#Bikaner: प्राध्यापकों का प्रदर्शन, वरिष्ठता कॉमन सीनियरिटी बनाकर पद्दोनति करने की मांग की
प्राध्यापक स्कूल शिक्षा कॉमन सीनियरिटी संघर्ष समिति राजस्थान की ओर से बीकानेर में किया गया प्रदर्शन, एक भर्ती से चयनित.....
#RajasthanWithFirstIndia@BhajanlalBjp@madandilawar
https://t.co/VPWNXHV64S साहब श्री @BhajanlalBjpजी कांग्रेस सरकार के अन्यायपूर्ण वरिष्ठता नियम को निरस्त करें। उपप्राचार्य पदोन्नति में comman सीनियरिटी लागू करें। 10000+ व्याख्याताओं के "अवसर की समता "के मौलिक अधिकार की रक्षा करें।
#VP_DPC_में_Common_Seniority_लागू_करो
माननीय
@madandilawar
झालावाड़ जिले के मनोहर थाना क्षेत्र के पिपलोदी राउप्रा विद्यालय में छत गिरने से हुए दर्दनाक हादसे पर
@RssAmbedkar
गहरी संवेदना प्रकट करता है
#बच्चों व शिक्षकों की जान के साथ कोई समझौता स्वीकार नहीं
#जर्जर विद्यालय भवनों कीसमीक्षा हो
पर्याप्त कक्षाकक्ष हों
#माननीय@cmo@madandilawar
शिक्षकों को BLO, भेड़ निष्क्रमण ड्यूटी, ई ग्राम प्रभारी सहित गैर शैक्षणिक कार्यों में नहीं लगाया जावे
#गैर शैक्षणिक कार्यों में ड्यूटी नहीं लगाने हेतु अन्य विभागों को पाबंद कर शिक्षक जगत को राहत प्रदान करें
#rssambedkar
https://t.co/QPlnKP2Kc2
तृतीय श्रेणी शिक्षकों की DPC एडिशनल विषय विवाद के चलते विगत 5 वर्षों से लंबित!
सुप्रीम कोर्ट में 24 जुलाई को अंतिम सुनवाई
राज्य सरकार से मांग
"मजबूती से पैरवी कर रुकी पदोन्नति का रास्ता खोलें !"
@K_Barupal
प्रदेश अध्यक्ष
सोहन जोहरम
प्रदेश महामंत्री
परीक्षा मे जरूरी कपड़ो के अलावा मंगलसूत्र, नथ, बाली, अन्य गहने, मोली आदि चीजें नही पहनकर प्रवेश करने के निर्देश होते हैं तो उसी की पालना में किया होगा
सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ा जा सकता था इस तरह की कार्रवाई का संगठन विरोध करता है
@DmDungarpur से आग्रह बहाल कर न्याय दे
@RajCMO
मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी
डीपीसी के बाद
मंत्रालयिक कर्मचारी यथास्थान
व्याख्याता यथास्थान
उप प्राचार्य यथास्थान
प्राचार्य यथास्थान
जिलाशिक्षा अधिकारी यथास्थान
संयुक्त निदेशक यथास्थान
जब डीपीसी की है तो इन्हें पदस्थापन भी दो ताकि विद्यार्थियों को लाभ मिले
@madandilawar
जब आप कहते हो कि आज भी आरक्षण क्यों तो उसका जवाब इस ख़बर में है।
अजमेर के एक गांव में एक बारात आनी थी, दुल्हन के परिवार ने पुलिस से कहा हमें सुरक्षा दीजिए क्योंकि
हमारे यहां दूल्हे के घोड़ी चढ़कर आने पर पहले अप्रिय घटनाएं हुईं हैं, बताया जा रहा है कि
25 बाराती
30 घराती
75 पुलिस वाले
थे तब जाकर दूल्हा को घोड़ी पर बैठाकर सकुशल बारात पहुंच पाई।
हमारे समाज में आज भी यह गंदगी है, न जाने किसी के घोड़ी पर बैठने से किसी को क्या दिक्कत होती है।