइन लैंग्वेज के जो टीचर लगे हुए हैं अधिकांश, वो क्या पढ़ाएंगे जब उनको साइन लैंग्वेज खुद को नहीं आती है, इनको क्या पढ़ाएंगे? और ये तमाम बच्चे बड़े एक्सपर्ट बन गए हैं, काफी लोग, जो साइन लैंग्वेज से बातचीत कर सकते हैं सब।तो इनकी उस संबंध में समस्याएं हैं।
फिर व्यवहार क्या है टीचर्स का, इनके नियम-कायदे फॉलो होते हैं कि नहीं होते हैं, सरकार सुविधाएं देती है वो इन तक पहुंचती हैं कि नहीं पहुंचती हैं, बिल्डिंग जर्जर हालत में है, बाथरूम गंदे पड़े हैं, गंदगी साफ नहीं होती है, जनरल समस्याएं इन्होंने बताई हैं।
तो मैं मुख्यमंत्री को खुद लिखूंगा डी.ओ. लेटर, बताऊंगा कि मैं जाके आया हूँ और मेरा खुद का बैकग्राउंड इन्हीं की सेवाओं से शुरू हुआ है। मैं उनको अहसास करवाने की कोशिश करूँगा कि आप भी ध्यान दें। ये लड़के-लड़कियाँ यहाँ पर करीब 300 के लगभग पढ़ रहे हैं यहाँ पर। तो जब बोल नहीं सकते, सुन नहीं सकते, आप सोच सकते हो क्या बीत रही होगी। साइन लैंग्वेज ही है जिससे अपना वो जीवन बसर कर सकते हैं। ये बच्चे बड़े उम्र के हैं, इनका वो ऑपरेशन भी नहीं हो सकता है। ये स्थिति है।
तो इसलिए मैंने जान-बूझकर उचित समझा कि मैं खुद जाऊँ। अभी मिस्टर जूली साहब आके गए थे, वो विपक्ष के नेता हैं, वो भी उठाएंगे असेंबली में भी। वो भी लिखेंगे मुख्यमंत्री जी को, हम दोनों बात करेंगे आपस के अंदर। और जो भी हो सकता है।
ये संस्थान बहुत शानदार संस्थान है । पोद्दार जी के नाम से बनी है, 50 साल पहले बनी होगी, इसका अपना अलग महत्व है राजस्थान के अंदर। बाकी तो धीरे-धीरे पनपती हैं, सात हैं, आठ हैं, जो भी संस्थान हैं।
दुर्भाग्य है प्रदेश का कि मैंने जो बाबा आमटे विश्वविद्यालय खोला यहाँ निशक्तजनों के लिए, उसमें डेफ एंड डम्ब भी आते हैं, ब्लाइंड भी आते हैं, हैंडीकैप्ड भी आते हैं। वो विश्वविद्यालय कागजों के अंदर है। वीसी को बिठा रखा है ये शिक्षा संकुल के अंदर। सरकार की ये स्थिति है, ढाई साल से वो वीसी बिठा रखा है वहाँ पर। अब रिटायरमेंट हो गया उनका।
कुछ सेक्टर ऐसे होते हैं जहाँ राजनीति बीच में नहीं आती। उसमें तो सरकार को चाहिए चाहे कोई पार्टी के बच्चे पढ़ते हों, किसी परिवार के कोई, किसी पार्टी का कोई मतलब नहीं है। ये तो सेवा का काम है। इनकी सेवा करना, ईश्वर की सेवा करना है।
आज दिल्ली स्थित मेरे आवास पर 17वीं लोकसभा में मेरे साथ सदस्य रहे बिजनौर (उत्तर प्रदेश) के पूर्व सांसद श्री मल्लूक नागर जी एवं नगीना (उत्तर प्रदेश) के पूर्व सांसद श्री गिरीश चंद्र जी ने शिष्टाचार मुलाकात की।
इस दौरान आप दोनों के साथ समसामयिक राजनीतिक विषयों, जनहित के विभिन्न मुद्दों तथा देश के वर्तमान परिदृश्य पर चर्चा हुई |
@MalookNagar_MP@RLPINDIAorg
ख़ुद का बेटा बनेगा BCCI का सेक्रेटरी,
और आम लोगों के बच्चों को गोली और लाठी?
देश संविधान से चलेगा, किसी मंत्री-संतरी के मनमानेपन से नहीं।
जवाबदेही लेनी पड़ेगी, माफ़ी तो माँगना पड़ेगा।
आज स्थानांतरण आंदोलन में हिस्सा लिया,,सभी को बहुत-बहुत धन्यवाद,,,ऐसे आंदोलन समय समय पर होते रहना जरूरी है जिससे कर्मचारियों की आवाज ऊपर तक पहुंच सके..तृतीय श्रेणी अध्यापक स्थानांतरण से बेन हटाया जा सके,भेदभाव सिर्फ 3rd grade अध्यापकों से क्यों?.. राज.प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक
तृतीय श्रेणी शिक्षक लम्बे समय से स्थानांतरण की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। आज अपनी इस जायज मांग को लेकर जयपुर स्थित शहीद स्मारक पर उन्होंने धरना भी दिया |
जब शिक्षक ही अपनी मूलभूत प्रशासनिक समस्याओं के समाधान के लिए सड़कों पर उतरने को विवश हों, तो यह सरकार की संवेदनहीन कार्यप्रणाली को दर्शाता है।
मैं प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp से मांग करता हूँ कि इन शिक्षकों की पीड़ा को सुनते हुए जल्द से जल्द पारदर्शी रूप से तृतीय श्रेणी शिक्षकों का तबादला करने से जुड़ी मांग पर सकारात्मक निर्णय लिया जाये |
@RajCMO
कॉमनवेल्थ खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर देश और राजस्थान का नाम विश्व मंच पर रोशन करने वाली हमारे प्रदेश की बेटी अरुंधति चौधरी के जयपुर पहुंचने पर सरकार के किसी भी मंत्री या वरिष्ठ अधिकारी का स्वागत करने तक नहीं पहुंचना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है |
मैं प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp से पूछना चाहता हूं कि सरकार की इस संवेदनहीनता के लिए कौन जिम्मेदार है ?
राजस्थान का नाम विश्व पटल पर रोशन करने वाला इस बेटी के लिए राजस्थान सरकार द्वारा अभी तक किसी प्रकार की आर्थिक मदद की घोषणा क्यों नहीं की गई ?
भाजपा सरकार को यह समझने की जरूरत है कि देश का मान बढ़ाने वाली बेटियां सम्मान की हकदार हैं, उपेक्षा की नहीं।
🇮🇳🥇
@RajCMO
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र फीस वृद्धि और सीट कटौती के खिलाफ़ अपने भविष्य की लड़ाई लड़ रहे हैं। लेकिन प्रशासन छात्रों को सुनने के बजाय उन पर FIR कर रहा है।
मोदी सरकार की नीति ही युवाओं की आवाज़ दबाना है। सवाल पूछो तो लाठी, विरोध करो तो मुक़दमे, और आवाज़ उठाओ तो पेलेट गन।
जब मैंने छात्रों की बात को सुनने के लिए प्रयागराज आने का फैसला किया, तब से प्रशासन मेरे कार्यक्रम को हर संभव तरीके से रोकने की कोशिश कर रहा है।
साफ़ है, उन्हें छात्रों की गूंज से भी डर लग रहा है।
मैं छात्रों के साथ हूँ। सरकार चाहे जितनी भी कोशिश कर ले, मुझे छात्रों की आवाज़ उठाने से रोक नहीं सकती।
#बांसवाड़ा जिले में स्थित मानगढ़ धाम केवल एक पहाड़ी नहीं, बल्कि हजारों आदिवासी वीरों के बलिदान की पवित्र धरती है।
लोकसभा में मैंने केंद्र सरकार से मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग उठाई, लेकिन केंद्र सरकार ने इसे अस्वीकार कर दिया।
इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण कुछ नहीं हो सकता की भारत सरकार के मंत्री श्री @gssjodhpur
ने लिखित में लोक सभा में आज यह कह दिया कि यह स्थल राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने योग्य नहीं है।
सरकार का यह जवाब आदिवासी गौरव का अपमान है | मैं भारत सरकार के पर्यटन और संस्कृति मंत्री से कहना चाहता हूं कि इतिहास केवल पुरातात्विक संरचनाओं से नहीं, बल्कि उन शहीदों के रक्त से भी लिखा जाता है जिन्होंने अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी |
मानगढ़ जनसंहार भारत के जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम का अमिट अध्याय है।
@PMOIndia
#MangarhDham #RLP
नागौर जिले की खींवसर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक पर 205 बीघा सरकारी भूमि पर कब्जा कर, आमजन के पीने के लिए सप्लाई होने वाले नहरी पानी को चोरी से फसल में उपयोग लेने ,सरकारी ट्यूबल से पानी चोरी तथा बिजली चोरी करने जैसे आरोप केवल भ्रष्टाचार नहीं बल्कि जनता के अधिकारों पर सीधा हमला है।
यह सिर्फ एक विधायक का मामला नहीं, बल्कि जनता की जमीन, जनता के पानी और जनता के पैसे पर कथित संगठित कब्जे का गंभीर प्रश्न है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp और भाजपा सरकार को जनता के समक्ष स्पष्ट जवाब देना चाहिए कि -
1- क्या 205 बीघा सरकारी भूमि से विधायक और उनके परिजनों को बेदखल किया जाएगा ?
2- क्या बिजली और पानी चोरी के मामलों में एफआईआर दर्ज होगी ?
3 क्या सरकारी अनुदान से निजी खातेदारी में बनाए जाने वाले भवन को सरकारी खातेदारी में बनाकर उसका दुरुपयोग करने से जुड़े मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच की जाएगी ?
4- क्या विधायक और उनके परिवार पर भी वही कानून लागू होगा जो आम नागरिक पर लागू होता है ?
मैं प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी से भी पूछना चाहता हूं कि इसी विधायक पर पूर्व में करोड़ों रुपये के अवैध खनन, फर्जीवाड़े से फसल बीमा क्लेम उठाने तथा विधायक कोष से विकास कार्य स्वीकृत करने के बदले कमीशन लेने जैसे गंभीर आरोप सार्वजनिक हो चुके हैं। विधायक निधि में कमीशन लेने से जुड़ा मामला आज भी राजस्थान विधानसभा की सदाचार समिति के समक्ष लंबित है।
जब आपकी सरकार “Zero Tolerance on Corruption” की बात करती है, तब सवाल उठता है ,क्या यह नीति भाजपा और उससे जुड़े लोगों के लिए लागू नहीं होती है क्या ?
भाजपा विधायक पर आरोप आते ही सत्ता मौन क्यों हो जाती है?
@PMOIndia@RajCMO